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Gonda News: किसान पंचायत में फूटा गुस्सा, गन्ना जलाकर जताया विरोध
Thu, 27 Nov 2025 11:02 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Thu, 27 Nov 2025 11:02 PM IST
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गोंडा। भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने बृहस्पतिवार को जिला पंचायत के टिनशेड परिसर में किसान पंचायत के दौरान गन्ना जलाकर विरोध प्रदर्शन किया। किसानों ने सरकार व प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए एक गन्ना, एक रेट की मांग को उठाया।
संगठन के प्रदेश महासचिव किशन बिहारी वर्मा ने कहा कि गन्ना उतरवाई के नाम पर की जा रही अवैध वसूली तत्काल बंद की जाए। रिजेक्ट किस्म के गन्ने के मूल्य में भी वृद्धि की जाए। जिलाध्यक्ष वंशराज वर्मा ने बताया कि मिल की ओर से गन्ने को अर्ली बताकर बीज बेचा जाता है, बाद में उसी गन्ने को रिजेक्ट घोषित कर दिया जाता है, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
किसान पंचायत में ऋणमाफी योजना लागू करने, बिजली व्यवस्था के निजीकरण को रोकने, मनरेगा में 200 दिन का काम सुनिश्चित करने और प्रतिदिन 700 रुपये मजदूरी तय करने की मांग भी उठी।
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इसके अलावा बाढ़ व सूखा को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की भी मांग की गई। मौके पर पहुंचे जिला गन्ना अधिकारी सुनील सिंह ने किसानों की समस्याएं सुनीं तथा शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि किसानों की शिकायतों का निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर कराया जाएगा। इस दौरान सदानंद दूबे, रूमन शुक्ला, हृदयराम वर्मा, गुड्डू यादव आदि मौजूद रहे।
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संगठन के प्रदेश महासचिव किशन बिहारी वर्मा ने कहा कि गन्ना उतरवाई के नाम पर की जा रही अवैध वसूली तत्काल बंद की जाए। रिजेक्ट किस्म के गन्ने के मूल्य में भी वृद्धि की जाए। जिलाध्यक्ष वंशराज वर्मा ने बताया कि मिल की ओर से गन्ने को अर्ली बताकर बीज बेचा जाता है, बाद में उसी गन्ने को रिजेक्ट घोषित कर दिया जाता है, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
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किसान पंचायत में ऋणमाफी योजना लागू करने, बिजली व्यवस्था के निजीकरण को रोकने, मनरेगा में 200 दिन का काम सुनिश्चित करने और प्रतिदिन 700 रुपये मजदूरी तय करने की मांग भी उठी।
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इसके अलावा बाढ़ व सूखा को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की भी मांग की गई। मौके पर पहुंचे जिला गन्ना अधिकारी सुनील सिंह ने किसानों की समस्याएं सुनीं तथा शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि किसानों की शिकायतों का निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर कराया जाएगा। इस दौरान सदानंद दूबे, रूमन शुक्ला, हृदयराम वर्मा, गुड्डू यादव आदि मौजूद रहे।