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दुराचारी को आजीवन कारावास
अमर उजाला/बलरामपुर
Updated Mon, 18 Apr 2016 10:59 PM IST
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कोर्ट
- फोटो : demo pics
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महिला से दुराचार करने के आरोप में एक व्यक्ति को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वितीय ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही न्यायाधीश ने आरोपी को 20 हजार रुपये अर्थदंड भी अदा करने का आदेश दिया है। न्यायाधीश ने अपने आदेश में कहा है कि अर्थदंड की आधी रकम पीड़िता को दी जाएगी।
ललिया थाना क्षेत्र निवासी एक महिला ने पुलिस को प्रार्थना पत्र दिया था कि वह 11 जून 2009 की रात में अपने भाई की चक्की पर खाना देने जा रही थी। पीड़िता को रास्ते में राजेश वर्मा मिला तथा मुंह दबाकर गन्ने के खेत में घसीट ले गया और तमंचार दिखाकर उससे दुराचार किया।
पुलिस ने ग्राम पहरुईया मजरा अंबरनगर थाना ललिया निवासी राजेश वर्मा के खिलाफ दुराचार व दलित उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज किया। विवेचना के बाद पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया।
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सत्र परीक्षण के दौरान वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी ओम प्रकाश मणि त्रिपाठी ने छह गवाहों को न्यायालय में प्रस्तुत किया। दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने व पत्रावली का अवलोकन करने के बाद अपर जिला जज द्वितीय सुनील कुमार ने राजेश वर्मा को दलित उत्पीड़न व दुराचार का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास व 20 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई।
न्यायाधीश ने यह भी आदेश किया है कि अर्थदंड अदा न करने पर आरोपी को एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।
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ललिया थाना क्षेत्र निवासी एक महिला ने पुलिस को प्रार्थना पत्र दिया था कि वह 11 जून 2009 की रात में अपने भाई की चक्की पर खाना देने जा रही थी। पीड़िता को रास्ते में राजेश वर्मा मिला तथा मुंह दबाकर गन्ने के खेत में घसीट ले गया और तमंचार दिखाकर उससे दुराचार किया।
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पुलिस ने ग्राम पहरुईया मजरा अंबरनगर थाना ललिया निवासी राजेश वर्मा के खिलाफ दुराचार व दलित उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज किया। विवेचना के बाद पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया।
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सत्र परीक्षण के दौरान वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी ओम प्रकाश मणि त्रिपाठी ने छह गवाहों को न्यायालय में प्रस्तुत किया। दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने व पत्रावली का अवलोकन करने के बाद अपर जिला जज द्वितीय सुनील कुमार ने राजेश वर्मा को दलित उत्पीड़न व दुराचार का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास व 20 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई।
न्यायाधीश ने यह भी आदेश किया है कि अर्थदंड अदा न करने पर आरोपी को एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।