फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gonda News ›   ATS starts investigation into fake birth certificate

Gonda News: फर्जी जन्म प्रमाणपत्र की एटीएस ने शुरू की जांच

Sun, 05 Jan 2025 11:25 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा Updated Sun, 05 Jan 2025 11:25 PM IST
विज्ञापन
ATS starts investigation into fake birth certificate
गोंडा। फर्जी जन्म प्रमाणपत्र के आधार पर मुंबई से पासपोर्ट बनवाने की जांच एटीएस (आतंकवाद निरोधक दस्ता) ने शुरू कर दी है। टीम ने शनिवार को सीएमओ कार्यालय पहुंचकर जानकारी जुटाई। कर्मचारियों से भी पूछताछ की। जांच में स्थानीय पुलिस सहयोग कर रही है। जल्द ही मामले से जुड़ा बड़ा खुलासा हो सकता है। सूत्रों के अनुसार मामला राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा होने के कारण अन्य सुरक्षा एजेंसियों से भी जांच में मदद ली जा सकती है। रायबरेली जैसे यहां के भी तार पूर्वांचल व बांग्लादेश से जुड़े होने की आशंका है।
विज्ञापन

दिसंबर 2024 में मुंबई पुलिस ने सीएमओ को पासपोर्ट के आवेदनपत्र के साथ दाखिल किए गए जन्म प्रमाणपत्र को सत्यापन के लिए भेजा था। जांच में दो के प्रमाणपत्र फर्जी मिले। इसके बाद सीएमओ डॉ. रश्मि वर्मा ने मुंबई पुलिस को पूरी रिपोर्ट भेज दी। शनिवार को जब एटीएस टीम जांच के लिए पहुंची तो सीएमओ कार्यालय के कर्मचारी दंग रह गए। उन्होंने बताया कि जिस अस्पताल से जन्म प्रमाणपत्र जारी किए गए हैं वहां अभी तक किलकारी ही नहीं गूंजी है। इसके बाद भी वहां से जन्म प्रमाणपत्र बनवा दिया गया। वहीं, अधिकारियों ने इस संबंध में चुप्पी साधे रखी।
विज्ञापन

एसपी को भेजी रिपोर्ट
सीएमओ डॉ. रश्मि वर्मा ने एसपी को रिपोर्ट भेजी है, जिसमें उन्होंने कहा है कि मुंबई पुलिस से प्राप्त रुमाना व साबिर के जन्म प्रमाणपत्र की जांच की गई। दोनों के प्रमाणपत्र फर्जी मिल। उन्होंने एसपी से पूरे मामले की जांच कराकर मुकदमा दर्ज कराने के लिए कहा है। जिलाधिकारी को भी प्रकरण से अवगत कराया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


ऐसे करें असली व नकली जन्म प्रमाणपत्र की पहचान

-सीएमओ कार्यालय में तैनात सहायक संख्यिकी अधिकारी अरुण कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि जन्म प्रमाणपत्र बनवाने के लिए बच्चों के माता-पिता का आधार कार्ड, अस्पताल द्वारा जारी जन्म प्रपत्र, बच्चे का टीका कार्ड, बच्चे का नाम, जन्म स्थान व जन्म तिथि की जानकारी लेकर पंचायत सचिव, नगर पालिका व अस्पताल कार्यालय में जन्म के 21 दिन के अंदर आवेदन करना होता है। जन्म प्रमाणपत्र के असली होने का पता लगाने के लिए पंचायत सचिव द्वारा जारी किए गए प्रमाणपत्र पर बाएं तरफ प्रमाणपत्र जारी करने की तिथि एवं एक क्यूआर कोड होता है। उसे स्कैन करके असली होने की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। क्यूआर कोड स्कैन करने पर पूरा डाटा दिखाई देगा, जिससे आसानी से अपने बच्चे के जन्म प्रमाणपत्र के असली या जाली होने की जानकारी हो जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article