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Gonda News: अधिवक्ता की मौत के मामले में दोबारा होगी जांच

Tue, 03 Feb 2026 11:07 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा Updated Tue, 03 Feb 2026 11:07 PM IST
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Advocate's death case to be re-investigated
गोंडा। गायत्रीपुरम निवासी अधिवक्ता राजकुमार लाल श्रीवास्तव की हिरासत में हुई मौत के मामले में न्यायालय का एक बड़ा फैसला आया है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अमित सिंह ने पुलिस की फाइनल रिपोर्ट को खारिज कर दिया है। अदालत ने वादी पवन श्रीवास्तव की याचिका स्वीकार करते हुए कोतवाली नगर थाने को मामले की दोबारा निष्पक्ष और गहन जांच कराने का आदेश दिया है।
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मामला 16 मई वर्ष 2023 का है। अधिवक्ता राजकुमार लाल श्रीवास्तव को कथित रूप से पुलिस द्वारा हिरासत में लिया गया था। परिजनों का आरोप है कि हिरासत के दौरान उनके साथ अमानवीय व्यवहार किया गया। तेजाब पिलाने से उनकी हालत बिगड़ी और उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। इस संबंध में कोतवाली नगर में केस दर्ज किया गया था।
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विवेचना के बाद पुलिस ने 30 सितंबर 2023 को यह कहते हुए फाइनल रिपोर्ट लगा दी थी कि अपराध के पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिले। इसके खिलाफ मृतक के भाई पवन श्रीवास्तव ने 16 अक्तूबर 2025 को प्रोटेस्ट याचिका दाखिल की। याचिका में आरोप लगाया गया था कि पुलिस ने जानबूझकर धाराएं कमजोर कीं। मेडिकल साक्ष्यों की अनदेखी की गई। जांच उन्हीं पुलिसकर्मियों के प्रभाव वाले थाने से कराई गई। सीजेएम ने इस मामले में पुलिस की रिपोर्ट को खारिज करते हुए दोबारा जांच के आदेश दिए हैं।
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हाई कोर्ट से स्वयं सहायता समूह संचालकों को राहत, गिरफ्तारी पर रोक
संवाद न्यूज एजेंसी
गोंडा। इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ पीठ ने खरगूपुर थाने में दर्ज एफआईआर के मामले में स्वयं सहायता समूह के संचालकों को बड़ी राहत दी है। न्यायालय ने अगली सुनवाई तक याचिकाकर्ताओं की गिरफ्तारी पर रोक लगाते हुए उन्हें जांच अधिकारी के समक्ष उपस्थित होकर सहयोग करने का निर्देश दिया है।
याचिकाकर्ताओं ने 13 जनवरी 2026 को थाना खरगूपुर में दर्ज एफआईआर को निरस्त करने की मांग की थी। उनका कहना है कि वे ‘अवस्थी पेंट्स स्वयं सहायता समूह’ के नाम से समूह संचालित करते हैं और उन्हें झूठे आरोपों में फंसाया गया है।

न्यायमूर्ति राजेश सिंह चौहान और न्यायमूर्ति राजीव भारती की खंडपीठ ने राज्य सरकार को चार सप्ताह में जवाबी हलफनामा दाखिल करने का आदेश दिया है। अगली सुनवाई 9 मार्च को होगी।
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