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बिना काम कराए कर लिया नौ लाख रुपए का गबन
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मनकापुर (गोंडा)। सरकारी रुपयों के बंदरबांट का मामला अखबार में छपने के बाद एसडीएम ज्ञान चंद्र गुप्ता ने ग्राम पंचायत कलेनिया की जांच किया तो लाखों का सरकारी गमन पकड़ में आया है। बता दें कि ग्राम पंचायत कलेनिया की वर्तमान ग्राम प्रधान संतोष त्रिपाठी ने सीडीओ को संबोधित शिकायती पत्र देकर कहा था कि पूर्व प्रधान, सचिव व प्रशासक एडीओ पंचायत की मिलीभगत से बिना कार्य कराये लाखों का भुगतान कर लिया गया है।
यह मामला अमर उजाला के अखबार में छपने पर अधिकारियों ने संज्ञान में लिया और एसडीएम ज्ञानचन्द्र गुप्ता को डीएम मार्कडेय शाही ने मौके पर जाकर जांच करने का फरमान जारी किया। एसडीएम गांव में स्वयं जांच करने पहुंचे तो अनियमितता ही अनियमितता मिली। हैंडपंप रीबोर के नाम पर 1,82000 रुपये सरकारी खाते से निकाल कर बंदर बांट कर लिया गया। मौके पर कोई भी कार्य नहीं पाया गया। स्ट्रीट लाइट के नाम पर एक लाख रुपये निकाल लिये गये। जांच में ग्रामीणों ने बताया कि मात्र तीन लाइट लगी है। बाकी 32 लाइट का पता ही नहीं है। पाइप खरीद में भी खेल हुआ है। प्रशासनिक व्यय पर 38 हजार निकाले गए लेकिन कोई सामान नहीं खरीदा गया है। पंचायत भवन निर्माण दिखाकर 60 हजार रूपये निकाल लिये गये जबकि जांच में कोई काम ही नहीं पाया गया है। सार्बजनिक शौचालय के नाम पर 842000/ हजार रूपये निकाले गये इसके बावजूद जांच में शौचालय निर्माण अधूरा पडा है। इस प्रकार 532000 रुपये का गमन पूर्व ग्राम प्रधान कैलाश पती, सचिव अवधेश कुमार पान्डेय व प्रशासक /एडीओ पंचायत घनश्याम पांडेय द्वारा किया गया है। रिकवरी कराने के लिए एसडीएम ज्ञानचन्द्र गुप्ता ने अपनी संस्तुति रिपोर्ट सीडीओ शंशाक त्रिपाठी को भेजा है।
हैंडपंप रीबोर की जांच हो
दर्जनों से अधिक गांवों में हैंड पंप रीबोर के नाम पर लाखों का खेल हुआ है जांच होगी तो कई की गर्दन नप सकती है। ब्लाक मनकापुर की पूर्व की 77 ग्राम पंचायतों में सें कुछ ही ग्राम पंचायतें होगी जहां पर रिबोर का कार्य हुआ है। ज्यादातर ग्राम पंचायतों में रिबोर के नाम पर लाखों की धनराशि निकाल ली गई है, जबकि मौके पर रीबोर हुआ ही नहीं है। दिखाने व फोटो खिंचवाने के लिए कही कही रिबोर का काम हुआ है। यदि इसकी जांच बारीकी से होगी तो करोड़ों का गमन पकड़ में आ सकता है।
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यह मामला अमर उजाला के अखबार में छपने पर अधिकारियों ने संज्ञान में लिया और एसडीएम ज्ञानचन्द्र गुप्ता को डीएम मार्कडेय शाही ने मौके पर जाकर जांच करने का फरमान जारी किया। एसडीएम गांव में स्वयं जांच करने पहुंचे तो अनियमितता ही अनियमितता मिली। हैंडपंप रीबोर के नाम पर 1,82000 रुपये सरकारी खाते से निकाल कर बंदर बांट कर लिया गया। मौके पर कोई भी कार्य नहीं पाया गया। स्ट्रीट लाइट के नाम पर एक लाख रुपये निकाल लिये गये। जांच में ग्रामीणों ने बताया कि मात्र तीन लाइट लगी है। बाकी 32 लाइट का पता ही नहीं है। पाइप खरीद में भी खेल हुआ है। प्रशासनिक व्यय पर 38 हजार निकाले गए लेकिन कोई सामान नहीं खरीदा गया है। पंचायत भवन निर्माण दिखाकर 60 हजार रूपये निकाल लिये गये जबकि जांच में कोई काम ही नहीं पाया गया है। सार्बजनिक शौचालय के नाम पर 842000/ हजार रूपये निकाले गये इसके बावजूद जांच में शौचालय निर्माण अधूरा पडा है। इस प्रकार 532000 रुपये का गमन पूर्व ग्राम प्रधान कैलाश पती, सचिव अवधेश कुमार पान्डेय व प्रशासक /एडीओ पंचायत घनश्याम पांडेय द्वारा किया गया है। रिकवरी कराने के लिए एसडीएम ज्ञानचन्द्र गुप्ता ने अपनी संस्तुति रिपोर्ट सीडीओ शंशाक त्रिपाठी को भेजा है।
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हैंडपंप रीबोर की जांच हो
दर्जनों से अधिक गांवों में हैंड पंप रीबोर के नाम पर लाखों का खेल हुआ है जांच होगी तो कई की गर्दन नप सकती है। ब्लाक मनकापुर की पूर्व की 77 ग्राम पंचायतों में सें कुछ ही ग्राम पंचायतें होगी जहां पर रिबोर का कार्य हुआ है। ज्यादातर ग्राम पंचायतों में रिबोर के नाम पर लाखों की धनराशि निकाल ली गई है, जबकि मौके पर रीबोर हुआ ही नहीं है। दिखाने व फोटो खिंचवाने के लिए कही कही रिबोर का काम हुआ है। यदि इसकी जांच बारीकी से होगी तो करोड़ों का गमन पकड़ में आ सकता है।
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