हिरासत में मौत: थर्ड डिग्री की भट्ठी पर चढ़ी सियासत की हांडी
गोंडा में पुलिस हिरासत में हुई मौत से सपा को मुद्दा मिल गया है। सपा नेताओं ने प्रदेश की कानून व्यवस्था के मुद्दे पर सरकार को घेरा और सड़कों पर उतरे।
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नवाबगंज थाने में पुलिस की हिरासत में युवक की मौत से सियासी माहौल भी गर्म हो गया है। आसन्न नगर निकाय चुनाव की तैयारी में जुटे राजनीतिक दलों में मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी को मुद्दा मिल गया है। यही कारण था कि पूर्व विधायक बैजनाथ दूबे, पूर्व विधायक रमेश गौतम, सपा से गोंडा सदर से प्रत्याशी रहे सूरज सिंह, निवर्तमान जिलाध्यक्ष आनंद स्वरूप उर्फ पप्पू यादव भी दल-बल के साथ नवाबगंज पहुंच गए। पहले तो गुस्साए लोगों का साथ दिया, फिर कानून व्यवस्था को लेकर सरकार पर जमकर हमला बोला। वहीं, उग्र हो रहे लोगों को शांत कराकर हमदर्दी भी जताई।
विधानसभा चुनाव में जिले में हार का सामना करने वाली सपा में राजनीतिक गतिविधियां हाल के दिनों में थम सी गई थीं। यदाकदा ही किसी मामले को लेकर पार्टी से जुड़े नेता सामने आए हैं। बुधवार को नवागगंज थाने में पुलिस की पिटाई में युवक की मौत की सूचना जैसे ही सार्वजनिक हुई सपा नेता व कार्यकर्ता सक्रिय होने लगे।
बृहस्पतिवार की सुबह पोस्टमार्टम हाउस पर बड़ी संख्या में सपाइयों का जमावड़ा रहा। यहां से लोग काफिले के साथ नवाबगंज पहुंचे, जहां पहले से ही लोग सड़क पर उतरे हुए थे। सपा नेताओं को देखते हुए प्रदर्शनकारियों का हौसला बढ़ा और उनके तेवर उग्र होने लगे। इस घटना को लेकर बड़ी संख्या में लोग पहले से ही सड़क पर थे। उनके मन में पुलिसिया कार्यप्रणाली को लेकर आक्रोश था। यही कारण था कि जब भीड़ बढ़ी तो लोग बेकाबू होने लगे। शासन-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पुलिस की गाड़ियों में तोड़फोड़ करने लगे। पुलिस कर्मियों से हाथपाई भी की, और सड़क से गुजर रही एंबुलेंस तक को नहीं छोड़ा।
गनीमत रही कि एंबुलेंस में कोई मरीज नहीं था अन्यथा अनहोनी भी हो सकती थी। प्रशासनिक अमले के साथ मौजूद नेताओं ने स्थिति को भी खूब संभाला। इससे स्थिति बिगड़ते-बिगड़ते संभल गई। इन सबसे अलग सपा नेताओं ने प्रशासनिक अधिकारियों से दो टूक शब्दों में कहा कि यह अन्याय है और इसका हम पुरजोर विरोध करेंगे। दोषियों की गिरफ्तारी व कार्रवाई भी होनी चाहिए। हालांकि सपा नेता सूरज सिंह कहते हैं कि यह राजनीति का हिस्सा नहीं है। जब-जब जनता का उत्पीड़न होगा या उनपर अत्याचार होगा हम विरोध के लिए आगे आएंगे।