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पांच सालों से लटका है कृषि महाविद्यालय व इंजीनियरिंग कालेज का निर्माण
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गोंडा। जिले में स्थापित होने वाले कृषि महाविद्यालय व इंजीनियरिंग कॉलेज का निर्माण पूरा नहीं हो पाया है। इसी के साथ ही मेडिकल कॉलेज के निर्माण पर भी जोर दिया जा रहा है। 20 करोड़ का बजट मिलने के बाद भी अभी निर्माण की शुरुआत नहीं हो पाई है। करनैलगंज में कृषि महाविद्यालय के निर्माण की शुरुआत वर्ष 2016 में की गई थी। 70 करोड़ से 36 एकड़ में बनने वाले महाविद्यालय का कार्य अभी अधूरा है। इसी तरह राजकीय पालीटेक्निक परिसर में करीब 45 करोड़ से इंजीनियरिंग कॉलेज का निर्माण भी शुरू हुए पांच साल होने को है लेकिन वह भी अधूूरा है। मुख्यमंत्री ने अधूरे कार्यों को पूरा करने पर जोर दिया। इससे उम्मीद जगी है कि निर्माण जल्द पूरे हो जाएं।
करनैलगंज के सकरौर में तत्कालीन बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री योगेश प्रताप सिंह के प्रयास से कृषि महाविद्यालय के निर्माण की शुरूआत हुई थी। 70 करोड़ के बजट से बनने वाले इस कृषि महाविद्यालय के अधूरे होने का मामला शनिवार को मुख्यमंत्री की वीडियो कांफ्रेंसिंग में करनैलगंज विधायक अजय प्रताप सिंह उर्फ लल्ला भैय्या ने उठाया और निर्माण पूरा कराने की मांग किया। उन्होंने अवशेष कार्य पूरे कराकर क्षेत्र के युवाओं को बेहतर शिक्षा की सौगात की वकालत की है।
इसी तरह राजकीय पालीटेक्निक परिसर में वर्ष 2007 में तत्कालीन प्राविधिक शिक्षा मंत्री योगेश प्रताप सिंह ने 100 करोड़ की लागत से महाराजा देवी बख्श सिंह सूचना प्रोद्यौगिकी संस्थान के निर्माण की नींव रखी थी, लेकिन निर्माण रुक गया और सरकार बदलने पर पांच साल तक कार्य नही हुआ। इसके बाद वर्ष 2016 में फिर 45 करोड़ से इंजीयनिरिंग कॉलेज के निर्माण का शिलान्यास तत्कालीन मंत्री विनोद कुुमार सिंह उर्फ पंडित सिंह ने रखा। निर्माण भी शुरू हो गया लेकिन अभी तक कार्य अधूरा ही है। इंजीयनिरिंग कॉलेज के निर्माण को पूरा कराने की मांग तो नहीं उठी है, लेकिन मुख्यमंत्री ने देवीपाटन मंडल के सभी अधूरे कार्य पूरे करने के निर्देश दिए हैं। ऐसे में इंजीयनिरिंग कॉलेज के निर्माण में भी तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है।
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मेडिकल कॉलेज का जल्द शुरू हो निर्माण तभी समय से होगा पूरा
जिले में मेडिकल कॉलेज के निर्माण के लिए 250 करोड़ का बजट तय किया गया है और भूमि भी तय हो गई है। 20 करोड़ का बजट भी जारी हो गया है। मुख्यमंत्री ने मेडिकल कॉलेज का निर्माण 2022 में मार्च तक पूरा कराने के निर्देश दिए हैं। जिससे जिले में स्वास्थ्य शिक्षा की पहल शुरू हो सके। अभी तक निर्माण की प्रक्रिया शुरू नही हो पाई है और बजट मिलने के बाद भी देरी होने से समय से निर्माण पूरा होने पर संकट है। सीएम की सख्ती के बाद मेडिकल कॉलेज के निर्माण की जल्द ही उम्मीद है।
दो वर्ष से रुका है राजकीय महाविद्यालय भवानीपुर का निर्माण
राजकीय महाविद्यालय भवानीपुर कला का निर्माण भी दो सालों से रुका है। इसके लिए स्थानीय समाजसेवी अभिषेक तिवारी ने आन्दोलन भी किया। नौ करोड़ की लागत से बनने वाले इस महाविद्यालय के निर्माण की स्वीकृति वर्ष 2012-13 में हुई थी। बाद में काम शुरू हुआ लेकिन सरकार बदलने के बाद कार्य धनावंटन न होने से रुक गया। अब मेहनौन विधायक विनय द्विवेदी ने निर्माण के लिए धनावंटन करने की मांग किया है। उन्होंने कहा कि जिले में एक भी सरकारी महाविद्यालय नही है, ऐसे में इसके संचालन से युवाओं को फायदा मिलेगा।
