{"_id":"6a591c606ed5fe9af706954e","slug":"accused-of-taking-30000-in-the-name-of-the-charge-sheet-gonda-news-c-100-1-slko1026-162427-2026-07-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gonda News: चार्जशीट के नाम पर 30 हजार लेने का आरोप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gonda News: चार्जशीट के नाम पर 30 हजार लेने का आरोप
Thu, 16 Jul 2026 11:31 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Thu, 16 Jul 2026 11:31 PM IST
विज्ञापन
गोंडा। तरबगंज थाने में तैनात एक दरोगा पर चार्जशीट लगाने के नाम पर 30 हजार रुपये लेने और बाद में मुकदमे में फाइनल रिपोर्ट लगाने का आरोप लगा है। शिकायत मिलने पर देवीपाटन रेंज के डीआईजी अशोक कुमार शुक्ल ने तरबगंज के प्रभारी निरीक्षक को फोन कर कड़ी फटकार लगाई और रुपये वापस कराने के निर्देश दिए। मामले का वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
मन्नीपुर गांव निवासी किंग उपाध्याय बीते दिनों डीआईजी कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई में पहुंचे थे। उन्होंने शिकायत की कि 23 जनवरी को उनकी कार में तोड़फोड़ और मारपीट के मामले में दर्ज मुकदमे में चार्जशीट लगाने के लिए तत्कालीन विवेचक ने उनसे 30 हजार रुपये लिए थे।
आरोप है कि रुपये लेने के बावजूद बाद में मुकदमे में फाइनल रिपोर्ट लगा दी गई। पीड़ित ने बताया कि कई बार रुपये वापस मांगने पर भी उन्हें पैसा नहीं मिला। शिकायत के दौरान पीड़ित ने डीआईजी को दरोगा के साथ हुई व्हाट्सएप चैट भी दिखाई। इसके बाद डीआईजी ने तरबगंज के एसएचओ को फोन कर फटकार लगाई। डीआईजी ने एसएचओ को मुकदमे की विवेचना की मेरिट जांचने के निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
मन्नीपुर गांव निवासी किंग उपाध्याय बीते दिनों डीआईजी कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई में पहुंचे थे। उन्होंने शिकायत की कि 23 जनवरी को उनकी कार में तोड़फोड़ और मारपीट के मामले में दर्ज मुकदमे में चार्जशीट लगाने के लिए तत्कालीन विवेचक ने उनसे 30 हजार रुपये लिए थे।
विज्ञापन
आरोप है कि रुपये लेने के बावजूद बाद में मुकदमे में फाइनल रिपोर्ट लगा दी गई। पीड़ित ने बताया कि कई बार रुपये वापस मांगने पर भी उन्हें पैसा नहीं मिला। शिकायत के दौरान पीड़ित ने डीआईजी को दरोगा के साथ हुई व्हाट्सएप चैट भी दिखाई। इसके बाद डीआईजी ने तरबगंज के एसएचओ को फोन कर फटकार लगाई। डीआईजी ने एसएचओ को मुकदमे की विवेचना की मेरिट जांचने के निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन