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Gonda News: मुकदमे के दौरान भूमि वरासत मामले में लेखपाल निलंबित
Thu, 28 Dec 2023 11:58 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Thu, 28 Dec 2023 11:58 PM IST
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तरबगंज (गोंडा)। पकड़ी गांव के एक खातेदार की मौत के बाद जमीन की हकदारी को लेकर चल रहे चकबंदी न्यायालय में मुकदमे के दौरान दूसरे पक्ष के नाम वरासत करने पर एसडीएम ने लेखपाल नितीश कुमार को निलंबित कर दिया है। वहीं खातेदार की मौत करीब 40 साल बाद की दिखाने पर राजस्व निरीक्षक रक्षाराम से स्पष्टीकरण मांगा गया है।
गांव के असलम, अकरम, आलम, हुमायूं व चांदअली ने संयुक्त रूप से डीएम से प्रकरण की शिकायत की थी। आरोप था कि गांव के मंगरे की मौत करीब 40 साल पहले हो चुकी है, जिसकी संपत्ति को लेकर सेमरीकला निवासी जुलेखा बानो से चकबंदी न्यायालय में मुकदमा चल रहा था।
आरोप था कि इसी बीच हल्का लेखपाल नितीश कुमार ने दो लाख रुपये की मांग की व 10 हजार रुपये लिए, लेकिन कानूनगो से मिलीभगत कर लेखपाल ने आरसी- 09 (वरासत) के लिए ऑनलाइन आवेदन करके बीते आठ दिसंबर को जुलेखा बानो का नाम नामांतर बही में दर्ज कर दिया।
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आरोप था कि राजस्व निरीक्षक रक्षाराम ने 40 साल पहले हुई खातेदार मंगरे की मौत को अपनी जांच रिपोर्ट में 15 जून 2023 को होना दर्शाया है।
बीते 20 दिसंबर को ''अमर उजाला'' माई-सिटी के अंक में 40 साल पहले हुई थी खातेदार की मौत, दस्तावेज में पांच माह पहले दिखाया मृत शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। जिलाधिकारी ने प्रकरण को संज्ञान में लेते हुए एसडीएम को कार्रवाई के निर्देश दिए थे।
इसके बाद जांच में दोषी मिलने पर एसडीएम ने हल्का लेखपाल नितीश कुमार को निलंबित कर दिया है व राजस्व निरीक्षक रक्षाराम से स्पष्टीकरण तलब किया है।
कानूनगो से भी स्पष्टीकरण तलब
चकबंदी न्यायालय में मुकदमा चलने के दौरान गलत तरीके से दूसरे पक्ष के नाम अंकित करने के मामले में लेखपाल को निलंबित किया गया है। खातेदार की मौत दशकों बाद की दिखाने के मामले में राजस्व निरीक्षक से स्पष्टीकरण तलब किया गया है। - भारत भार्गव, उप जिलाधिकारी, तरबगंज
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गांव के असलम, अकरम, आलम, हुमायूं व चांदअली ने संयुक्त रूप से डीएम से प्रकरण की शिकायत की थी। आरोप था कि गांव के मंगरे की मौत करीब 40 साल पहले हो चुकी है, जिसकी संपत्ति को लेकर सेमरीकला निवासी जुलेखा बानो से चकबंदी न्यायालय में मुकदमा चल रहा था।
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आरोप था कि इसी बीच हल्का लेखपाल नितीश कुमार ने दो लाख रुपये की मांग की व 10 हजार रुपये लिए, लेकिन कानूनगो से मिलीभगत कर लेखपाल ने आरसी- 09 (वरासत) के लिए ऑनलाइन आवेदन करके बीते आठ दिसंबर को जुलेखा बानो का नाम नामांतर बही में दर्ज कर दिया।
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आरोप था कि राजस्व निरीक्षक रक्षाराम ने 40 साल पहले हुई खातेदार मंगरे की मौत को अपनी जांच रिपोर्ट में 15 जून 2023 को होना दर्शाया है।
बीते 20 दिसंबर को ''अमर उजाला'' माई-सिटी के अंक में 40 साल पहले हुई थी खातेदार की मौत, दस्तावेज में पांच माह पहले दिखाया मृत शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। जिलाधिकारी ने प्रकरण को संज्ञान में लेते हुए एसडीएम को कार्रवाई के निर्देश दिए थे।
इसके बाद जांच में दोषी मिलने पर एसडीएम ने हल्का लेखपाल नितीश कुमार को निलंबित कर दिया है व राजस्व निरीक्षक रक्षाराम से स्पष्टीकरण तलब किया है।
कानूनगो से भी स्पष्टीकरण तलब
चकबंदी न्यायालय में मुकदमा चलने के दौरान गलत तरीके से दूसरे पक्ष के नाम अंकित करने के मामले में लेखपाल को निलंबित किया गया है। खातेदार की मौत दशकों बाद की दिखाने के मामले में राजस्व निरीक्षक से स्पष्टीकरण तलब किया गया है। - भारत भार्गव, उप जिलाधिकारी, तरबगंज