{"_id":"60e9df928ebc3e49c21e96f2","slug":"court-gonda-news-lko5863537141","type":"story","status":"publish","title_hn":"सात जोड़े एक साथ रहने को हुए राजी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सात जोड़े एक साथ रहने को हुए राजी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गोंडा। दीवानी कचहरी स्थित परिवार न्यायालय में सुलह समझौता के आधार पर सात जोड़ो ने एक साथ रहने के रजामंदी जाहिर की। शनिवार को परिवार न्यायालय की प्रधान न्यायाधीश कुमुद पाल ने सात जोड़ों को सुलह-समझौता के आधार पर चल रहे मामलों को निस्तारित कराकर दंपतियों को एकसाथ रहने के रजामंदी के साथ घर भेजा। सभी जोड़ो ने आपस में यह भी तय किया कि वे आज से एक नई जिंदगी की शुरुआत हंसी-खुशी के साथ करेंगे। सात जोड़ों में सोमनाथ बनाम आरती, दानिया बनाम नूर आलम, अज्जू बनाम सबीना, साधना बनाम अजय, आरती बनाम रवि सोनी, अन्जम बनाम इमरान तथा नरगिस बनाम अरशद अली के मामले थे।
चार जोड़ो में नहीं बनी सहमति
परिवार न्यायालय में सुलह समझौता केंद्र में चार अन्य दंपतियों में आपसी सहमति नहीं बन पाई, जिससे उन्होंने अलग-अलग रहने का फैसला किया। जिसमें सईदा बानो बनाम अजमेर, रेखा गुप्ता बनाम दीपक, ममता बनाम शरद तथा रीतू बनाम राहुल के मामलों में चारों जोड़ों का अलग रहने का निर्णय हुआ। इस मौके पर अपर प्रधान न्यायाधीश अफशां, अपर प्रधान न्यायाधीश शैली राय, समाजसेवी रुचि मोदी, पेशकार अमरजीत भारती आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
चार जोड़ो में नहीं बनी सहमति
परिवार न्यायालय में सुलह समझौता केंद्र में चार अन्य दंपतियों में आपसी सहमति नहीं बन पाई, जिससे उन्होंने अलग-अलग रहने का फैसला किया। जिसमें सईदा बानो बनाम अजमेर, रेखा गुप्ता बनाम दीपक, ममता बनाम शरद तथा रीतू बनाम राहुल के मामलों में चारों जोड़ों का अलग रहने का निर्णय हुआ। इस मौके पर अपर प्रधान न्यायाधीश अफशां, अपर प्रधान न्यायाधीश शैली राय, समाजसेवी रुचि मोदी, पेशकार अमरजीत भारती आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन