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Gonda News: शतरंज में तरक्की की चाल

Sat, 19 Jul 2025 11:33 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा Updated Sat, 19 Jul 2025 11:33 PM IST
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advancement move in chess
गोंडा के एक निजी स्कूल में शतरंज खेलते बच्चे। स्रोत: विद्यालय
गोंडा। आज विश्व शतरंज दिवस है। क्रिकेट, फुटबॉल और वाॅलीबॉल से इतर अब युवा शतरंज को भी पसंद कर रहे हैं। विश्वनाथन आनंद, डी. गुकेश और विदित गुजराती भी अब युवाओं के आदर्श हैं। इन सबसे इतर शतरंज ने एक और अवसर दिया है निजी कोचिंग का। निजी स्कूलों में शतरंज के कोच भी रखे जा रहे हैं। पारंपरिक से इतर आधुनिक विधि को भी प्रशिक्षण में शामिल किया जा रहा है। इस खेल ने कई अवसर दिए हैं।
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गोंडा में शतरंज संघ के तत्वावधान में राज्य स्तरीय व पूर्वोत्तर स्तर की प्रतियोगिताएं आयोजित हो चुकी हैं। प्रतियोगिता के आयोजन में मुनीर अहमद, वियोगी पंकज, कृष्ण कुमार मिश्र, मारूफ अहमद सिद्दीकी, लोकनाथ त्रिपाठी, मसूद अहमद, अम्बे कुमार, रवीश पाठक, दुर्गा प्रसाद गुप्ता आदि का विशेष प्रयास रहता है। संघ के महासचिव आशुतोष द्विवेदी ने बताया कि प्रतियोगिता का आयोजन व्यक्तिगत रूप से होता है। किसी प्रकार का सहयोग शासन स्तर से नहीं हो पाता है। यदि सहयोग मिले तो हर वर्ष प्रतियोगिता आयोजित की जा सकती है।
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स्कूलों में हो रही प्रतियोगिता
शहर के निजी स्कूलों में शतरंज प्रतियोगिताएं कराई जा रही हैं। स्थानीय स्तर पर बच्चों को इसके तौर तरीके बताए जा रहे हैं, लेकिन संसाधनों व कोच की कमी उन्हें प्रभावित कर रही है। उप क्रीड़ाधिकारी अशोक सोनकर का कहना है कि स्टेडियम में प्रमुख रूप से 10-12 खेल ही होते हैं। शतरंज के लिए अभी कोई व्यवस्था नहीं है।
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सुविधाएं बढ़ें तो बन जाए बात
इटियाथोक निवासी प्रियांशु का कहना है कि जिले में शतरंज का कोई बेहतर प्लेटफार्म नहीं है, जिससे शतरंज प्रेमियों की प्रतिभा उभर नहीं पा रही है। एक बार लखनऊ में आयोजित प्रतियोगिता में प्रतिभाग किया था। तीसरा स्थान भी अर्जित किया था, लेकिन इसके बाद किसी आयोजन में हिस्सा लेने का मौका नहीं मिल सका। प्रियांशु ने बताया कि अब वह ऑनलाइन माध्यम से खेलते हैं। ताइक्वांडो सचिव डॉ. प्रत्यूष राज का कहना है कि हर एक खेल में शांत दिमाग के साथ-साथ तुरंत निर्णय लेने की क्षमता की आवश्यकता होती है। शतरंज के माध्यम से खिलाड़ी एकाग्रता को और मजबूत कर सकते हैं। जेल रोड निवासी अमित तिवारी का कहना है कि शतरंज एक अच्छा खेल है, जिससे छात्रों का मानसिक व बौद्धिक विकास होता है।
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