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भूख-प्यास से तड़प रहे कांजी हाउस में रखे गए छुट्टा जानवर
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फोटो-4-गोंडा में कटरा बाजार के नरायनपुर कलां में कांजी हाउस में कैद छुट्टा जानवर। -संवाद
- फोटो : GONDA
कटरा बाजार (गोंडा)। छुट्टा जानवरों से निजात के लिए सरकार ने गोशाला का निर्माण तो करा दिया, लेकिन जिम्मेदारों की लचर व्यवस्था के चलते स्थिति ज्यों की त्यों बनी है। चारा पानी की व्यवस्था न होने से कांजी हाउस में छुट्टा जानवर तड़प रहे हैं।
नरायनपुर कला गांव में बने कांजी हाउस को संचालित करने वाला कोई नहीं है। गांव निवासी गंगाबख्श ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर आरोप लगाया है कि उनके घर के सामने बने (कांजी हाउस) में ग्राम सचिव प्रभाकर शुक्ल ने पांच अगस्त को दर्जनों छुट्टा जानवरों को बंद कराया है। इसमें बंद जानवर भूख प्यास से तड़प रहे हैं।
क्षेत्र का कोई भी अधिकारी व कर्मचारी चारे की समुचित व्यवस्था करने को तैयार नहीं है। शिकायत करने पर बताया जाता है कि कांजी हाउस का संचालन व देखभाल जिला पंचायत के जिम्मे पर है। जिला पंचायत को 16 अगस्त को बताया, लेकिन कोई नहीं आया। डीएम से गुहार लगाते हुए कहा कि गोवंशों के प्राण की रक्षा व किसानों की फसल की सुरक्षा के लिए कार्रवाई करें।
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अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत राजेश कुमार चौधरी ने बताया कि बोर्ड की बैठक न होने से उसे संचालित नहीं किया जा सका है। मवेशियों के बंद होने की शिकायत मिली है। खंड विकास अधिकारी को पत्र लिखकर क्षेत्र पंचायत से संचालित करने के लिए आग्रह किया गया है। (संवाद)
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नरायनपुर कला गांव में बने कांजी हाउस को संचालित करने वाला कोई नहीं है। गांव निवासी गंगाबख्श ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर आरोप लगाया है कि उनके घर के सामने बने (कांजी हाउस) में ग्राम सचिव प्रभाकर शुक्ल ने पांच अगस्त को दर्जनों छुट्टा जानवरों को बंद कराया है। इसमें बंद जानवर भूख प्यास से तड़प रहे हैं।
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क्षेत्र का कोई भी अधिकारी व कर्मचारी चारे की समुचित व्यवस्था करने को तैयार नहीं है। शिकायत करने पर बताया जाता है कि कांजी हाउस का संचालन व देखभाल जिला पंचायत के जिम्मे पर है। जिला पंचायत को 16 अगस्त को बताया, लेकिन कोई नहीं आया। डीएम से गुहार लगाते हुए कहा कि गोवंशों के प्राण की रक्षा व किसानों की फसल की सुरक्षा के लिए कार्रवाई करें।
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अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत राजेश कुमार चौधरी ने बताया कि बोर्ड की बैठक न होने से उसे संचालित नहीं किया जा सका है। मवेशियों के बंद होने की शिकायत मिली है। खंड विकास अधिकारी को पत्र लिखकर क्षेत्र पंचायत से संचालित करने के लिए आग्रह किया गया है। (संवाद)