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46 उम्मीदवारों ने नहीं दिया चुनाव खर्च का ब्यौरा
amarujala
Updated Mon, 10 Apr 2017 10:43 PM IST
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जिले में विधायकी के लिए चुनाव लडने वाले 88 उम्मीदवारों में से 46 उम्मीदवार अपने चुनाव खर्च का ब्यौरा अभी भी दबाए बैठे हैं। शनिवार को भारत निर्वाचन आयोग की ओर से दी गई समय सीमा समाप्त हो जाने के बाद भी सभी उम्मीदवारों ने चुनाव खर्च के लिए बनाए गए व्यय रजिस्टर को चुनाव कार्यालय में जमा नही कराया है।
माननीय बनने के लिए चुनावी मैदान में कूदे उम्मीदवार चुनाव खत्म होने के बाद आयोग का फरमान भूल बैठे हैं। नियमों के मुताविक विधान सभा चुनाव का परिणाम घोषित होने के 30 बाद सभी उम्मीदवारों को आय-व्यय प्रेक्षक की मौजूदगी में अपने चुनाव में खर्च हुए धन का लिखित व साक्ष्य समेत ब्यौरा निर्वाचन कार्यालय में जमा करना होता है।
लेकिन कई उम्मीदवारों ने तो आखिरी दिन लाकर जमा किया है तो कुछ लोग सोमवार को भी ब्यौरा देने निर्वाचन कार्यालय पहुंचे थे। चुनाव का वक्त खत्म हो जाने के बाद उम्मीदवार भारत निर्वाचन आयोग का फरमान भूल चुके हैं। जबकि निर्वाचन विभाग के सूत्रों की माने तो ऐसे लोगों पर आयोग बड़ी कार्रवाई कर सकता है। जल्द ही जिला निर्वाचन कार्यालय आयोग को उम्मीदवारों के चुनाव का खर्च का ब्यौरा दिये जाने की रिपोर्ट भेजेगा।
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विधान सभा चुनाव में अलग अलग क्षेत्रों से चुनाव लडने वाले उम्मीदवारों को चुनाव में खर्च होने वाले धन का ब्यौरा दिया जाना था। यह ब्यौरा परिणाम की घोषणा के बाद 30 दिन में देना होता है। लेकिन आधे उम्मीदवारों ने ब्यौरा नही दिया है। ऐसे में भारत निर्वाचन आयोग मनमानी कर नियमों की अन्देखी करने वाले उम्मीदवारों को दोबारा कई साल तक चुनाव लडने पर रोक लगा सकता है। ऐसे उम्मीदवारों को आयोग डिबार घोषित कर जिलों को सूचना जारी कर देता है।
माननीय बनने के लिए चुनावी मैदान में कूदे उम्मीदवार चुनाव खत्म होने के बाद आयोग का फरमान भूल बैठे हैं। नियमों के मुताविक विधान सभा चुनाव का परिणाम घोषित होने के 30 बाद सभी उम्मीदवारों को आय-व्यय प्रेक्षक की मौजूदगी में अपने चुनाव में खर्च हुए धन का लिखित व साक्ष्य समेत ब्यौरा निर्वाचन कार्यालय में जमा करना होता है।
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लेकिन कई उम्मीदवारों ने तो आखिरी दिन लाकर जमा किया है तो कुछ लोग सोमवार को भी ब्यौरा देने निर्वाचन कार्यालय पहुंचे थे। चुनाव का वक्त खत्म हो जाने के बाद उम्मीदवार भारत निर्वाचन आयोग का फरमान भूल चुके हैं। जबकि निर्वाचन विभाग के सूत्रों की माने तो ऐसे लोगों पर आयोग बड़ी कार्रवाई कर सकता है। जल्द ही जिला निर्वाचन कार्यालय आयोग को उम्मीदवारों के चुनाव का खर्च का ब्यौरा दिये जाने की रिपोर्ट भेजेगा।
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विधान सभा चुनाव में अलग अलग क्षेत्रों से चुनाव लडने वाले उम्मीदवारों को चुनाव में खर्च होने वाले धन का ब्यौरा दिया जाना था। यह ब्यौरा परिणाम की घोषणा के बाद 30 दिन में देना होता है। लेकिन आधे उम्मीदवारों ने ब्यौरा नही दिया है। ऐसे में भारत निर्वाचन आयोग मनमानी कर नियमों की अन्देखी करने वाले उम्मीदवारों को दोबारा कई साल तक चुनाव लडने पर रोक लगा सकता है। ऐसे उम्मीदवारों को आयोग डिबार घोषित कर जिलों को सूचना जारी कर देता है।