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सीएमओ ने तीन सीएचसी अधीक्षकों का दो दिन का वेतन रोका
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गोंडा। जिला मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. मधु गैरोला ने जिले के तीन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों से संबंधित आईजीआरएस पोर्टल की शिकायतों का लंबे समस से निस्तारण न होने के मामले में वहां चिकित्सा अधीक्षकों के दो दिन का वेतन रोक दिया है। संबंधित चिकित्सा अधीक्षकों को कई बार पत्र भेजे जाने के अलावा मौखिक कहने के बावजूद शासकीय कार्य में लापरवाही करने पर सीएमओ ने अधीक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाबतलब किया है।
आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायतों के लंबे समय से निस्तारण न होने आईजीआरएस से संबंधित कार्य को गंभीरता से नहीं लिया। इस बारे में समय-समय पर सीएमओ की ओर से निर्देश दिये जाने के साथ पत्र भी लिखा गया। लापरवाही को सीएमओ ने गंभीरता से लिया।
उन्होंने इस बारे में कटरा ब्लॉक के सीएचसी अधीक्षक डॉ. पीके सिंह, पंडरी कृपाल ब्लॉक के सीएचसी अधीक्षक डॉ. शैलेन्द्र सिंह व काजीदेवर सीएचसी के अधीक्षक डॉ. सत्य नारायन सिंह को कारण बताओ नोटिस जारी करने के साथ उनके नवंबर माह का दो दिन का वेतन रोक दिया है। इस बारे में सीएमओ ने यह भी निर्धारित किया है कि पोर्टल पर शून्य मामले होने पर ही वेतन आहरित हो सकेगा। ऐसा न होने पर तीन माह तक लगातार दो दिन के वेतन की कटौती की जाएगी। यह सभी ब्लॉक आईजीआरएस के निस्तारण में डिफाल्टर की श्रेणी में हैं।
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आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायतों के लंबे समय से निस्तारण न होने आईजीआरएस से संबंधित कार्य को गंभीरता से नहीं लिया। इस बारे में समय-समय पर सीएमओ की ओर से निर्देश दिये जाने के साथ पत्र भी लिखा गया। लापरवाही को सीएमओ ने गंभीरता से लिया।
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उन्होंने इस बारे में कटरा ब्लॉक के सीएचसी अधीक्षक डॉ. पीके सिंह, पंडरी कृपाल ब्लॉक के सीएचसी अधीक्षक डॉ. शैलेन्द्र सिंह व काजीदेवर सीएचसी के अधीक्षक डॉ. सत्य नारायन सिंह को कारण बताओ नोटिस जारी करने के साथ उनके नवंबर माह का दो दिन का वेतन रोक दिया है। इस बारे में सीएमओ ने यह भी निर्धारित किया है कि पोर्टल पर शून्य मामले होने पर ही वेतन आहरित हो सकेगा। ऐसा न होने पर तीन माह तक लगातार दो दिन के वेतन की कटौती की जाएगी। यह सभी ब्लॉक आईजीआरएस के निस्तारण में डिफाल्टर की श्रेणी में हैं।
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