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Gonda News: सीएम के निर्देशोंं के बाद आकांक्षी ब्लॉकों में मिलेगी गति
Mon, 30 Jun 2025 11:08 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Mon, 30 Jun 2025 11:08 PM IST
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गोंडा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आकांक्षी ब्लॉकों में रिक्तियों को भरने के सख्त निर्देश के बाद जिले के तीन ब्लॉकों के विकास कार्यों को गति मिलेगी। रुपईडीह, बभनजोत और पंड़रीकृपाल प्रदेश के 108 आकांक्षी ब्लॉकों की सूची में शामिल हैं। इसके बावजूद कई पद खाली होने के साथ ही अतिरिक्त प्रभार देकर किसी तरह से काम चलाया जा रहा है। इसके चलते आकांक्षी ब्लॉकों को एक स्तर से ऊपर लाने में अड़चनें आ रही हैं। सभी पैरामीटर पर शत-प्रतिशत काम नहीं हो पा रहा है।
अधिकारियों ने बताया कि आकांक्षी ब्लॉकों को स्वास्थ्य, शिक्षा, पोषण और कृषि समेत पांच थीम व 50 पैरामीटर पर संतृप्त किया जा रहा है। इसमें 12 महत्वपूर्ण विभागों को शामिल किया गया है। स्वास्थ्य, पोषण, बेसिक व माध्यमिक शिक्षा, कृषि, पशुपालन, नमामि गंगे, ग्राम्य विकास, कौशल विकास, लघु सूक्ष्म एवं मध्यम उद्यम विभाग अपने-अपने स्तर से निर्धारित पैरामीटर पर काम कर रहे हैं। मगर कर्मचारियों की कमी की वजह से अपेक्षित प्रगति नहीं मिल पा रही है।
अपर जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी मनोज कुमार श्रीवास्तव का कहना है कि आकांक्षी ब्लॉकों की जिम्मेदारी अभी तक मुकेश कुमार वर्मा के पास थी। उनका स्थानांतरण होने के बाद काम का बंटवारा नहीं हुआ है। जल्द ही बंटवारे के बाद काम में तेजी आएगी।
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डेल्टा रैंकिंग में मिल चुका है नौवां स्थान
अधिकारियों ने बताया कि जहां पद भरे हुए हैं वहां का प्रदर्शन खास रहा है। अधिकारियों ने बताया कि दिसंबर में पंडरीकृपाल ब्लॉक को प्रदेश में डेल्टा रैंकिंग में नौवां स्थान मिल चुका है। इसी तरह से रुपईडीह व बभनजोत ब्लॉक में भी जरूरी प्रयास किए जा रहे हैं। मगर दिव्यांग बच्चों को पढ़ाने के लिए चाइल्ड विद स्पेशल नीड पूरी नहीं हो पा रही है। प्रधानाध्यापकों को ट्रेनिंग दी गई है। इसके बावजूद दिव्यांग बच्चों को लेकर आकांक्षी ब्लॉकों में कर्मचारियों की कमी से बेहतर काम नहीं हो पा रहा है।
पशुपालन व स्वास्थ्य समेत विभागों में है रिक्तियां
अधिकारियों के मुताबिक, पंडरीकृपाल ब्लॉक में मुख्य सेविका समेत कई पद खाली हैं तो वहीं बभनजोत ब्लॉक में बाल रोग विशेषज्ञ, जनरल सर्जन, एनेस्थेटिक्स, रेडियो ग्राफर, ओटी टेक्नीशियन, काउंसिलर व चिकित्साधिकारी समेत 59 से अधिक पद खाली हैं। साथ ही बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और दिव्यांग बच्चों को विशेष सहयोग के लिए शिक्षक की तैनाती नहीं है। वहीं, रुपईडीह ब्लॉक में पशुपालन विभाग समेत विभागों में रिक्तियां हैं।
रिक्तियों को भरने के लिए किए गए जरूरी प्रयास
