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अलर्ट जारी पर डेंगू से बचाव के इंतजाम शून्य
गोंडा/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 13 Sep 2015 11:37 PM IST
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डेंगू को लेकर भले ही प्रदेश सरकार ने 27 जिलों में अलर्ट जारी कर दिया हो, लेकिन जिले का स्वास्थ्य महकमा इसको लेकर तनिक भी चिंतित नहीं है। हालांकि उसकी ओर से दलीलें जरूर दी जा रही हैं कि इसके लिए जिला अस्पताल में अलग से 10 बेड के एक वार्ड को रिजर्व कर लिया गया है, लेकिन डेंगू की जांच के नाम पर जिले में कोई भी सुविधा नहीं है।
दूसरी ओर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी अभी तक डेंगू का कोई मरीज सामने नहीं आने की बात कह रहे हैं। वहीं डेंगू की रोकथाम के लिए किसी तरह की दवाओं का भी शहर व गांव में नहीं किया जा रहा है। इससे इस बीमारी के फैलने की आशंका लोगों में बराबर बनी हुई है।
डेंगू के लक्षण
तेज ठंड लगकर बुखार आना, सरदर्द, आंखों में दर्द, बदनदर्द, जोड़ों में दर्द, भूख कम लगना, जी मचलाना, उल्टी आना, दस्त लगना, चमड़ी के नीचे लाल चकत्ते पड़ जाना, डेंगू होमोरेजिक फीवर की गंभीर स्थित पर आंख व नाक से खून आना चालू हो जाता है।
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बचाव के तरीके
घर के अंदर-बाहर कहीं भी पानी न जमा होने दें। बर्तन में पानी ज्यादातर देर तक न रखें। ड्रम, बाल्टी या किसी बर्तन में अगर आप पानी रखते हैं तो उसे ढक कर रखें। घर में कीटनाशक का छिड़काव करें। कूलर का प्रयोग न होने पर उसमें भरा पानी निकाल दें। ऐसे कपड़े पहने जो पूरे शरीर को ढक सकें। रात को सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें।
जिले में स्वास्थ्य विभाग की किसी भी सीएचसी-पीएचसी पर इस बीमारी के इलाज की कोई व्यवस्था नहीं है। इसलिए सीएचसी-पीएचसी के अधीक्षकों को जागरूक रहने के निर्देश दे दिए गए हैं। अगर कोई मरीज इस बीमारी का आता है तो तत्काल उसे जिला अस्पताल में लाकर भर्ती कराया जाएगा। जहां उसका उपचार चलेगा। जिला अस्पताल में बीमारी के रोकथाम और उपचार की पूरी व्यवस्था है। हालांकि अभी कहीं से इसके मरीजों के संबंध में कोई सूचना नहीं है।
-डॉ. अमर सिंह कुशवाहा, सीएमओ गोंडा
डेंगू की रोकथाम और उसके उपचार को लेकर जिला अस्पताल में अलग से 10 बेड के वार्ड की व्यवस्था की गई है। जहां डेंगू से पीड़ित होकर आने वाले मरीजों का उपचार किया जाएगा। लोग इस बीमारी के प्रति जागरूक रहें और बचाव के प्रयास करें। अभी तक इसका कोई मरीज नहीं आया है।
- डॉ. आशुतोष गुप्त, सीएमएस जिला अस्पताल
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दूसरी ओर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी अभी तक डेंगू का कोई मरीज सामने नहीं आने की बात कह रहे हैं। वहीं डेंगू की रोकथाम के लिए किसी तरह की दवाओं का भी शहर व गांव में नहीं किया जा रहा है। इससे इस बीमारी के फैलने की आशंका लोगों में बराबर बनी हुई है।
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डेंगू के लक्षण
तेज ठंड लगकर बुखार आना, सरदर्द, आंखों में दर्द, बदनदर्द, जोड़ों में दर्द, भूख कम लगना, जी मचलाना, उल्टी आना, दस्त लगना, चमड़ी के नीचे लाल चकत्ते पड़ जाना, डेंगू होमोरेजिक फीवर की गंभीर स्थित पर आंख व नाक से खून आना चालू हो जाता है।
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बचाव के तरीके
घर के अंदर-बाहर कहीं भी पानी न जमा होने दें। बर्तन में पानी ज्यादातर देर तक न रखें। ड्रम, बाल्टी या किसी बर्तन में अगर आप पानी रखते हैं तो उसे ढक कर रखें। घर में कीटनाशक का छिड़काव करें। कूलर का प्रयोग न होने पर उसमें भरा पानी निकाल दें। ऐसे कपड़े पहने जो पूरे शरीर को ढक सकें। रात को सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें।
जिले में स्वास्थ्य विभाग की किसी भी सीएचसी-पीएचसी पर इस बीमारी के इलाज की कोई व्यवस्था नहीं है। इसलिए सीएचसी-पीएचसी के अधीक्षकों को जागरूक रहने के निर्देश दे दिए गए हैं। अगर कोई मरीज इस बीमारी का आता है तो तत्काल उसे जिला अस्पताल में लाकर भर्ती कराया जाएगा। जहां उसका उपचार चलेगा। जिला अस्पताल में बीमारी के रोकथाम और उपचार की पूरी व्यवस्था है। हालांकि अभी कहीं से इसके मरीजों के संबंध में कोई सूचना नहीं है।
-डॉ. अमर सिंह कुशवाहा, सीएमओ गोंडा
डेंगू की रोकथाम और उसके उपचार को लेकर जिला अस्पताल में अलग से 10 बेड के वार्ड की व्यवस्था की गई है। जहां डेंगू से पीड़ित होकर आने वाले मरीजों का उपचार किया जाएगा। लोग इस बीमारी के प्रति जागरूक रहें और बचाव के प्रयास करें। अभी तक इसका कोई मरीज नहीं आया है।
- डॉ. आशुतोष गुप्त, सीएमएस जिला अस्पताल