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Gonda News: मंदिर से चोरी अष्टधातु की मूर्तियां 30 साल बाद हुईं स्थापित
Tue, 15 Oct 2024 01:22 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Tue, 15 Oct 2024 01:22 AM IST
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वैशनपुरवा स्थित रामजानकी मंदिर में स्थापित की गई श्रीराम, सीता व लक्ष्मण की अष्टधातु की प्रतिम
गोंडा। हलधरमऊ विकासखंड के रेवारी वैसनपुरवा स्थित रामजानकी मंदिर से 30 साल पहले चोरी हुईं श्रीराम, लक्ष्मण व जानकी की अष्टधातु की मूर्तियां लंबी कवायद के बाद सोमवार को पुन: मंदिर में स्थापित कर दी गईं। खास बात ये है कि पुलिस ने चोरी होने के 24 घंटे के भीतर ही ये मूर्तियां बरामद कर ली थीं मगर मुकदमा लंबे समय तक लंबित रहने व मंदिर के जीर्ण-शीर्ण हो जाने के चलते उनकी दोबारा स्थापना कराने में इतना समय लग गया।
मंदिर के संरक्षक अशोक सिंह ने बताया कि सत्तर वर्ष पहले उनके पूर्वज लालता प्रसाद सिंह ने रामजानकी मंदिर का निर्माण कराया थ। जिसमें श्रीराम, जानकी व लक्ष्मण की अष्टधातु की मूर्तियां विराजमान थीं। वर्ष 1990 में मंदिर से मूर्तियां चोरी हो गई थीं। पुलिस की सतर्कता से मूर्तियों को 24 घंटे में ही बरामद कर थाने में जमा कर दिया गया था। मुकदमा चलने से मूर्तियां वापस नहीं हुई। इस दौरान तीन दशक में मंदिर भी जीर्ण-शीर्ण हो गया। वर्ष 2021 में न्यायालय के आदेश पर मूर्तियां वापस हुईं तो मंदिर का जीर्णोद्धार कराने के बाद अब इनके साथ हनुमान जी की नवनिर्मित मूर्ति का विधि-विधान से पूजन कर स्थापित किया गया है। पुजारी मंगलेश्वर नाथ मिश्र ने बताया कि मंदिर में पूजन-अर्चन शुरू हो गया है।
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मंदिर के संरक्षक अशोक सिंह ने बताया कि सत्तर वर्ष पहले उनके पूर्वज लालता प्रसाद सिंह ने रामजानकी मंदिर का निर्माण कराया थ। जिसमें श्रीराम, जानकी व लक्ष्मण की अष्टधातु की मूर्तियां विराजमान थीं। वर्ष 1990 में मंदिर से मूर्तियां चोरी हो गई थीं। पुलिस की सतर्कता से मूर्तियों को 24 घंटे में ही बरामद कर थाने में जमा कर दिया गया था। मुकदमा चलने से मूर्तियां वापस नहीं हुई। इस दौरान तीन दशक में मंदिर भी जीर्ण-शीर्ण हो गया। वर्ष 2021 में न्यायालय के आदेश पर मूर्तियां वापस हुईं तो मंदिर का जीर्णोद्धार कराने के बाद अब इनके साथ हनुमान जी की नवनिर्मित मूर्ति का विधि-विधान से पूजन कर स्थापित किया गया है। पुजारी मंगलेश्वर नाथ मिश्र ने बताया कि मंदिर में पूजन-अर्चन शुरू हो गया है।
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