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Gonda News: 24 घंटे बाद नहर में उतराता मिला लापता रचना का शव

Mon, 04 Aug 2025 11:42 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा Updated Mon, 04 Aug 2025 11:42 PM IST
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After 24 hours, the body of missing Rachana was found floating in the canal
रचना। फाइल फोटो।
गोंडा। इटियाथोक में बेलवा बहुता के रेहरा गांव के पास श्रद्धालुओं से भरी बोलेरो सरयू नहर में गिरने के बाद लापता बच्ची रचना का शव 24 घंटे बाद सोमवार को घटनास्थल से करीब 20 किलोमीटर दूर मनकापुर में करनूपुर राजा लोहरनपुरवा के पास उतराता मिला है। अब इस हादसे में मरने वालों की संख्या 12 हो गई है।
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मनकापुर कोतवाल मनोज कुमार पाठक ने बताया कि सोमवार को ग्रामीणों ने सरयू नहर में शव उतराता देखकर पुलिस को सूचना दी। इसके बाद परिजनों को बुलाकर रचना की पहचान कराई गई। हादसे में रचना की मां दुर्गेश नंदनी, भाई अमित की पहले ही मौत हो चुकी है। रचना के पिता रामरूप ने रविवार देर रात अयोध्या में पत्नी दुर्गेश नंदिनी को मुखाग्नि दी। साथ ही बेटे अमित का अंतिम संस्कार किया।
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मनकापुर पुलिस ने सोमवार को रामरूप को बेटी रचना का शव मिलने की सूचना दी तो वह बेसुध हो गए। किसी तरह से परिजनों व रिश्तेदारों ने उन्हें संभाला। रामरूप के परिवार में बेटी रागिनी बची है। इस हादसे में रामरूप के परिवार के तीन सदस्यों की मौत हो गई। जबकि उनके छोटे भाई राम करन समेत उनके परिवार के सभी सदस्यों की मौत हो गई।
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छोटे भाई झिनकन ने भाई राम करन व भाभी अनुसुईया को नम आंखों से अयोध्या में ही मुखाग्नि दी। इसी तरह से बड़े भाई प्रहलाद ने पत्नी बीना को भी नम आंखों से अंतिम विदाई दी। बच्चों को अयोध्या में ही दफनाया गया है। इंस्पेक्टर अरविंद यादव ने बताया कि मृतकों का अंतिम संस्कार करा दिया गया है। पुलिस व प्रशासन पीड़ित परिवार की हर संभव मदद कर रहा है।
एक परिवार के 10 लोगों की हुई मौत
इस हादसे में 12 लोगों की मौत हुई है। इनमें से 10 लोग एक ही परिवार के हैं, इनमें सात बच्चे, दो महिलाएं व एक पुरुष शामिल है। मौत के बाद परिवार शोक में डूब गया है। दूसरे दिन भी परिजन सिसकते रहे। वहीं, सांत्वना देने वालों का तांता लगा रहा। गांव के लोग भी गमगीन हैं।
मां ने कहा था नीट पास करना है...
गोंडा। मां ने मुझसे वादा लिया था कि नीट पास करूंगी... सीहागांव में यह कहते हुए 19 वर्षीय पिंकी कसौंधन फूट-फूटकर रो पड़ी। यह देखकर वहां हर आंख नम हो गई। अपनों को मुखाग्नि देने के बाद घर में उदास बैठे प्रहलाद कसौंधन कुछ बोल नहीं पा रहे हैं। उनकी आंखों से सिर्फ आंसू ही छलक रहे हैं। कुरेदने पर बस यही कहा कि काश मैं भी उस गाड़ी में होता, मैं भी न बचता… कम से कम अपनों को यूं राख बनते तो न देखता। काजल, रिंकी… तुम दोनों भी चली गईं... वीना भी साथ छोड़ गई। अब मैं किसके लिए जिऊं। हालांकि सपा नेता सूरज सिंह ने उन्हें सहारा दिया। कहा कि हम सब आपके साथ है, निराश मत होइए।
बोलेरो का सेंट्रल लॉक बना काल
हादसे के वक्त बोलेरो में मौजूद 14 वर्षीय सत्यम कसौंधन ने कहा कि गाड़ी का सेंट्रल लॉक काल बन गया। वह इस हादसे में किसी चमत्कार से बच गया। रोते हुए बोला, अगर गाड़ी का लाॅक खुला होता तो शायद मैं सबको बाहर निकाल लेता...। पिंकी और सत्यम इस परिवार की वो दो कड़ियां हैं जो अब भी सांसें ले रही हैं, लेकिन उनके आगे अब जीवन एक खालीपन बनकर रह गया है। हादसे में बीना देवी, उनकी बेटी, बेटा, देवरानी, जेठानी सहित परिवार के कुल 10 लोगों की मौत हो गई। गाड़ी में सवार रामललन वर्मा किसी तरह बाहर निकल सके, पर जैसे ही उन्होंने सबको डूबते देखा, वो भी टूट गए। उन्होंने कहा, मैंने हाथ-पैर से पानी में सबको टटोला, पर कोई हिला तक नहीं... पानी गाड़ी से डेढ़ फीट ऊपर था...। रामरूप कसौधन, जिनकी पत्नी और दोनों संतानें इस हादसे में खत्म हो गईं, वह बिलखते हुए बोले- अब हम किसके लिए जियेंगे।
शोक में डूबा सीहागांव, दुकानें बंद, नहीं जले चूल्हे
गोंडा। नहर में बोलेरो गिरने से हुए हादसे के बाद सीहागांव शोक में डूबा हुआ है। करीब चार हजार की आबादी वाले सीहागांव में मातम पसरा रहा। नरायनगंज चौराहे पर सोमवार को दुकानें बंद रहीं। लोगों के घरों के चूल्हे नहीं जले। हर किसी की आंखें नम थीं। बस जुबां से एक ही अल्फाज निकल रहा था कि देखते ही देखते क्या हो गया। गोंडा सांसद के प्रतिनिधि राजेश सिंह, कमलेश पांडेय के साथ ही जिला पंचायत अध्यक्ष घनश्याम मिश्र, कैसरगंज सांसद प्रतिनिधि संजीव सिंह, सोनू सिंह, सुमित भूषण सिंह, राकेश त्रिपाठी, सूर्य नारायन तिवारी, परमेश्वर सिंह आदि ने पीड़ित परिवार के घर पहुंचकर सांत्वना दी। सपा नेत्री प्रतिभा सिंह ने परिजनों से मुलाकात की।

पीड़ितों को पहुंचाई जा रही आर्थिक मदद

एडीएम आलोक कुमार ने बताया कि पीड़ितों को आर्थिक मदद पहुंचाई जा रही है। सर्वर ठीक से नहीं चलने से कुछ देरी हुई है। देर शाम तक सभी पीड़ित परिवारों के खाते में मुआवजे की धनराशि भेज दी जाएगी। पीड़ित परिवार की हर संभव मदद के लिए प्रशासन तत्पर है।



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