{"_id":"5daf40dc8ebc3e01783431c2","slug":"allegations-of-layoffs-railway-workers-shouted-gonda-news-lko4884067142","type":"story","status":"publish","title_hn":"छंटनी का आरोप लगा, रेल कर्मियों ने भरी हुंकार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
छंटनी का आरोप लगा, रेल कर्मियों ने भरी हुंकार
विज्ञापन
गोंडा। केंद्र सरकार व नीति आयोग की नीतियों का विरोध करते हुए मंगलवार को रेल कर्मियों ने प्रदर्शन किया। सरकार पर कर्मचारियों की छंटनी के लिए साजिश रचने का आरोप लगाया।
कोषाध्यक्ष मनोज द्विवेदी के नेतृत्व में केंद्रीय एवं लखनऊ मंडल के पदाधिकारियों ने डीजल लॉबी, डीजल शेड, कैरेज, पावर एवं गोंडा रेलवे स्टेशन पर एवं पीडब्ल्यूआई गोंडा के अधीन कार्यरत ट्रैक मेंटेनर के बीच जन जागरण किया।
पूर्वोत्तर रेलवे कर्मचारी संघ के महामंत्री विनोद कुमार राय ने कर्मचारियों को कहा कि दिल्ली में बैठी सरकार रेलवे के निजीकरण एवं निगमीकरण पर उतारू है और कर्मचारियों में एकता ना होने के कारण तमाम तरह की नई नई स्कीम लाकर कर्मचारियों की छंटनी की साजिश कर रही है। महामंत्री ने बताया कि 30 साल उम्र एवं 50 साल सेवा, 33 साल एवं 55 साल एवं 55 साल उम्र से अधिक के कर्मचारियों की लिस्ट तैयार की जा रही है और उन्हें नीति आयोग के निर्देश पर रेलवे से बाहर करने का काम रेल प्रशासन द्वारा किया जा रहा है।
विज्ञापन
संघ के संयुक्त महामंत्री एके सिंह ने बताया कि नीति आयोग रेलवे की 150 ट्रेनों को निजी हाथों में सौंपने एवं 50 रेलवे स्टेशनों को निजी हाथों में सौंपने के लिए रेलवे बोर्ड पर दबाव बना रहा है। नीति आयोग ने रेलवे बोर्ड को चिट्ठी लिखकर कहा है कि यदि यह काम आप नहीं कर सकते हैं तो आप छोड़ दें। यह काम हम करके दिखाएंगे।
विज्ञापन
कोषाध्यक्ष मनोज द्विवेदी के नेतृत्व में केंद्रीय एवं लखनऊ मंडल के पदाधिकारियों ने डीजल लॉबी, डीजल शेड, कैरेज, पावर एवं गोंडा रेलवे स्टेशन पर एवं पीडब्ल्यूआई गोंडा के अधीन कार्यरत ट्रैक मेंटेनर के बीच जन जागरण किया।
विज्ञापन
पूर्वोत्तर रेलवे कर्मचारी संघ के महामंत्री विनोद कुमार राय ने कर्मचारियों को कहा कि दिल्ली में बैठी सरकार रेलवे के निजीकरण एवं निगमीकरण पर उतारू है और कर्मचारियों में एकता ना होने के कारण तमाम तरह की नई नई स्कीम लाकर कर्मचारियों की छंटनी की साजिश कर रही है। महामंत्री ने बताया कि 30 साल उम्र एवं 50 साल सेवा, 33 साल एवं 55 साल एवं 55 साल उम्र से अधिक के कर्मचारियों की लिस्ट तैयार की जा रही है और उन्हें नीति आयोग के निर्देश पर रेलवे से बाहर करने का काम रेल प्रशासन द्वारा किया जा रहा है।
विज्ञापन
संघ के संयुक्त महामंत्री एके सिंह ने बताया कि नीति आयोग रेलवे की 150 ट्रेनों को निजी हाथों में सौंपने एवं 50 रेलवे स्टेशनों को निजी हाथों में सौंपने के लिए रेलवे बोर्ड पर दबाव बना रहा है। नीति आयोग ने रेलवे बोर्ड को चिट्ठी लिखकर कहा है कि यदि यह काम आप नहीं कर सकते हैं तो आप छोड़ दें। यह काम हम करके दिखाएंगे।