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Gonda News: तंत्र-मंत्र के नाम पर ठगी के आरोपी की जमानत अर्जी खारिज
Mon, 17 Aug 2026 11:38 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Mon, 17 Aug 2026 11:38 PM IST
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गोंडा। तंत्रमंत्र और पूजापाठ के नाम पर लोगों से सोने-चांदी के जेवर व नकदी ठगने के आरोपी इमरान की जमानत अर्जी भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विशेष न्यायाधीश नित्या पांडेय की अदालत ने खारिज कर दी। आरोपी मेरठ के लिसाड़ी गेट का रहने वाला है।
अभियोजन के अनुसार, वादी हरिश्चंद्र गुप्ता की दिसंबर 2025 में कोतवाली नगर क्षेत्र में अशर्फीलाल से मुलाकात हुई थी। उसने वादी को एक कथित महाराज से मिलवाया, जिसने खुद को पं. रामस्वरूप शर्मा और शिव शक्ति ज्योतिष एवं आध्यात्मिक अनुसंधान केंद्र का संचालक बताया। आरोप है कि समस्याओं के समाधान और पूजा कराने के नाम पर जनवरी से मार्च 2026 के बीच वादी से करीब एक लाख रुपये लिए गए। इसके बाद घर में गड्ढा खोदवाकर पूजा कराने और उसमें सांप दिखाई देने का झांसा दिया गया। कथित रूप से परिवार को भयभीत कर 200 ग्राम सोना, 200 ग्राम चांदी समेत पीतल, लोहा और तांबे की सामग्री जुटाने को कहा गया। पूजा के दौरान जेवर लेकर आरोपी वहां से चले गए और फिर नहीं लौटे। इस मामले में कोतवाली नगर में रिपोर्ट दर्ज की गई थी।
अदालत ने अभियोजन पत्रावली के अवलोकन में पाया कि आरोपी पर पहचान छिपाकर तंत्रमंत्र, पूजापाठ और आध्यात्मिक उपचार के नाम पर लोगों को भयभीत कर सोने-चांदी के जेवर व नकदी ठगने वाले गिरोह से जुड़े होने का आरोप है। विवेचना के दौरान आरोपी समेत अन्य सह अभियुक्तों की गिरफ्तारी और बरामदगी का उल्लेख भी केस डायरी में है। सहअभियुक्त के बयान के आधार पर इमरान का नाम भी प्रकाश में आया। अपराध की गंभीर प्रकृति को देखते हुए अदालत ने जमानत अर्जी निरस्त कर दी।
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अभियोजन के अनुसार, वादी हरिश्चंद्र गुप्ता की दिसंबर 2025 में कोतवाली नगर क्षेत्र में अशर्फीलाल से मुलाकात हुई थी। उसने वादी को एक कथित महाराज से मिलवाया, जिसने खुद को पं. रामस्वरूप शर्मा और शिव शक्ति ज्योतिष एवं आध्यात्मिक अनुसंधान केंद्र का संचालक बताया। आरोप है कि समस्याओं के समाधान और पूजा कराने के नाम पर जनवरी से मार्च 2026 के बीच वादी से करीब एक लाख रुपये लिए गए। इसके बाद घर में गड्ढा खोदवाकर पूजा कराने और उसमें सांप दिखाई देने का झांसा दिया गया। कथित रूप से परिवार को भयभीत कर 200 ग्राम सोना, 200 ग्राम चांदी समेत पीतल, लोहा और तांबे की सामग्री जुटाने को कहा गया। पूजा के दौरान जेवर लेकर आरोपी वहां से चले गए और फिर नहीं लौटे। इस मामले में कोतवाली नगर में रिपोर्ट दर्ज की गई थी।
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अदालत ने अभियोजन पत्रावली के अवलोकन में पाया कि आरोपी पर पहचान छिपाकर तंत्रमंत्र, पूजापाठ और आध्यात्मिक उपचार के नाम पर लोगों को भयभीत कर सोने-चांदी के जेवर व नकदी ठगने वाले गिरोह से जुड़े होने का आरोप है। विवेचना के दौरान आरोपी समेत अन्य सह अभियुक्तों की गिरफ्तारी और बरामदगी का उल्लेख भी केस डायरी में है। सहअभियुक्त के बयान के आधार पर इमरान का नाम भी प्रकाश में आया। अपराध की गंभीर प्रकृति को देखते हुए अदालत ने जमानत अर्जी निरस्त कर दी।
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