{"_id":"3c8b57a02bc89bef22e1bb1da4a568f3","slug":"10-year-sentence-in-dowry-killing-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"दहेज हत्या में 10 साल की सजा ","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
दहेज हत्या में 10 साल की सजा
बलरामपुर/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 17 Sep 2015 11:29 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दहेज हत्या का दोषी पाते हुए एफटीसी न्यायाधीश ने पति, सास व ससुर को 10-10 वर्ष की कैद व 9-9 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने पर न्यायाधीश ने सभी आरोपियों को 9-9 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतने का आदेश दिया है। न्यायाधीश ने साक्ष्यों केे अभाव में मृतका की ननद को दोष मुक्त करार दिया है।
थाना मनकापुर जनपद गोंडा के ग्राम कल्याणपुर निवासी दयानंद ने 6 मई 2011 को उतरौला कोतवाली में प्रार्थना पत्र दिया था कि उसकी पुत्री अनीता का विवाह पांच वर्ष पहले ग्राम भैरमपुर कोतवाली उतरौला निवासी शिव पूजन के साथ हुआ था। ससुराल वाले दहेज की मांग कर रहे थे।
दहेज की मांग पूरी न होने पर पति शिवपूजन, सास निरहा, ससुर राम सेवक व ननद नानबच्ची ने मिट्टी का तेल डालकर अनीता को जला दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। पुलिस ने दहेज हत्या के आरोप में मुकदमा दर्ज कर सभी को जेल भेज दिया तथा आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया।
विज्ञापन
त्वरित सत्र न्यायालय में मुकदमा परीक्षण के दौरान सरकारी वकील रवीन्द्र यादव ने 9 गवाहों को न्यायालय में पेश किया। बचाव पक्ष की दलीलों को सुनने व पत्रावली का अवलोकन करने के बाद त्वरित सत्र न्यायाधीश सुरेंद्र कुमार सिंह ने शिवपूजन, रामसेवक व निरहा को दहेज हत्या का दोषी मानते हुए 10-10 वर्ष की कैद व 9-9 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई।
न्यायाधीश ने साक्ष्यों के अभाव में मृतका की ननद नानबच्ची को बेकसूर माना तथा उसे बाइज्जत बरी कर दिया।
विज्ञापन
थाना मनकापुर जनपद गोंडा के ग्राम कल्याणपुर निवासी दयानंद ने 6 मई 2011 को उतरौला कोतवाली में प्रार्थना पत्र दिया था कि उसकी पुत्री अनीता का विवाह पांच वर्ष पहले ग्राम भैरमपुर कोतवाली उतरौला निवासी शिव पूजन के साथ हुआ था। ससुराल वाले दहेज की मांग कर रहे थे।
विज्ञापन
दहेज की मांग पूरी न होने पर पति शिवपूजन, सास निरहा, ससुर राम सेवक व ननद नानबच्ची ने मिट्टी का तेल डालकर अनीता को जला दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। पुलिस ने दहेज हत्या के आरोप में मुकदमा दर्ज कर सभी को जेल भेज दिया तथा आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया।
विज्ञापन
त्वरित सत्र न्यायालय में मुकदमा परीक्षण के दौरान सरकारी वकील रवीन्द्र यादव ने 9 गवाहों को न्यायालय में पेश किया। बचाव पक्ष की दलीलों को सुनने व पत्रावली का अवलोकन करने के बाद त्वरित सत्र न्यायाधीश सुरेंद्र कुमार सिंह ने शिवपूजन, रामसेवक व निरहा को दहेज हत्या का दोषी मानते हुए 10-10 वर्ष की कैद व 9-9 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई।
न्यायाधीश ने साक्ष्यों के अभाव में मृतका की ननद नानबच्ची को बेकसूर माना तथा उसे बाइज्जत बरी कर दिया।