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जो हिंदू राष्ट्र की बात करते हैं उनके शासन में नहीं रुक सकी गोहत्या : शंकराचार्य

Wed, 15 Jul 2026 11:42 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा Updated Wed, 15 Jul 2026 11:42 PM IST
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Cow slaughter could not be stopped under the rule of those who speak of a Hindu nation
सभा में बोलते शंकराचार्य।
मुजेहना। गोरक्षार्थ धर्मयुद्ध यात्रा के तहत बुधवार की शाम धानेपुर पहुंचे ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण को लेकर तीखी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि मंदिर में न तो चोरी हुई और न ही डकैती, बल्कि यह पूरी तरह कलाकारी है। उनका दावा था कि इस काम के लिए पहले से लोगों को बैठाया गया था और उन्होंने वही किया, जिसके लिए उन्हें लगाया गया था। चंपत राय को बचाए जाने से जुड़े सवाल पर शंकराचार्य ने कहा कि चंपत राय वफादार हैं। ऐसा आदमी कहां मिलेगा, जिससे जो चाहो करवा लो। इसलिए उन्हें बचाया जा रहा है।
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इससे पहले मुजेहना क्षेत्र के माधवगंज स्थित चंद्रशेखर शुक्ल बालिका इंटर कॉलेज में आयोजित सभा में शंकराचार्य ने गोरक्षार्थ धर्मयुद्ध यात्रा के उद्देश्य पर विस्तार से बात की। उन्होंने कहा कि गोमाता को राष्ट्रमाता घोषित कराने के लिए वह प्रदेशभर में जनजागरण अभियान चला रहे हैं और अब तक 30 से अधिक विधानसभा क्षेत्रों का भ्रमण कर चुके हैं। उन्होंने लोगों से 2027 के विधानसभा चुनाव में गोसंरक्षण के मुद्दे को प्रमुख आधार बनाने का आह्वान किया।
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सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने केंद्र और प्रदेश सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि जो लोग हिंदू राष्ट्र और सनातन धर्म की बात करते हैं, उनके शासनकाल में भी गोवंश की हत्या नहीं रुक सकी। गाय करोड़ों हिंदुओं की आस्था का प्रतीक है और उसके संरक्षण के लिए ठोस कदम उठाए जाने चाहिए।
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वर्तमान समय में सनातन धर्म अनेक चुनौतियों का सामना कर रहा है। समाज को धर्म के वास्तविक स्वरूप को समझने और भ्रम फैलाने वाले तत्वों से सावधान रहने की जरूरत है। सनातन धर्म की रक्षा केवल भगवा वस्त्र धारण करने, तिलक लगाने या धार्मिक नारे लगाने से नहीं, बल्कि सच्चे आचरण और धर्म पालन से होती है।
उन्होंने कर्म और उसके फल की चर्चा करते हुए कहा कि मनुष्य के प्रत्येक कार्य का लेखा-जोखा सुरक्षित रहता है और अंततः हर व्यक्ति को अपने कर्मों का फल मिलता है।
सनातन परंपरा में धर्म संबंधी अंतिम मार्गदर्शन शंकराचार्यों की परंपरा से मिलता है और समाज को धर्म के विषय में प्रमाणिक नेतृत्व पर भरोसा करना चाहिए। उन्होंने कुछ संगठनों का नाम लिए बिना आरोप लगाया कि समानांतर अभियान चलाकर समाज को भ्रमित करने का प्रयास किया जा रहा है।

कार्यक्रम से पूर्व धानेपुर, कोनिया बनकट, इंदिरा नगर, मुजेहना ब्लॉक सहित विभिन्न स्थानों पर शंकराचार्य का स्वागत किया गया। इस दौरान राहुल शुक्ला, नित्यानंद शुक्ला, पुत्तन शुक्ला, नवीन मिश्रा, भल्ले महाराज, राजन पांडेय, रामानंद तिवारी, सुखपाल पांडेय मौजूद रहे।
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