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कोरोना की आरटीपीसीआर जांच की खत्म होगी भागदौड़
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गोंडा। जिले में कोरोना वायरस की जांच के लिए इस समय लखनऊ की दौड़ लगानी पड़ती है लेकिन अब बस कुछ दिनों में ही ये भागदौड़ भी खत्म हो जायेगी। जिले में नई आरटीपीसीआर टेस्ट की जांच लैब यहीं खुल रही है। जिसके लिए ट्रायल भी शुरू हो चुका है। माना जा रहा है कि इस महीने के आखिर तक या सितंबर की शुरुआत में आरटीपीसीआर लैब यहां काम करना शुरू कर देगी।
बता दें कि आरटीपीसीआर यानि रिवर्स ट्रांसक्रिप्शन पालीमरेज चेन रिएक्शन की जांच कोरोना के अटैक का पता लगाने के लिए सबसे सटीक मानी जाती है। इसलिए किसी स्तर पर कोरोना की सौ प्रतिशत सही जांच के लिए सरकार भी आरटीपीसीआर जांच पर भरोसा करती है। कई दफा कई लोगों में कोरोना के लक्षण होते हैं लेकिन और टेस्ट में नहीं आता है। जब आरटीपीसीआर टेस्ट कराया जाता है तो पकड़ में आ जाता है। माना जा रहा है कि गुरुवार को कोविड अस्पताल के उद्घाटन के बाद आरटीपीसीआर लैब भी काम करना शुरू कर देगी।
एंटीजेन और ट्रयू नेट्स पर भी भारी आरटीपीसीआर
जिला अस्पताल में आये सिमटोमेटिक मरीजों और ऑपरेशन करने से पहले ट्रू नेट से कोरोना की जांच कराई जाती है जिसकी रिपोर्ट आने में लगभग डेढ़ घंटे लग जाते हैं। वहीं रैपिड टेस्टिंग के उपयोग किये जा रहे एंटीजेन टेस्ट किट से रिजल्ट 15 से 20 मिनट में मिल जाता है लेकिन इन दोनों को कंफर्म करने के लिए आरटीपीसीआर जांच कराई जाती है।
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कोरोना की जांच के लिए आरटीपीसीआर जांच लैब लगभग स्थापित हो चुकी है। बीते दो सप्ताह से लैब ट्रायल पर है। जल्द ही यहां टेस्टिंग की शुरुआत हो जाएगी। इससे न केवल गोंडा बल्कि आसपास के और जिलों को भी इसका लाभ मिलेगा। -डॉ. अरुण लाल, प्रमुख चिकित्साधीक्षक
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बता दें कि आरटीपीसीआर यानि रिवर्स ट्रांसक्रिप्शन पालीमरेज चेन रिएक्शन की जांच कोरोना के अटैक का पता लगाने के लिए सबसे सटीक मानी जाती है। इसलिए किसी स्तर पर कोरोना की सौ प्रतिशत सही जांच के लिए सरकार भी आरटीपीसीआर जांच पर भरोसा करती है। कई दफा कई लोगों में कोरोना के लक्षण होते हैं लेकिन और टेस्ट में नहीं आता है। जब आरटीपीसीआर टेस्ट कराया जाता है तो पकड़ में आ जाता है। माना जा रहा है कि गुरुवार को कोविड अस्पताल के उद्घाटन के बाद आरटीपीसीआर लैब भी काम करना शुरू कर देगी।
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एंटीजेन और ट्रयू नेट्स पर भी भारी आरटीपीसीआर
जिला अस्पताल में आये सिमटोमेटिक मरीजों और ऑपरेशन करने से पहले ट्रू नेट से कोरोना की जांच कराई जाती है जिसकी रिपोर्ट आने में लगभग डेढ़ घंटे लग जाते हैं। वहीं रैपिड टेस्टिंग के उपयोग किये जा रहे एंटीजेन टेस्ट किट से रिजल्ट 15 से 20 मिनट में मिल जाता है लेकिन इन दोनों को कंफर्म करने के लिए आरटीपीसीआर जांच कराई जाती है।
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कोरोना की जांच के लिए आरटीपीसीआर जांच लैब लगभग स्थापित हो चुकी है। बीते दो सप्ताह से लैब ट्रायल पर है। जल्द ही यहां टेस्टिंग की शुरुआत हो जाएगी। इससे न केवल गोंडा बल्कि आसपास के और जिलों को भी इसका लाभ मिलेगा। -डॉ. अरुण लाल, प्रमुख चिकित्साधीक्षक