{"_id":"634ef0fc3bc17f630719ec98","slug":"court-gonda-inquiry-docter-dead-gonda-news-lko653492956","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रसूता के इलाज में लापरवाही में फंसीं मेडिकल सेंटर की संचालिका","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रसूता के इलाज में लापरवाही में फंसीं मेडिकल सेंटर की संचालिका
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गोंडा। लापरवाही से इलाज के दौरान प्रसूता की मौत के मामले में समाजसेवी व गोंडा मेडिकल सेंटर की संचालिका डॉ. अनीता मिश्रा की मुश्किलें बढ़ गईं हैं। मृतका के भाई के प्रार्थना पत्र पर न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वितीय सत्य प्रकाश नरायन त्रिपाठी ने कोतवाली नगर के प्रभारी निरीक्षक को मुकदमा दर्ज कर विवेचना करने का आदेश दिया है।
जिले के धानेपुर थाना क्षेत्र के मंशापुरवा के रहने वाले अवधेश कुमार पांडेय ने न्यायालय में प्रार्थना पत्र देकर कहा कि 19 सितंबर 2021 को उसकी बहन आराधना पांडेय का सीजेरियन ऑपरेशन गोंडा मेडिकल सेंटर की संचालिका डॉ. अनीता मिश्रा ने किया था। उपेक्षा पूर्वक ऑपरेशन व इलाज में लापरवाही के कारण बहन का यूरिन डिस्चार्ज होना बंद हो गया और खून के साथ प्लेटलेट् कम होता गया। बीमारी की दशा में डॉ. अनीता मिश्रा ने डिस्चार्ज कर दिया। बाद में ब्लड व प्लेटलेट की कमी के चलते आराधना की मौत हो गई।
मृतका के भाई अवधेश पांडेय के अनुसार, उन्होंने डॉक्टर की लापरवाही की शिकायत सीएमओ व जिले के तत्कालीन डीएम से की थी। मामले में लीपापोती करते हुए जांच टीम में नामित अधिकारियों की ओर से डाक्टर के बचाव में क्लीन चिट दे दी गई थी। उसके बाद उन्हें न्यायालय की शरण लेनी पड़ी।
विज्ञापन
पीड़ित भाई के प्रार्थना पत्र की सुनवाई के दौरान मामले के तथ्य, साक्ष्य व परिस्थितियों को देखते हुए न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वितीय सत्य प्रकाश नरायन त्रिपाठी ने कोतवाली नगर के प्रभारी निरीक्षक को गोंडा मेडिकल सेंटर की संचालिका डॉ. अनीता मिश्रा के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर विवेचना करने का आदेश दिया है। नगर कोतवाल पंकज सिंह ने कहा कि आदेश की प्रति मिलने पर मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
विज्ञापन
जिले के धानेपुर थाना क्षेत्र के मंशापुरवा के रहने वाले अवधेश कुमार पांडेय ने न्यायालय में प्रार्थना पत्र देकर कहा कि 19 सितंबर 2021 को उसकी बहन आराधना पांडेय का सीजेरियन ऑपरेशन गोंडा मेडिकल सेंटर की संचालिका डॉ. अनीता मिश्रा ने किया था। उपेक्षा पूर्वक ऑपरेशन व इलाज में लापरवाही के कारण बहन का यूरिन डिस्चार्ज होना बंद हो गया और खून के साथ प्लेटलेट् कम होता गया। बीमारी की दशा में डॉ. अनीता मिश्रा ने डिस्चार्ज कर दिया। बाद में ब्लड व प्लेटलेट की कमी के चलते आराधना की मौत हो गई।
विज्ञापन
मृतका के भाई अवधेश पांडेय के अनुसार, उन्होंने डॉक्टर की लापरवाही की शिकायत सीएमओ व जिले के तत्कालीन डीएम से की थी। मामले में लीपापोती करते हुए जांच टीम में नामित अधिकारियों की ओर से डाक्टर के बचाव में क्लीन चिट दे दी गई थी। उसके बाद उन्हें न्यायालय की शरण लेनी पड़ी।
विज्ञापन
पीड़ित भाई के प्रार्थना पत्र की सुनवाई के दौरान मामले के तथ्य, साक्ष्य व परिस्थितियों को देखते हुए न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वितीय सत्य प्रकाश नरायन त्रिपाठी ने कोतवाली नगर के प्रभारी निरीक्षक को गोंडा मेडिकल सेंटर की संचालिका डॉ. अनीता मिश्रा के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर विवेचना करने का आदेश दिया है। नगर कोतवाल पंकज सिंह ने कहा कि आदेश की प्रति मिलने पर मुकदमा दर्ज किया जाएगा।