मंडल में अधूरे कार्यों को पूरा कराने के लिए समय तय किया गया है। शासन के निर्देश पर सभी परियोजनाओं का कार्य समय से पूरे कराए जाने के लिए नियमित समीक्षा की जा रही है। -एसवीएस रंगाराव, आयुक्त
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करनैलगंज के सकरौर में तत्कालीन बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री योगेश प्रताप सिंह के प्रयास से कृषि महाविद्यालय के निर्माण की शुरूआत हुई थी। 70 करोड़ के बजट से बनने वाले इस कृषि महाविद्यालय के अधूरे होने का मामला शनिवार को मुख्यमंत्री की वीडियो कांफ्रेंसिंग में करनैलगंज विधायक अजय प्रताप सिंह उर्फ लल्ला भैय्या ने उठाया और निर्माण पूरा कराने की मांग किया। उन्होंने अवशेष कार्य पूरे कराकर क्षेत्र के युवाओं को बेहतर शिक्षा की सौगात की वकालत की है।
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इसी तरह राजकीय पालीटेक्निक परिसर में वर्ष 2007 में तत्कालीन प्राविधिक शिक्षा मंत्री योगेश प्रताप सिंह ने 100 करोड़ की लागत से महाराजा देवी बख्श सिंह सूचना प्रोद्यौगिकी संस्थान के निर्माण की नींव रखी थी, लेकिन निर्माण रुक गया और सरकार बदलने पर पांच साल तक कार्य नही हुआ। इसके बाद वर्ष 2016 में फिर 45 करोड़ से इंजीयनिरिंग कॉलेज के निर्माण का शिलान्यास तत्कालीन मंत्री विनोद कुुमार सिंह उर्फ पंडित सिंह ने रखा। निर्माण भी शुरू हो गया लेकिन अभी तक कार्य अधूरा ही है। इंजीयनिरिंग कॉलेज के निर्माण को पूरा कराने की मांग तो नहीं उठी है, लेकिन मुख्यमंत्री ने देवीपाटन मंडल के सभी अधूरे कार्य पूरे करने के निर्देश दिए हैं। ऐसे में इंजीयनिरिंग कॉलेज के निर्माण में भी तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है।
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मेडिकल कॉलेज का जल्द शुरू हो निर्माण तभी समय से होगा पूरा
जिले में मेडिकल कॉलेज के निर्माण के लिए 250 करोड़ का बजट तय किया गया है और भूमि भी तय हो गई है। 20 करोड़ का बजट भी जारी हो गया है। मुख्यमंत्री ने मेडिकल कॉलेज का निर्माण 2022 में मार्च तक पूरा कराने के निर्देश दिए हैं। जिससे जिले में स्वास्थ्य शिक्षा की पहल शुरू हो सके। अभी तक निर्माण की प्रक्रिया शुरू नही हो पाई है और बजट मिलने के बाद भी देरी होने से समय से निर्माण पूरा होने पर संकट है। सीएम की सख्ती के बाद मेडिकल कॉलेज के निर्माण की जल्द ही उम्मीद है।
दो वर्ष से रुका है राजकीय महाविद्यालय भवानीपुर का निर्माण
राजकीय महाविद्यालय भवानीपुर कला का निर्माण भी दो सालों से रुका है। इसके लिए स्थानीय समाजसेवी अभिषेक तिवारी ने आन्दोलन भी किया। नौ करोड़ की लागत से बनने वाले इस महाविद्यालय के निर्माण की स्वीकृति वर्ष 2012-13 में हुई थी। बाद में काम शुरू हुआ लेकिन सरकार बदलने के बाद कार्य धनावंटन न होने से रुक गया। अब मेहनौन विधायक विनय द्विवेदी ने निर्माण के लिए धनावंटन करने की मांग किया है। उन्होंने कहा कि जिले में एक भी सरकारी महाविद्यालय नही है, ऐसे में इसके संचालन से युवाओं को फायदा मिलेगा।
मंडल में अधूरे कार्यों को पूरा कराने के लिए समय तय किया गया है। शासन के निर्देश पर सभी परियोजनाओं का कार्य समय से पूरे कराए जाने के लिए नियमित समीक्षा की जा रही है। -एसवीएस रंगाराव, आयुक्त