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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gonda News ›   police is not able to find the source of illegal ammunition

पुलिस नहीं तलाश पा रही अवैध असलहों का स्रोत

Fri, 19 Jun 2015 11:20 PM IST
गोंडा/अमर उजाला ब्यूरो
गोंडा/अमर उजाला ब्यूरो Updated Fri, 19 Jun 2015 11:20 PM IST
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अपराधियों के पास से अवैध असलहे बरामद होना कोई नई बात नहीं है। हर साल तीन दर्जन से अधिक असलहों की बरामदगी होती है। इनके साथ ही भारी संख्या में कारतूस भी होते हैं। मगर ये असलहे और कारतूस कहां से आते हैं, इनका स्रोत क्या है, इसकी पुलिस तफ्तीश नहीं कर पाती है। अपराधियों को पकड़ने के बाद पुलिस नए मिशन में लग जाती है। इससे असलहे अपराधियों तक कैसे और कहां से पहुंचते हैं, इसकी पड़ताल नहीं करती। कुछ एक मामलों में कॅरियर से पकड़े गए असलहों की पुलिस ने पड़ताल की तो असलहों की आपूर्ति पड़ोसी राज्यों से होने की बात सामने आई। इससे पुलिस ने पड़ताल करना जरूरी नहीं समझा। 
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इंसेट
पुलिस द्वारा बरामद किए गए अवैध असलहे
वर्ष        तमंचा        रिवॉल्वर        बंदूक        कारतूस
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2013        39       2            -        89
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2014        47        -            -        102
2015        26        -            1        170    

लाइसेंसी को साल में मिलते इतने कारतूस
शस्त्र      कारतूस
बंदूक        100
रिवॉल्वर    25
पिस्टल       25
रायफल    25  


पैसों के लालच में लाइसेंसी बेचते कारतूस
चंद रुपयों के लालच में शस्त्र लाइसेंसी अपने कोटे का कारतूस अपराधियों के हाथों बेचते रहे हैं। बंदूक के लाइसेंसियों को साल भर में 100 कारतूस मिलते हैं। सभी लाइसेंसियों के पास उतने कारतूस का उपयोग न होने के कारण वे कारतूस चंद रुपयों के लालच में बेच देते हैं। ऐसे में कारतूस का दुरुपयोग होना लाजमी है।

कारतूस के खेल में सीज हो चुकी हैं दुकानें
शस्त्र लाइसेंसियों को कारतूस की आपूर्ति के लिए लाइसेंसी दुकानदार बड़ा खेल करते हैं। लाइसेंसी को कारतूस की आपूर्ति दिखाकर अन्य लोगों को कारतूस बेचते हैं। इसको लेकर शहर के दो लाइसेंसियों की दुकानें कई बार सीज का जा चुकी हैं। मगर रसूख के कारण उन्हें बाद में बहाल कर दिया गया। इससे कारतूस का दुरुपयोग बंद नहीं हुआ। जानकारों की मानें तो अभी भी लाइसेंसी दुकानदार चोरी छिपे कारतूस लाइसेसियों के अलावा अन्य लोगों को भी बेचते हैं।

बिना खोखा के नहीं मिलता कारतूस
शस्त्र लाइसेंसियों को अब कारतूस मिलना आसान नहीं है। पहले लाइसेंसी अपने लाइसेंस पर दुकानदारों से आसानी से कारतूस ले लेते थे। मगर नए नियमों के मुताबिक अब उन्हें पहले लिए हुए कारतूस का खोखा लाइसेंसी दुकानदार के पास जमा करना होता है। इसके बाद ही उन्हें कारतूस मिलता है।

शस्त्र लाइसेंसी दुकानदारों की दुकानों के स्टाक को समय-समय पर चेक किया जाता है। अगर किसी प्रकार की गड़बड़ी की शिकायत मिलती है तो उसकी रेंडम चेकिंग की जाती है। फिलहाल अभी किसी प्रकार की शिकायत नहीं मिली है। शिकायत मिलने पर लाइसेंसी दुकानों के स्टाक को चेक किया जाएगा।

-एके शुक्ल, नगर मजिस्ट्रेट  

अपराधियों की धरपकड़ के दौरान उनके पास से जो अवैध असलहे व कारतूस बरामद होते हैं। उसके बारे में  अपराधियों से कड़ाई से पूछताछ की जाती है। कभी-कभी असलहे उसे कहां से मिले हैं। इसका पता चल जाता है तो असलहे की आपूर्ति करने वाले को भी पकड़ा जाता है। कई मामलों में असलहे के आमद का स्रोत नहीं पता चलता है तो उसकी पड़ताल के लिए पुलिस टीम को लगाया जाता है।
-आरपीएस यादव, पुलिस अधीक्षक
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