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साथी की हत्या पर अधिवक्ताओं में उबाल
गोंडा/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 11 Feb 2016 11:05 PM IST
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लखनऊ में बुधवार को अधिवक्ता श्रवण कुमार की हत्या के विरोध में गुरुवार को जिले में वकीलों में उबाल आ गया। वकीलों ने प्रदर्शन किया और दोषियों को तत्काल गिरफ्तार कर कड़ी कार्रवाई की मांग की। वहीं करनैलगंज में अधिवक्ताओं ने गोंडा-लखनऊ मार्ग जाम कर दिया जिससे एक घंटे तक मुख्य मार्ग बाधित रहा।
जिला मुख्यालय पर बार एसोसिएशन, सिविर बार एसोसिएशन, फौजदारी संघ सहित अन्य संघों के पदाधिकारियों ने कचेहरी परिसर में प्रदर्शन किया। दीवानी कचेहरी से लेकर कलेक्ट्रेट परिसर व कमिशभनरी तक अधिवक्ताओं ने जुलूस निकाला। माधवराज मिश्र, रहस्य विहारी तिवारी सहित तमाम अधिवक्ता शामिल रहे।
करनैलगंज में तहसील के अधिवक्ताओं ने गोंडा-लखनऊ मार्ग को जाम करके प्रर्दशन किया। मार्ग के दोनों तरफ छोटे बड़े वहनों का जमावड़ा लग गया और करीब एक घंटे तक आवागमन बाधित रहा। अधिवक्ता एसडीएम को ज्ञापन देना चाहते थे, लेकिन वह नहीं पहुंचे।
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जिससे क्षुब्ध होकर प्रदर्शन कर रहे वकील डीएम को मौके पर पहुंचने की मांग करने लगे। तब तक तहसीलदार महेंद्र किशोर मिश्र और नायब तहसीलदार नवीन प्रसाद मौके पर पहुंचे और समझा बुझा कर शांत करवाया। उसके बाद राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन अधिवक्ताओं ने तहसीलदार को सौंपा।
जिसमें हत्या करने वाले अभियुक्तों की तत्काल गिरफ्तारी किए जाने, मृतक अधिवक्ता के परिवारीजनों को 50 लाख रुपये मुआवजा दिलाए जाने, अधिवक्ताओं की सुरक्षा में विफल रहने वाले पुलिस कर्मियों को बर्खास्त किए जाने, जरूरतमंद अधिवक्ताओं को प्राथमिकता के आधार पर शस्त्र लाइसेंस दिलाए जाने, उच्च न्यायालय खंडपीठ लखनऊ में अधिवक्ताओं को बंधक बनाने वाले व लाठी चार्ज की कार्रवाई में शामिल रहने वाले पुलिस कर्मियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करवाकर न्यायिक जांच कराए जाने एवं अधिवक्ता विरोधी प्रदेश सरकार को बर्खास्त किए जाने की मांग की गई है।
साथ ही चेतावनी भी दी गई है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गयीं तो अधिवक्ता संघ कार्य से विरत रह कर आंदोलन करने के लिए विवश हो जाएगा। संघ के अध्यक्ष कृष्ण बलदेव शुक्ल, हृदय नरायन मिश्र, त्रिलोकीनाथ तिवारी, सुरेंद्र कुमार द्विवेदी, करमचंद मिश्र सहित भारी संख्या में अधिवक्ता मौजूद थे।
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जिला मुख्यालय पर बार एसोसिएशन, सिविर बार एसोसिएशन, फौजदारी संघ सहित अन्य संघों के पदाधिकारियों ने कचेहरी परिसर में प्रदर्शन किया। दीवानी कचेहरी से लेकर कलेक्ट्रेट परिसर व कमिशभनरी तक अधिवक्ताओं ने जुलूस निकाला। माधवराज मिश्र, रहस्य विहारी तिवारी सहित तमाम अधिवक्ता शामिल रहे।
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करनैलगंज में तहसील के अधिवक्ताओं ने गोंडा-लखनऊ मार्ग को जाम करके प्रर्दशन किया। मार्ग के दोनों तरफ छोटे बड़े वहनों का जमावड़ा लग गया और करीब एक घंटे तक आवागमन बाधित रहा। अधिवक्ता एसडीएम को ज्ञापन देना चाहते थे, लेकिन वह नहीं पहुंचे।
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जिससे क्षुब्ध होकर प्रदर्शन कर रहे वकील डीएम को मौके पर पहुंचने की मांग करने लगे। तब तक तहसीलदार महेंद्र किशोर मिश्र और नायब तहसीलदार नवीन प्रसाद मौके पर पहुंचे और समझा बुझा कर शांत करवाया। उसके बाद राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन अधिवक्ताओं ने तहसीलदार को सौंपा।
जिसमें हत्या करने वाले अभियुक्तों की तत्काल गिरफ्तारी किए जाने, मृतक अधिवक्ता के परिवारीजनों को 50 लाख रुपये मुआवजा दिलाए जाने, अधिवक्ताओं की सुरक्षा में विफल रहने वाले पुलिस कर्मियों को बर्खास्त किए जाने, जरूरतमंद अधिवक्ताओं को प्राथमिकता के आधार पर शस्त्र लाइसेंस दिलाए जाने, उच्च न्यायालय खंडपीठ लखनऊ में अधिवक्ताओं को बंधक बनाने वाले व लाठी चार्ज की कार्रवाई में शामिल रहने वाले पुलिस कर्मियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करवाकर न्यायिक जांच कराए जाने एवं अधिवक्ता विरोधी प्रदेश सरकार को बर्खास्त किए जाने की मांग की गई है।
साथ ही चेतावनी भी दी गई है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गयीं तो अधिवक्ता संघ कार्य से विरत रह कर आंदोलन करने के लिए विवश हो जाएगा। संघ के अध्यक्ष कृष्ण बलदेव शुक्ल, हृदय नरायन मिश्र, त्रिलोकीनाथ तिवारी, सुरेंद्र कुमार द्विवेदी, करमचंद मिश्र सहित भारी संख्या में अधिवक्ता मौजूद थे।