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साथी की पिटाई से नाराज वकीलों ने किया थाने का घेराव
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तरबगंज (गोंडा)। एक दिन पूर्व दबंगों ने एक अधिवक्ता पर हमलाकर गंभीर रूप से घायल कर दिया। इस मामले में तरबगंज थाने की पुलिस मुकदमा लिखने से कतराती रही। आखिरकार मंगलवार को वकीलों का गुस्सा फूट पड़ा और सैकड़ों की तादाद में वकील थाने पर जमा होकर नारेबाजी करने लगे। इसके बाद आरोपियों के विरुद्ध बलवा, जान से मारने का प्रयास समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा पंजीकृत किया गया है।
ग्राम पंचायत नरायनपुर में एक पखवारे में आधा दर्जन से अधिक गंभीर धाराओं में मारपीट के मुकदमे दर्ज हो चुके हैं, लेकिन तरबगंज पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी रही। लिहाजा घटनाएं बढ़ती जा रही हैं। ताजा मामला सोमवार को अधिवक्ता अभिमन्यु शुक्ला अपने भतीजे सुतीक्षण शुक्ल के साथ तरबगंज तहसील जा रहे थे। पहले से लामबंद होकर सत्यम, महंथ, दीपू, मदन तथा कुछ अज्ञात लोगों ने हमला बोल दिया। अभिमन्यु शुक्ला को गंभीर चोट आई, लेकिन थाने की पुलिस ने गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज करने की जहमत नहीं उठाई। गंभीर हालत में अभिमन्यु शुक्ला का इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है।
मंगलवार की सुबह सूचना फैलते ही तहसील के अधिवक्ता आक्रोशित हो गए और अध्यक्ष वेद प्रकाश पांडेय, ओपी सिंह व कैलाश नाथ पांडेय के नेतृत्व मे थाने पर एकत्र हो गए। अधिवक्ता मुकदमा न लिखने का आरोप लगाकर नारेबाजी करने लगे। आनन-फानन में पुलिस ने मुकदमा पंजीकृत करा दिया। अधिवक्ताओं ने आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर आंदोलन को और तेज करने की चेतावनी दी है। अधिवक्ताओं का आरोप था कि इतने मामले के होने बावजूद तरबगंज पुलिस चैन की बंशी बजा रही है, जिससे आपराधिक घटनाएं बढ़ गई हैं।
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ग्राम पंचायत नरायनपुर में एक पखवारे में आधा दर्जन से अधिक गंभीर धाराओं में मारपीट के मुकदमे दर्ज हो चुके हैं, लेकिन तरबगंज पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी रही। लिहाजा घटनाएं बढ़ती जा रही हैं। ताजा मामला सोमवार को अधिवक्ता अभिमन्यु शुक्ला अपने भतीजे सुतीक्षण शुक्ल के साथ तरबगंज तहसील जा रहे थे। पहले से लामबंद होकर सत्यम, महंथ, दीपू, मदन तथा कुछ अज्ञात लोगों ने हमला बोल दिया। अभिमन्यु शुक्ला को गंभीर चोट आई, लेकिन थाने की पुलिस ने गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज करने की जहमत नहीं उठाई। गंभीर हालत में अभिमन्यु शुक्ला का इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है।
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मंगलवार की सुबह सूचना फैलते ही तहसील के अधिवक्ता आक्रोशित हो गए और अध्यक्ष वेद प्रकाश पांडेय, ओपी सिंह व कैलाश नाथ पांडेय के नेतृत्व मे थाने पर एकत्र हो गए। अधिवक्ता मुकदमा न लिखने का आरोप लगाकर नारेबाजी करने लगे। आनन-फानन में पुलिस ने मुकदमा पंजीकृत करा दिया। अधिवक्ताओं ने आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर आंदोलन को और तेज करने की चेतावनी दी है। अधिवक्ताओं का आरोप था कि इतने मामले के होने बावजूद तरबगंज पुलिस चैन की बंशी बजा रही है, जिससे आपराधिक घटनाएं बढ़ गई हैं।
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