सुशील कुमार श्रीवास्तव जिला विकास अधिकारी ने बताया कि आकांक्षी ब्लॉकों में रिक्तियों को भरने के लिए सभी जरूरी प्रयास किए गए हैं। पंड़रीकृपाल, रुपईडीह और बभनजोत में तैनाती की गई है। इसके बावजूद कमी है। शासन स्तर पर उच्चाधिकारियों की ओर से पत्र लिखा गया है। कर्मचारियों की उपलब्धता के आधार पर तैनाती दी जाएगी। अन्य विभाग भी अपने-अपने स्तर से पर्याप्त कर्मचारियों की तैनाती के लिए जरूरी प्रयास कर रहे हैं।
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अधिकारियों ने बताया कि आकांक्षी ब्लॉकों को स्वास्थ्य, शिक्षा, पोषण और कृषि समेत पांच थीम व 50 पैरामीटर पर संतृप्त किया जा रहा है। इसमें 12 महत्वपूर्ण विभागों को शामिल किया गया है। स्वास्थ्य, पोषण, बेसिक व माध्यमिक शिक्षा, कृषि, पशुपालन, नमामि गंगे, ग्राम्य विकास, कौशल विकास, लघु सूक्ष्म एवं मध्यम उद्यम विभाग अपने-अपने स्तर से निर्धारित पैरामीटर पर काम कर रहे हैं। मगर कर्मचारियों की कमी की वजह से अपेक्षित प्रगति नहीं मिल पा रही है।
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अपर जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी मनोज कुमार श्रीवास्तव का कहना है कि आकांक्षी ब्लॉकों की जिम्मेदारी अभी तक मुकेश कुमार वर्मा के पास थी। उनका स्थानांतरण होने के बाद काम का बंटवारा नहीं हुआ है। जल्द ही बंटवारे के बाद काम में तेजी आएगी।
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डेल्टा रैंकिंग में मिल चुका है नौवां स्थान
अधिकारियों ने बताया कि जहां पद भरे हुए हैं वहां का प्रदर्शन खास रहा है। अधिकारियों ने बताया कि दिसंबर में पंडरीकृपाल ब्लॉक को प्रदेश में डेल्टा रैंकिंग में नौवां स्थान मिल चुका है। इसी तरह से रुपईडीह व बभनजोत ब्लॉक में भी जरूरी प्रयास किए जा रहे हैं। मगर दिव्यांग बच्चों को पढ़ाने के लिए चाइल्ड विद स्पेशल नीड पूरी नहीं हो पा रही है। प्रधानाध्यापकों को ट्रेनिंग दी गई है। इसके बावजूद दिव्यांग बच्चों को लेकर आकांक्षी ब्लॉकों में कर्मचारियों की कमी से बेहतर काम नहीं हो पा रहा है।
पशुपालन व स्वास्थ्य समेत विभागों में है रिक्तियां
अधिकारियों के मुताबिक, पंडरीकृपाल ब्लॉक में मुख्य सेविका समेत कई पद खाली हैं तो वहीं बभनजोत ब्लॉक में बाल रोग विशेषज्ञ, जनरल सर्जन, एनेस्थेटिक्स, रेडियो ग्राफर, ओटी टेक्नीशियन, काउंसिलर व चिकित्साधिकारी समेत 59 से अधिक पद खाली हैं। साथ ही बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और दिव्यांग बच्चों को विशेष सहयोग के लिए शिक्षक की तैनाती नहीं है। वहीं, रुपईडीह ब्लॉक में पशुपालन विभाग समेत विभागों में रिक्तियां हैं।
रिक्तियों को भरने के लिए किए गए जरूरी प्रयास
सुशील कुमार श्रीवास्तव जिला विकास अधिकारी ने बताया कि आकांक्षी ब्लॉकों में रिक्तियों को भरने के लिए सभी जरूरी प्रयास किए गए हैं। पंड़रीकृपाल, रुपईडीह और बभनजोत में तैनाती की गई है। इसके बावजूद कमी है। शासन स्तर पर उच्चाधिकारियों की ओर से पत्र लिखा गया है। कर्मचारियों की उपलब्धता के आधार पर तैनाती दी जाएगी। अन्य विभाग भी अपने-अपने स्तर से पर्याप्त कर्मचारियों की तैनाती के लिए जरूरी प्रयास कर रहे हैं।