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विसर्जन जुलूस के दौरान बवाल, पथराव
अमर उजाला/गोंडा
Updated Thu, 13 Oct 2016 11:44 PM IST
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लाठीचार्ज करती पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
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दुर्गा प्रतिमा जुलूस के दौरान मंगलवार को शहर के स्टेशन रोड पर नूरामल मंदिर के पास महारानीगंज घोसियाना में दो पक्षों में बवाल हो गया और दोनों ओर से जमकर ईंट-पत्थर चले। इसमें 30वीं बटालियन पीएसी के डिप्टी कमांडेंट घायल हो गए। पूजा समितियों के लोगों ने प्रतिमाएं वहीं रोक दीं। वे न्याय की मांग पर अड़े रहे।
लोगों ने न्याय मिलने तक प्रतिमाओं का विसर्जन करने से मना कर दिया। अधिकारियों के समझाने पर जब लोग नहीं माने तो पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर किसी तरह से विसर्जन कराया। वहीं, बवाल के डर से लोगों ने मोहर्रम नहीं मनाया। न तो ताजिया रखे और न ही जुलूस निकाला गया। डीएम व एसपी लोगों से ताजिया रखने की अपील करते रहे, मगर दोनों अधिकारियों के सुरक्षा के आश्वासन पर लोगों का भरोसा नहीं रहा।
मंगलवार को दोपहर बाद दुर्गा प्रतिमाओं को जुलूस शहर में गाजे-बाजे के साथ निकल रहा था। बड़गांव की ओर से आने वाला जुलूस जय नरायन चौराहा होते हुए नूरामल मंदिर के पास पहुंचा था, तभी दोनों पक्षों में बवाल हो गया और दोनों ओर से ईंट-पत्थर चलने लगे। इससे वहां भगदड़ मच गई।
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पथराव के कारण आसपास की दुकानों के शटर गिर गए। पथराव में 30वीं बटालियन पीएसी के डिप्टी कमांडेंट बजरंग बली चौरसिया घायल हो गए, जबकि पथराव से मजिस्ट्रेट की दो गाड़ियां भी क्षतिग्रस्त हो गईं।
बवाल के दौरान भाजपा नेता महेश नरायन तिवारी समेत पूजा समितियों के लोगों ने अपने वाहन नूरामल मंदिर के पास ही रोक दिए और न्याय मिलने तक प्रतिमाओं का विसर्जन करने से मना कर दिया। बवाल की सूचना पर डीएम आशुतोष निरंजन व एसपी सुधीर कुमार सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।
दोनों अधिकारी पूजा समितियों के पदाधिकारियों को समझाने में लगे रहे। अधिकारियों के समझाने पर जब लोग नहीं माने तो पुलिस ने हल्का प्रयोग कर किसी तरह प्रतिमाओं का विसर्जन कराया। उधर, बवाल के डर से मंगलवार देर रात लोगों ने ताजिया नहीं रखे। डीएम व एसपी लोगों से सुरक्षा का आश्वासन देते हुए ताजिया रखने व मोहर्रम मनाने की अपील करते रहे। मगर उनके आश्वासन पर लोगों का भरोसा नहीं रहा। लोगों ने न तो ताजिया रखे और न ही जुलूस निकाला।
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लोगों ने न्याय मिलने तक प्रतिमाओं का विसर्जन करने से मना कर दिया। अधिकारियों के समझाने पर जब लोग नहीं माने तो पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर किसी तरह से विसर्जन कराया। वहीं, बवाल के डर से लोगों ने मोहर्रम नहीं मनाया। न तो ताजिया रखे और न ही जुलूस निकाला गया। डीएम व एसपी लोगों से ताजिया रखने की अपील करते रहे, मगर दोनों अधिकारियों के सुरक्षा के आश्वासन पर लोगों का भरोसा नहीं रहा।
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मंगलवार को दोपहर बाद दुर्गा प्रतिमाओं को जुलूस शहर में गाजे-बाजे के साथ निकल रहा था। बड़गांव की ओर से आने वाला जुलूस जय नरायन चौराहा होते हुए नूरामल मंदिर के पास पहुंचा था, तभी दोनों पक्षों में बवाल हो गया और दोनों ओर से ईंट-पत्थर चलने लगे। इससे वहां भगदड़ मच गई।
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पथराव के कारण आसपास की दुकानों के शटर गिर गए। पथराव में 30वीं बटालियन पीएसी के डिप्टी कमांडेंट बजरंग बली चौरसिया घायल हो गए, जबकि पथराव से मजिस्ट्रेट की दो गाड़ियां भी क्षतिग्रस्त हो गईं।
बवाल के दौरान भाजपा नेता महेश नरायन तिवारी समेत पूजा समितियों के लोगों ने अपने वाहन नूरामल मंदिर के पास ही रोक दिए और न्याय मिलने तक प्रतिमाओं का विसर्जन करने से मना कर दिया। बवाल की सूचना पर डीएम आशुतोष निरंजन व एसपी सुधीर कुमार सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।
दोनों अधिकारी पूजा समितियों के पदाधिकारियों को समझाने में लगे रहे। अधिकारियों के समझाने पर जब लोग नहीं माने तो पुलिस ने हल्का प्रयोग कर किसी तरह प्रतिमाओं का विसर्जन कराया। उधर, बवाल के डर से मंगलवार देर रात लोगों ने ताजिया नहीं रखे। डीएम व एसपी लोगों से सुरक्षा का आश्वासन देते हुए ताजिया रखने व मोहर्रम मनाने की अपील करते रहे। मगर उनके आश्वासन पर लोगों का भरोसा नहीं रहा। लोगों ने न तो ताजिया रखे और न ही जुलूस निकाला।