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डाटा उपभोग का बजट सरेन्डर न करने में फंसे सभी एसडीएम, स्पष्टीकरण तलब
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गोंडा। जिलाधिकारी डॉ. नितिन बंसल ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट स्थित भूलेेख कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के लिए अचानक पहुंचे जिलाधिकारी ने वहां पर मौजूद कर्मचारियों से उनका परिचय तथा कार्यालय में उनकी तैनाती की जानकारी ली तो पता चला कि चेनमैन सुरेंद्र कुमार अपनी नियुक्ति वर्ष 2004 से एक ही कार्यालय में एक ही पटल पर पिछले 15 वर्षों से कार्यरत हैं। डीमए ने डाटा उपभोग का बजट सरेंडर न करने पर सभी तहसीलों के एसडीएम से स्पष्टीकरण तलब किया है।
जिलाधिकारी ने मुख्य राजस्व अधिकारी को आदेश दिए कि तत्काल कर्मचारी का स्थानांतरण अन्यत्र किया जाय। इसी प्रकार गजराज यादव लेखपाल पिछले 10 वर्षों से कार्यालय में संबद्ध हैं, जिलाधिकारी ने उन्हें भी हटाने के निर्देश दिए। इसके बाद डीएम ने अभिलेखों की पड़ताल की। निरीक्षण के दौरान डीएम ने गार्ड फाइल, जीपीएफ पास बुक, सर्विस बुक, ऑडिट आपत्तियों की स्थिति, दुर्घटना बीमा के प्रकरणों के निस्तारण की स्थिति, खतौनियों की स्थिति, पटलवार अभिलेखों का दुरुस्तीकरण आदि केे बारे में गहन पूछताछ की। डीएम ने निर्देश दिए कि सभी पटलों के कर्मियों के पटल पर उनके नाम व पदनाम की पटिट्का लगाई जाय।
सभी आलमारियों पर उसमें संरक्षित अभिलेख के अनुसार ऊपर नाम लिखा जाय। सेवा निवृत्त कर्मी अयोध्या प्रसाद व नफीसुल हसन की फाइलें अभिलेखागार में अब तक दाखिल न करने पर फटकार लगाई है। विभागीय कार्यवाहियों की फाइल के निरीक्षण में पता चला कि वर्ष 2018 से लेकर अभी तक लेखपालों के विरुद्ध विभागीय कार्यवाहियों की फाइलें अनिस्तारित हैं। इसी प्रकार तीन राजस्व निरीक्षकों के खिलाफ भी विभागीय कार्यवाही लंबित है। पता चला कि फरवरी 2020 में लेखपाल शारदा पांडेय के विरुद्ध अपर उपजिलाधिकारी प्रथम को जांच कर कार्यवाही के आदेश दिए गए थे, लेकिन अभी तक कार्यवाही नहीं की गई। इस पर डीएम ने अपर उपजिलाधिकारी-प्रथम से स्पष्टीकरण तलब किया है।
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डीएम ने डाटा उपभोग के संबंध में ब्यौरा न देने और डाटा के लिए उपलब्ध बजट सरेंडर न करने पर सभी तहसीलों के उपजिलाधिकारियों से स्पष्टीकरण तलब करते हुए निर्देश दिए हैं कि जवाब न आने पर संबंधित एसडीएम के विरुद्ध विभागीय कार्यवाही की चेतावनी दी है। इसके अलावा दुर्घटना बीमा योजना के तहत लंबित सभी प्रकरणों को एक माह के अंदर निस्तारित करने के आदेश दिए हैं। निरीक्षण के दौरान डीएम ने कर्मचारी ननकू प्रसाद की जीपीएफ पासबुक व सेवा पुस्तिका का अवलोकन किया। इसके अतिरिक्त उन्होंनें ऑनलाइन वरासत, लेखपालों के पासवर्ड सेट होने की स्थिति आदि का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान सीआरओ आरआर प्रजापति, कलेक्ट्रेट के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी नईम अहमद, नाजिर सुनील कुमार, ओएसडी शिवराज शुक्ला सहित अन्य अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।
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जिलाधिकारी ने मुख्य राजस्व अधिकारी को आदेश दिए कि तत्काल कर्मचारी का स्थानांतरण अन्यत्र किया जाय। इसी प्रकार गजराज यादव लेखपाल पिछले 10 वर्षों से कार्यालय में संबद्ध हैं, जिलाधिकारी ने उन्हें भी हटाने के निर्देश दिए। इसके बाद डीएम ने अभिलेखों की पड़ताल की। निरीक्षण के दौरान डीएम ने गार्ड फाइल, जीपीएफ पास बुक, सर्विस बुक, ऑडिट आपत्तियों की स्थिति, दुर्घटना बीमा के प्रकरणों के निस्तारण की स्थिति, खतौनियों की स्थिति, पटलवार अभिलेखों का दुरुस्तीकरण आदि केे बारे में गहन पूछताछ की। डीएम ने निर्देश दिए कि सभी पटलों के कर्मियों के पटल पर उनके नाम व पदनाम की पटिट्का लगाई जाय।
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सभी आलमारियों पर उसमें संरक्षित अभिलेख के अनुसार ऊपर नाम लिखा जाय। सेवा निवृत्त कर्मी अयोध्या प्रसाद व नफीसुल हसन की फाइलें अभिलेखागार में अब तक दाखिल न करने पर फटकार लगाई है। विभागीय कार्यवाहियों की फाइल के निरीक्षण में पता चला कि वर्ष 2018 से लेकर अभी तक लेखपालों के विरुद्ध विभागीय कार्यवाहियों की फाइलें अनिस्तारित हैं। इसी प्रकार तीन राजस्व निरीक्षकों के खिलाफ भी विभागीय कार्यवाही लंबित है। पता चला कि फरवरी 2020 में लेखपाल शारदा पांडेय के विरुद्ध अपर उपजिलाधिकारी प्रथम को जांच कर कार्यवाही के आदेश दिए गए थे, लेकिन अभी तक कार्यवाही नहीं की गई। इस पर डीएम ने अपर उपजिलाधिकारी-प्रथम से स्पष्टीकरण तलब किया है।
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डीएम ने डाटा उपभोग के संबंध में ब्यौरा न देने और डाटा के लिए उपलब्ध बजट सरेंडर न करने पर सभी तहसीलों के उपजिलाधिकारियों से स्पष्टीकरण तलब करते हुए निर्देश दिए हैं कि जवाब न आने पर संबंधित एसडीएम के विरुद्ध विभागीय कार्यवाही की चेतावनी दी है। इसके अलावा दुर्घटना बीमा योजना के तहत लंबित सभी प्रकरणों को एक माह के अंदर निस्तारित करने के आदेश दिए हैं। निरीक्षण के दौरान डीएम ने कर्मचारी ननकू प्रसाद की जीपीएफ पासबुक व सेवा पुस्तिका का अवलोकन किया। इसके अतिरिक्त उन्होंनें ऑनलाइन वरासत, लेखपालों के पासवर्ड सेट होने की स्थिति आदि का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान सीआरओ आरआर प्रजापति, कलेक्ट्रेट के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी नईम अहमद, नाजिर सुनील कुमार, ओएसडी शिवराज शुक्ला सहित अन्य अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।