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लिपिक पर केस
बलरामपुर/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 22 Nov 2015 11:41 PM IST
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जीआईसी में नियुक्ति संबंधी फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। फर्जी तरीके से नौकरी हथियाने वाले कनिष्ठ लिपिक के खिलाफ डीआईओएस ने गैसड़ी कोतवाली में केस दर्ज करा दिया है। जांच रिपोर्ट में आरोपों की पुष्टि हुई है।
लिपिक राजकीय इंटर कॉलेज गैसड़ी में कनिष्ठ सहायक के पद पर कार्य कर रहा था। गैसड़ी कोतवाली की पुलिस मामले की छानबीन में जुट गई है।
रविवार को डीआईओएस मनमोहन शर्मा ने बताया कि राजकीय इंटर कॉलेज गैसड़ी के कनिष्ठ सहायक बाबूलाल के खिलाफ फर्जी तरीके से नौकरी करने की शिकायत की गई थी।
शिकायती पत्र के आधार पर बाबूलाल के खिलाफ उप शिक्षा निदेशक कार्यालय वाराणसी व जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान सारनाथ वाराणसी में जांच कराई गई।
उप शिक्षा निदेशक वाराणसी की रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है कि कार्यालय अभिलेखानुसार 9 नवंबर 1999 से नौकरी दर्शाने वाले बाबूलाल नाम के किसी भी व्यक्ति की न तो तैनाती की गई है और न ही वह कार्यरत रहा है।
इसी प्रकार से जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान सारनाथ वाराणसी ने भी अपनी रिपोर्ट में बताया है कि कार्यालय अभिलेखानुसार बाबूलाल ने फर्जी तरीके से कागजात तैयार कर स्थानांतरण दर्शाकर जनपद बलरामपुर में कार्यभार ग्रहण किया है।
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दोनों कार्यालयों की जांच रिपोर्ट के आधार पर बाबूलाल पुत्र राम किशोर फर्जी तरीके से सरकारी नौकरी हथियाने व अनैतिक ढंग से वेतन आहरित करने का दोषी है।
डीआईओएस ने आरोपों की पुष्टि होने पर बाबूलाल के खिलाफ गैसड़ी कोतवाली में केस दर्ज करा दिया है। गैसड़ी कोतवाल उमाशंकर यादव ने बताया कि एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच-पड़ताल शुरू कर दी गई है।
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लिपिक राजकीय इंटर कॉलेज गैसड़ी में कनिष्ठ सहायक के पद पर कार्य कर रहा था। गैसड़ी कोतवाली की पुलिस मामले की छानबीन में जुट गई है।
रविवार को डीआईओएस मनमोहन शर्मा ने बताया कि राजकीय इंटर कॉलेज गैसड़ी के कनिष्ठ सहायक बाबूलाल के खिलाफ फर्जी तरीके से नौकरी करने की शिकायत की गई थी।
शिकायती पत्र के आधार पर बाबूलाल के खिलाफ उप शिक्षा निदेशक कार्यालय वाराणसी व जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान सारनाथ वाराणसी में जांच कराई गई।
उप शिक्षा निदेशक वाराणसी की रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है कि कार्यालय अभिलेखानुसार 9 नवंबर 1999 से नौकरी दर्शाने वाले बाबूलाल नाम के किसी भी व्यक्ति की न तो तैनाती की गई है और न ही वह कार्यरत रहा है।
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इसी प्रकार से जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान सारनाथ वाराणसी ने भी अपनी रिपोर्ट में बताया है कि कार्यालय अभिलेखानुसार बाबूलाल ने फर्जी तरीके से कागजात तैयार कर स्थानांतरण दर्शाकर जनपद बलरामपुर में कार्यभार ग्रहण किया है।
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दोनों कार्यालयों की जांच रिपोर्ट के आधार पर बाबूलाल पुत्र राम किशोर फर्जी तरीके से सरकारी नौकरी हथियाने व अनैतिक ढंग से वेतन आहरित करने का दोषी है।
डीआईओएस ने आरोपों की पुष्टि होने पर बाबूलाल के खिलाफ गैसड़ी कोतवाली में केस दर्ज करा दिया है। गैसड़ी कोतवाल उमाशंकर यादव ने बताया कि एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच-पड़ताल शुरू कर दी गई है।