{"_id":"58a49d8c4f1c1bcc57d83e7e","slug":"four-murderers-sentenced-to-life-imprisonment-in-a-double-murder-case","type":"story","status":"publish","title_hn":"डबल मर्डर केस में चार हत्यारों को आजीवन कारावास की सजा","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
डबल मर्डर केस में चार हत्यारों को आजीवन कारावास की सजा
अमर उजाला ब्यूरो/बलरामपुर
Updated Wed, 15 Feb 2017 11:57 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
तीन वर्ष पूर्व नगर में दिन दहाड़े हुए दोहरे हत्याकांड के मामले में एफटीसी प्रथम ने वार हत्यारों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। थाना कोतवाली नगर के प्रतिष्ठित व्यापारी अजय सिंह ने पुलिस को दिए गए प्रार्थना पत्र में कहा था कि 30 दिसंबर 2013 को उनके सगे भाई बलवीर सिंह अपनी पहलवारा स्थित एजेंसी पर बैठे थे।
दोपहर में अमित यादव मोटर साइकिल से एजेंसी पर आया और असलहे से बलवीर सिंह पर गोली चला दी। अपने सगे भाई को बचाने कक्कू सिंह दौड़े तो अमित ने उनके ऊपर भी गोली चला दी।
भीड़ को देखते ही अमित मौके से भाग निकला। घटना के समय वह तथा भाई प्रद्युमन सिंह भी दुकान में मौजूद थे। गोली लगने से दोनों सगे भाईयों की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना शुरु की।
विज्ञापन
विवेचक ने अमित यादव को दोहरे हत्याकांड का दोषी माना तथा शहर के ही जितेंद्र कुमार शर्मा, दीपक शर्मा, शकील अंसारी, कुलदीप पांडेय, राजा व शिव कुमार जायसवाल को दोहरे हत्याकांड का साजिशकर्ता मानते हुए आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया।
सत्र परीक्षण के दौरान सरकारी अधिवक्ता रवींद्र यादव ने 12 गवाहों को न्यायालय में प्रस्तुत किया। दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने व पत्रावली का अवलोकन करने के बाद एफटीसी प्रथम न्यायाधीश सुनील कुमार ने अमित यादव को दो सगे भाईयों की हत्या का दोषी माना।
न्यायाधीश ने जितेंद्र कुमार शर्मा, शकील अंसारी व राजा को इस दोहरे हत्याकांड का साजिशकर्ता मानते हुए सभी को आजीवन कारावास व 10-10 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई।
न्यायाधीश ने अमित यादव को अवैध असलहा रखने का भी दोषी माना तथा तीन वर्ष के सश्रम कारावास व दो हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। न्यायाधीश ने दीपक शर्मा, कुलदीप पांडेय व शिव कुमार जायसवाल को साक्ष्यों के अभाव में सभी आरोपों से बरी कर दिया।
विज्ञापन
दोपहर में अमित यादव मोटर साइकिल से एजेंसी पर आया और असलहे से बलवीर सिंह पर गोली चला दी। अपने सगे भाई को बचाने कक्कू सिंह दौड़े तो अमित ने उनके ऊपर भी गोली चला दी।
विज्ञापन
भीड़ को देखते ही अमित मौके से भाग निकला। घटना के समय वह तथा भाई प्रद्युमन सिंह भी दुकान में मौजूद थे। गोली लगने से दोनों सगे भाईयों की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना शुरु की।
विज्ञापन
विवेचक ने अमित यादव को दोहरे हत्याकांड का दोषी माना तथा शहर के ही जितेंद्र कुमार शर्मा, दीपक शर्मा, शकील अंसारी, कुलदीप पांडेय, राजा व शिव कुमार जायसवाल को दोहरे हत्याकांड का साजिशकर्ता मानते हुए आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया।
सत्र परीक्षण के दौरान सरकारी अधिवक्ता रवींद्र यादव ने 12 गवाहों को न्यायालय में प्रस्तुत किया। दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने व पत्रावली का अवलोकन करने के बाद एफटीसी प्रथम न्यायाधीश सुनील कुमार ने अमित यादव को दो सगे भाईयों की हत्या का दोषी माना।
न्यायाधीश ने जितेंद्र कुमार शर्मा, शकील अंसारी व राजा को इस दोहरे हत्याकांड का साजिशकर्ता मानते हुए सभी को आजीवन कारावास व 10-10 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई।
न्यायाधीश ने अमित यादव को अवैध असलहा रखने का भी दोषी माना तथा तीन वर्ष के सश्रम कारावास व दो हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। न्यायाधीश ने दीपक शर्मा, कुलदीप पांडेय व शिव कुमार जायसवाल को साक्ष्यों के अभाव में सभी आरोपों से बरी कर दिया।