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एटीएम फ्राड करने वाले अंतर्राज्यीय रैकेट का भंडाफोड़, दो शातिर गिरफ्तार
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14द्दस्रड्डश्च6-गोंडा के एसपी कार्यालय में पकड़ कर लाए गए एटीएम के जालसाजों संग एसपी व नागालैंड पु?
- फोटो : GONDA
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गोंडा। जिले की पुलिस ने नागालैंड पुलिस के साथ मिलकर एटीएम फ्रॉड करने वाले एक अंतर्राज्यीय रैकेट का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने दो शातिर सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों के पास से पुलिस ने 25 हजार रुपये की नकदी समेत 13 एटीएम कार्ड बरामद किया है। मास्टरमाइंड पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ सका है। शनिवार को एसपी संतोष मिश्रा ने इस गिरोह के पकड़ने जाने की जानकारी दी।
पकड़े गए शातिरों के बारे में पुलिस अधीक्षक संतोष मिश्रा ने बताया कि नागालैंड पुलिस ने कुछ दिन पहले गोंडा जिले के रहने वाले एक युवक को एटीएम फ्राड कर पैसे निकालने के मामले में गिरफ्तार किया था। जानकारी गोंडा पुलिस से साझा की थी। नागालैंड पुलिस व अन्य इटेंलिजेंस से मिले इनपुट के मुताबिक रैकेट का खुलासा करने के लिए एसओजी व परसपुर थाने की पुलिस को लगाया गया था। टीम ने पड़ताल शुरू की तो मामले का खुलासा हुआ। पुलिस ने परसपुर थाना क्षेत्र के बलगरपुरवा नन्दौर गांव के दिवाकर सिंह व पूरे पंडित लोहंगपुर के रहने वाले अरविंद पाठक को पकड़ा। दोनों ने पूछताछ में एटीएम फ्राड करने की तकनीक पुलिस को बताई उसे सुनकर अफसरों के होश उड़ गए।
एसपी ने बताया कि शातिर एटीएम मशीनों में लगी स्लाइडिंग को रोककर पहले ट्रांजेक्शन फेल कराते थे। फिर बैंक में शिकायत दर्ज कराकर पैसा वापस लेते थे। वह एटीएम कार्ड होल्डर को भी कुछ पैसे देते थे। आरोपियों ने करोड़ों रुपये की हेराफेरी किए जाने की बात स्वीकार की है। शनिवार को एसपी ने प्रेस कांफ़्रेंस कर रैकेट का खुलासा किया। बताया कि गिरोह में कुल सात सदस्य शामिल हैं। इनमें ज्ञानेंद्र सिंह उर्फ विक्की को नागालैंड की दीमापुर पुलिस ने गिरफ्तार किया और वह जेल में बंद है जबकि दो आरोपियों को यहां गिरफ्तार किया गया है। गिरोह का मास्टरमाइंड अजीत सिंह भी परसपुर का रहने वाला है वह अभी पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ सका है। परसपुर एसओ सुधीर सिंह व एसओजी प्रभारी संतोष कुमार सिंह समेत नागालैंड की पुलिस मौजूद रही।
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चेन बनाकर कर रहे थे एटीएम फर्जीवाड़ा
एटीएम फ्राड करने में गिरफ्तार किए आरोपियों ने बताया कि वह चेन बनाकर जालसाजी को अंजाम दे रहे थे। वह फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से विभिन्न बैकों में अपने तथा अपने साथियों के खाते खुलवाकर संबंधित बैंक का एटीएम प्राप्त कर फिर खाते में कुछ पैसा जमा करा देते थे। उसी पैसे को निकालने के दौरान एटीएम मशीन में निकासी वाले स्थान पर अंगुली लगाकर स्लाइड को होल्डकर देते थे। जिससे पैसा तो तत्काल निकल जाता था लेकिन सिस्टम पर ट्रांजेक्शन फेल हो जाता था, और संबंधित बैंक को रिवर्स ट्रांजेक्शन का मैसेज पहुंच जाता था। जिसका फायदा उठाकर यह लोग संबंधित बैकों में शिकायत दर्ज कराकर पैसा फिर से प्राप्त कर लेते थे।
यूपी से नागालैंड, बांग्लादेश व म्यांमार कर फैला है जाल
