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Gonda News: मोटे अनाज का कारोबार, सेहत संग समृद्धि का खुला द्वार
Mon, 17 Feb 2025 10:48 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Mon, 17 Feb 2025 10:48 PM IST
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गेहूं तैयार करतीं सीमा सोनी।
गोंडा। इच्छाशक्ति मजबूत हो तो सफलता जरूर मिलती है। यह साबित कर दिया है शहर के भरतमिलाप चौराहा निवासी सीमा सोनी ने। उन्होंने वर्ष 2022 में खुद का कारोबार शुरू किया। एक लाख रुपये से शुरू हुआ व्यवसाय वर्तमान में 35 लाख रुपये सालाना तक पहुंच गया है। 20 लोगों को रोजगार भी दिया है।
स्नातक पास सीमा के पति शिवकुमार सोनी सराफा कारोबारी हैं। सीमा कहना है कि कोरोना काल में घर में बैठकर वह ऊब गईं। लोगों के काम-धंधे बंद हो गए थे। परदेस से भी लोग वापस लौटने लगे। रोजगार का संकट खड़ा हो गया। इसके बाद उन्होंने कुछ अलग करने का सोचा। बकौल सीमा एक लाख रुपये की पूंजी से उन्होंने मोटे अनाज (श्रीअन्न) का कारोबार शुरू किया। पति ने काफी सहयोग किया। उनके कार्यों की ब्रॉडिंग की। लोगों को इस मुहिम से न सिर्फ जोड़ा, बल्कि प्रचार-प्रसार भी खूब कराया। सोशल मीडिया प्लेटफार्म के जरिये भी मोटे अनाज से तैयार की गई खाद्य सामग्रियों को लोगों तक पहुंचाया जा रहा है।
सीमा ने न्यू सावित्री आटा लघु उद्योग के नाम से उद्यम विभाग और खाद्य विभाग में पंजीकरण कराया है। गोंडा से लेकर गोरखपुर तक उनके उत्पादों की बिक्री हो रही है। प्रचार वाहन भी लगातार चल रहा है। उतरौला रोड पर गोलागंज और बेलसर रोड पर तिवारी बाजार में दो स्टालों पर मोटे अनाज के उत्पादों की बिक्री की जा रही है।
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इन्हें मिला रोजगार
उतरौला रोड पर गोलागंज में लघु उद्योग भारती के तहत शुरू किए गए उद्यम से शहर की सुनीता, संगीता, लक्ष्मी, खुशबू, गायत्री, मीरा, नन्हीं, वीरेंद्र, अनिल सोनकर, सोनू, गोलू, सीताराम, अजय यादव, विनय यादव, कुणाल व सतीश साहू को रोजगार मिल गया है। कोई गेहूं की सफाई करता है तो कोई बाजरा, रांगी, ज्वार, मक्का की पिसाई और कुटाई। इनमें से कोई सेल्समैन बन गया है तो कोई स्टाल लगाकर श्रीअन्न का प्रचार-प्रसार कर रहा है।
40 प्रकार की खाद्य सामग्री उपलब्ध
मोटे अनाज की फेहरिस्त में बाजरा, ज्वार, रांगी, जौ, चने, चावल, मक्के, कुट्टू, सिंघाड़े का आटा शामिल है। तिन्नी चावल, कोदों, सावां, साबुत भुना चना, चने का बेसन, मक्के का दलिया, कंगनी मिलेटम, चने का सत्तू, जौ का सत्तू, सोयाबीन आंटा, जौ का दलिया, सरसों तेल, मल्टीग्रेन दाल, सुपर मल्टीग्रेन आंटा, वेट कंट्रोल आटा, वेट गेन आटा, देशी घी, कई प्रकार के गुड़, मसाले आदि शामिल हैं। ये सभी खाद्य सामग्री लोग खूब पसंद कर रहे हैं।
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स्नातक पास सीमा के पति शिवकुमार सोनी सराफा कारोबारी हैं। सीमा कहना है कि कोरोना काल में घर में बैठकर वह ऊब गईं। लोगों के काम-धंधे बंद हो गए थे। परदेस से भी लोग वापस लौटने लगे। रोजगार का संकट खड़ा हो गया। इसके बाद उन्होंने कुछ अलग करने का सोचा। बकौल सीमा एक लाख रुपये की पूंजी से उन्होंने मोटे अनाज (श्रीअन्न) का कारोबार शुरू किया। पति ने काफी सहयोग किया। उनके कार्यों की ब्रॉडिंग की। लोगों को इस मुहिम से न सिर्फ जोड़ा, बल्कि प्रचार-प्रसार भी खूब कराया। सोशल मीडिया प्लेटफार्म के जरिये भी मोटे अनाज से तैयार की गई खाद्य सामग्रियों को लोगों तक पहुंचाया जा रहा है।
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सीमा ने न्यू सावित्री आटा लघु उद्योग के नाम से उद्यम विभाग और खाद्य विभाग में पंजीकरण कराया है। गोंडा से लेकर गोरखपुर तक उनके उत्पादों की बिक्री हो रही है। प्रचार वाहन भी लगातार चल रहा है। उतरौला रोड पर गोलागंज और बेलसर रोड पर तिवारी बाजार में दो स्टालों पर मोटे अनाज के उत्पादों की बिक्री की जा रही है।
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इन्हें मिला रोजगार
उतरौला रोड पर गोलागंज में लघु उद्योग भारती के तहत शुरू किए गए उद्यम से शहर की सुनीता, संगीता, लक्ष्मी, खुशबू, गायत्री, मीरा, नन्हीं, वीरेंद्र, अनिल सोनकर, सोनू, गोलू, सीताराम, अजय यादव, विनय यादव, कुणाल व सतीश साहू को रोजगार मिल गया है। कोई गेहूं की सफाई करता है तो कोई बाजरा, रांगी, ज्वार, मक्का की पिसाई और कुटाई। इनमें से कोई सेल्समैन बन गया है तो कोई स्टाल लगाकर श्रीअन्न का प्रचार-प्रसार कर रहा है।
40 प्रकार की खाद्य सामग्री उपलब्ध
मोटे अनाज की फेहरिस्त में बाजरा, ज्वार, रांगी, जौ, चने, चावल, मक्के, कुट्टू, सिंघाड़े का आटा शामिल है। तिन्नी चावल, कोदों, सावां, साबुत भुना चना, चने का बेसन, मक्के का दलिया, कंगनी मिलेटम, चने का सत्तू, जौ का सत्तू, सोयाबीन आंटा, जौ का दलिया, सरसों तेल, मल्टीग्रेन दाल, सुपर मल्टीग्रेन आंटा, वेट कंट्रोल आटा, वेट गेन आटा, देशी घी, कई प्रकार के गुड़, मसाले आदि शामिल हैं। ये सभी खाद्य सामग्री लोग खूब पसंद कर रहे हैं।