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पांच लाख किसानों में सिर्फ छह हजार को मूल्य समर्थन का लाभ
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गोंडा। जिले में पांच लाख किसान, मूल्य समर्थन योजना का लाभ मिला सिर्फ छह हजार 804 किसानों को है न कमाल की बात। जी हां यह आंकड़ों की बाजीगरी मार्केटिंग विभाग ने कर दिखाई है। किसानों को लाभ भले ही कम किसानों को मिला हो लेकिन जिले में गेहूं खरीद के आंकड़े लक्ष्य के करीब पहुंच गये हैं।
जिले में शासन की ओर से छह क्रय एजेन्सियों को 71 हजार मीट्रिक टन गेहूं की खरीद करने का लक्ष्य दिया था। मूल्य समर्थन योजना के तहत किसानों से सीधे गेहूं की खरीद करने के लिए जिले में कुल 84 क्रय केन्द्र स्थापित किये गये थे। अलग अलग क्रय एजेंसियों की ओर से कुल 65 हजार 802 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की गई जो कुल खरीद लक्ष्य का 47.54 फीसद है। जिले में क्रय एजेंसियों पर गेहूं खरीद की स्थिति खरीद समय में बहुत अच्छी नहीं रही।
बताया जाता है कि आसानी की वजह से किसानों ने बिचौलियों व गल्ला कारोबारियों को खुले बाजार में अपनी उपज बेच दी। सरकारी क्रय केंद्रों पर कभी पैसा तो कभी बोरा न होने के कारण न सिर्फ लौटना पड़ रहा था बल्कि कई दिन तक केंद्रों पर इंतजार करना पड़ रहा था। इसकी वजह से अधिकतर किसानों ने मंडी व गल्ला बाजार में अपनी उपज को बेंच दिया।
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कारोबारियों के किसानों से सीधे गेहूं की खरीद करने से सरकारी केंद्रों पर गेहूं की खरीद काफी पीछे देख मार्केटिंग विभाग ने कारोबारियों को रोकने के लिए कुछ दिन पहले छापेमारी अभियान भी चलाया। क्रय एजेंसियों की लापरवाही से किसानों को मूल्य समर्थन योजना का लाभ दिलाने की सरकार की मंशा पूरी नहीं हो सकी। इसका बड़ी नजीर जिले के लाभांन्वित किसानों की कुल मामली संख्या जो जिले के पांच लाख कुल किसानों के मुताबिक काफी कम है।
जिले में गेहू खरीद की स्थिति
क्रय एजेंसियां खरीद लक्ष्य कुल खरीद किसान
एनपीसीपीसीएफ 11500 7005.15 1697
पीसीएफ 25500 12347.43 2457
यूपी एग्रो 1500 143.00 34
यूपीपीसीयू 20000 10837.82 1927
यूपीएसएस 10000 3440.00 594
एफसीआई 2500 380.40 95
कुल - 71,000 65802.19 6,840
लक्ष्य से कम हुई गेहूं खरीद
जिले में शासन की ओर से निर्धारित लक्ष्य से कम खरीद हुई है लेकिन पिछले साल की तुलना में अधिक गेहूं खरीद हुई है। सभी किसानों के गेहूं का मूल्य भुगतान कर दिया गया है। किसानों से अधिकतम गेहूं खरीदने का प्रयास किया गया। - एलबी गुप्ता, जिला विपणन अधिकारी गोंडा।
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जिले में शासन की ओर से छह क्रय एजेन्सियों को 71 हजार मीट्रिक टन गेहूं की खरीद करने का लक्ष्य दिया था। मूल्य समर्थन योजना के तहत किसानों से सीधे गेहूं की खरीद करने के लिए जिले में कुल 84 क्रय केन्द्र स्थापित किये गये थे। अलग अलग क्रय एजेंसियों की ओर से कुल 65 हजार 802 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की गई जो कुल खरीद लक्ष्य का 47.54 फीसद है। जिले में क्रय एजेंसियों पर गेहूं खरीद की स्थिति खरीद समय में बहुत अच्छी नहीं रही।
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बताया जाता है कि आसानी की वजह से किसानों ने बिचौलियों व गल्ला कारोबारियों को खुले बाजार में अपनी उपज बेच दी। सरकारी क्रय केंद्रों पर कभी पैसा तो कभी बोरा न होने के कारण न सिर्फ लौटना पड़ रहा था बल्कि कई दिन तक केंद्रों पर इंतजार करना पड़ रहा था। इसकी वजह से अधिकतर किसानों ने मंडी व गल्ला बाजार में अपनी उपज को बेंच दिया।
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कारोबारियों के किसानों से सीधे गेहूं की खरीद करने से सरकारी केंद्रों पर गेहूं की खरीद काफी पीछे देख मार्केटिंग विभाग ने कारोबारियों को रोकने के लिए कुछ दिन पहले छापेमारी अभियान भी चलाया। क्रय एजेंसियों की लापरवाही से किसानों को मूल्य समर्थन योजना का लाभ दिलाने की सरकार की मंशा पूरी नहीं हो सकी। इसका बड़ी नजीर जिले के लाभांन्वित किसानों की कुल मामली संख्या जो जिले के पांच लाख कुल किसानों के मुताबिक काफी कम है।
जिले में गेहू खरीद की स्थिति
क्रय एजेंसियां खरीद लक्ष्य कुल खरीद किसान
एनपीसीपीसीएफ 11500 7005.15 1697
पीसीएफ 25500 12347.43 2457
यूपी एग्रो 1500 143.00 34
यूपीपीसीयू 20000 10837.82 1927
यूपीएसएस 10000 3440.00 594
एफसीआई 2500 380.40 95
कुल - 71,000 65802.19 6,840
लक्ष्य से कम हुई गेहूं खरीद
जिले में शासन की ओर से निर्धारित लक्ष्य से कम खरीद हुई है लेकिन पिछले साल की तुलना में अधिक गेहूं खरीद हुई है। सभी किसानों के गेहूं का मूल्य भुगतान कर दिया गया है। किसानों से अधिकतम गेहूं खरीदने का प्रयास किया गया। - एलबी गुप्ता, जिला विपणन अधिकारी गोंडा।