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रास्ता बंदी के विरोध में गंवानी पड़ी उंगली
Updated Wed, 21 Jun 2017 06:19 AM IST
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रास्ता बंदी के विरोध में गंवानी पड़ी उंगली
दबंगों ने बांके से हमला कर किया लहूलुहान
तीन दिन से थाने का चक्कर काट रहा पीड़ित
अमर उजाला ब्यूरो
रुपईडीह (गोंडा)। खरगूपुर थानाक्षेत्र के सिसई जंगल गांव में रहने वाला खन्नन पिछले तीन दिनों से थाने का चक्कर काट रहा है। लेकिन पुलिस है कि उसकी रिपोर्ट ही नहीं लिख रही। बतौर खन्नन तीन दिन पहले गांव में रास्ता बंदी को लेकर उसका विवाद हीरालाल से हुआ था। जिसपर हीरालाल के साथ आए लोगों ने उस पर बांके से हमला कर दिया। जिसमें उसे अपनी तीन उंगलियां भी गंवानी पड़ी।
सिसई जंगल गांव में रहने वाले खन्नन के मुताबिक तीन दिन पहले गांव में रहने वाली हीरालाल की पत्नी गांव के एक आम रास्ते को बांस लगाकर घेर रहे थे। जिससे उसका परिवार घर आता-जाता था। इसका जब उसने विरोध किया तो हीरालाल से उनकी कहासुनी होने लगी। इतने में हीरालाल के साथ आए लोगों ने उस पर बांके से हमला कर दिया। जिसमें उसकी तीन उंगलियां कट गईं। शोर मचने पर जब तक गांव के अन्य लोग उसे बचाने आते, वह लोग उसे गन्ने के खेत में फेंककर भाग खड़े हुए। जिसके बाद इसकी शिकायत लेकर तीन बार थाने भी गया। लेकिन पुलिस ने उसकी रिपोर्ट लिखने के बजाए उसे वहां से चलता कर दिया। मंगलवार को इस मामले में खन्नन ने अपर पुलिस अधीक्षक से मिलकर आपबीती बताई। वहीं खरगूपुर थाने के इंस्पेक्टर अशोक कुमार सिंह का कहना है कि रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है, आरोपी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम भेजी गई है।
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दबंगों ने बांके से हमला कर किया लहूलुहान
तीन दिन से थाने का चक्कर काट रहा पीड़ित
अमर उजाला ब्यूरो
रुपईडीह (गोंडा)। खरगूपुर थानाक्षेत्र के सिसई जंगल गांव में रहने वाला खन्नन पिछले तीन दिनों से थाने का चक्कर काट रहा है। लेकिन पुलिस है कि उसकी रिपोर्ट ही नहीं लिख रही। बतौर खन्नन तीन दिन पहले गांव में रास्ता बंदी को लेकर उसका विवाद हीरालाल से हुआ था। जिसपर हीरालाल के साथ आए लोगों ने उस पर बांके से हमला कर दिया। जिसमें उसे अपनी तीन उंगलियां भी गंवानी पड़ी।
सिसई जंगल गांव में रहने वाले खन्नन के मुताबिक तीन दिन पहले गांव में रहने वाली हीरालाल की पत्नी गांव के एक आम रास्ते को बांस लगाकर घेर रहे थे। जिससे उसका परिवार घर आता-जाता था। इसका जब उसने विरोध किया तो हीरालाल से उनकी कहासुनी होने लगी। इतने में हीरालाल के साथ आए लोगों ने उस पर बांके से हमला कर दिया। जिसमें उसकी तीन उंगलियां कट गईं। शोर मचने पर जब तक गांव के अन्य लोग उसे बचाने आते, वह लोग उसे गन्ने के खेत में फेंककर भाग खड़े हुए। जिसके बाद इसकी शिकायत लेकर तीन बार थाने भी गया। लेकिन पुलिस ने उसकी रिपोर्ट लिखने के बजाए उसे वहां से चलता कर दिया। मंगलवार को इस मामले में खन्नन ने अपर पुलिस अधीक्षक से मिलकर आपबीती बताई। वहीं खरगूपुर थाने के इंस्पेक्टर अशोक कुमार सिंह का कहना है कि रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है, आरोपी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम भेजी गई है।
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