पुलिस अधीक्षक संतोष मिश्रा ने बताया कि इन जालसाजों का रैकेट गोंडा से नागालैंड तथा बांग्लादेश व म्यांमार सीमा तक फैला है। एटीएम कार्ड होल्डर को उनके कार्ड के बदले मोटी रकम आफर कर उन्हे अपने जाल में फंसा लेते हैं और फिर उनसे एटीएम से पैसा निकालने को कहते हैं। फिर ट्रांजेक्शन फेल कराकर बैंक से रिकवरी लेकर कुल धनराशि कार्ड होल्डर को दे देते हैं बाकी की रकम खुद रख लेते हैं। इस गिरोह में गोंडा के अलावा चंदौली जिले के कुछ युवक शामिल हैं। आरोपियों ने बताया कि काम को अंजाम देने के लिए अधिकतर सीमा क्षेत्रों में जाते हैं और अपने काम को अंजाम देकर आराम से वापस लौट आते हैं।
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पकड़े गए शातिरों के बारे में पुलिस अधीक्षक संतोष मिश्रा ने बताया कि नागालैंड पुलिस ने कुछ दिन पहले गोंडा जिले के रहने वाले एक युवक को एटीएम फ्राड कर पैसे निकालने के मामले में गिरफ्तार किया था। जानकारी गोंडा पुलिस से साझा की थी। नागालैंड पुलिस व अन्य इटेंलिजेंस से मिले इनपुट के मुताबिक रैकेट का खुलासा करने के लिए एसओजी व परसपुर थाने की पुलिस को लगाया गया था। टीम ने पड़ताल शुरू की तो मामले का खुलासा हुआ। पुलिस ने परसपुर थाना क्षेत्र के बलगरपुरवा नन्दौर गांव के दिवाकर सिंह व पूरे पंडित लोहंगपुर के रहने वाले अरविंद पाठक को पकड़ा। दोनों ने पूछताछ में एटीएम फ्राड करने की तकनीक पुलिस को बताई उसे सुनकर अफसरों के होश उड़ गए।
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एसपी ने बताया कि शातिर एटीएम मशीनों में लगी स्लाइडिंग को रोककर पहले ट्रांजेक्शन फेल कराते थे। फिर बैंक में शिकायत दर्ज कराकर पैसा वापस लेते थे। वह एटीएम कार्ड होल्डर को भी कुछ पैसे देते थे। आरोपियों ने करोड़ों रुपये की हेराफेरी किए जाने की बात स्वीकार की है। शनिवार को एसपी ने प्रेस कांफ़्रेंस कर रैकेट का खुलासा किया। बताया कि गिरोह में कुल सात सदस्य शामिल हैं। इनमें ज्ञानेंद्र सिंह उर्फ विक्की को नागालैंड की दीमापुर पुलिस ने गिरफ्तार किया और वह जेल में बंद है जबकि दो आरोपियों को यहां गिरफ्तार किया गया है। गिरोह का मास्टरमाइंड अजीत सिंह भी परसपुर का रहने वाला है वह अभी पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ सका है। परसपुर एसओ सुधीर सिंह व एसओजी प्रभारी संतोष कुमार सिंह समेत नागालैंड की पुलिस मौजूद रही।
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चेन बनाकर कर रहे थे एटीएम फर्जीवाड़ा
एटीएम फ्राड करने में गिरफ्तार किए आरोपियों ने बताया कि वह चेन बनाकर जालसाजी को अंजाम दे रहे थे। वह फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से विभिन्न बैकों में अपने तथा अपने साथियों के खाते खुलवाकर संबंधित बैंक का एटीएम प्राप्त कर फिर खाते में कुछ पैसा जमा करा देते थे। उसी पैसे को निकालने के दौरान एटीएम मशीन में निकासी वाले स्थान पर अंगुली लगाकर स्लाइड को होल्डकर देते थे। जिससे पैसा तो तत्काल निकल जाता था लेकिन सिस्टम पर ट्रांजेक्शन फेल हो जाता था, और संबंधित बैंक को रिवर्स ट्रांजेक्शन का मैसेज पहुंच जाता था। जिसका फायदा उठाकर यह लोग संबंधित बैकों में शिकायत दर्ज कराकर पैसा फिर से प्राप्त कर लेते थे।
यूपी से नागालैंड, बांग्लादेश व म्यांमार कर फैला है जाल
पुलिस अधीक्षक संतोष मिश्रा ने बताया कि इन जालसाजों का रैकेट गोंडा से नागालैंड तथा बांग्लादेश व म्यांमार सीमा तक फैला है। एटीएम कार्ड होल्डर को उनके कार्ड के बदले मोटी रकम आफर कर उन्हे अपने जाल में फंसा लेते हैं और फिर उनसे एटीएम से पैसा निकालने को कहते हैं। फिर ट्रांजेक्शन फेल कराकर बैंक से रिकवरी लेकर कुल धनराशि कार्ड होल्डर को दे देते हैं बाकी की रकम खुद रख लेते हैं। इस गिरोह में गोंडा के अलावा चंदौली जिले के कुछ युवक शामिल हैं। आरोपियों ने बताया कि काम को अंजाम देने के लिए अधिकतर सीमा क्षेत्रों में जाते हैं और अपने काम को अंजाम देकर आराम से वापस लौट आते हैं।