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मिल में काम कर रहे मजदूर की करंट लगने से मौत, किसानों ने किया हंगामा
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18द्दस्रड्डश्च12-गोंडा के मैजापुर चीनी मिल का घेराव करते ग्रामीण।
- फोटो : GONDA
कटरा बाजार (गोंडा)। मैजापुर चीनी मिल में काम कर रहे एक युवक की करंट लगने से मौत हो गई। हादसे के बाद मिल प्रबंधन की ओर से श्रमिक को जिला अस्पताल भेजवाया गया। गंभीर हालत को देख उसे लखनऊ रेफर कर दिया गया। जहां उसकी मौत हो गई। इसकी सूचना मृतक के गांव पहुंची तो ग्रामीणों के साथ कई नेता मिल के सामने पहुंच गए और घेराव किया। ग्रामीणों का आरोप था कि मजदूर के साथ हुई घटना की जानकारी परिजनों को नहीं दी गई और लाश को छिपाया जा रहा है। पुलिस ने लोगों को शांत कराया और बताया कि युवक को इलाज के लिए लखनऊ भेजा गया जहां उसकी मौत हो गई है। उसका पोस्टमार्टम वहीं हो रहा है।
तिलका निवासी अंशू शुक्ल ने बताया कि मैजापुर चीनी मिल में उनका भाई दयाशंकर (32) मिल में मजदूरी का काम करता था। बुधवार रात को बिजली का तार छूने से वह करंट की चपेट में आ गया। जिससे उसकी मौत हो गई। मिल के लोगों ने सूचना परिजनों को नहीं दी। परिजन गुरुवार सुबह मैजापुर मिल पहुंचे, जहां गेट पर खड़े कर्मियों से अंदर जाने का आग्रह किया लेकिन उन्हें कोई अंदर नहीं जाने दिया। घटना को छिपाने की कोशिश की गई। परिवारीजन व ग्रामीणों ने मिल का घेराव कर प्रदर्शन किया। सूचना फैलने पर जनप्रतिनिधि व पुलिस प्रशासन मौके पर पहुंचा।
परिजनों ने बताया कि दयाशंकर की घटनास्थल पर ही मौत हो गई, प्रशासन द्वारा मामले को दबाने का प्रयास किया गया। गांव के युवराज तिवारी ने बताया कि रातभर सभी अधिकारियों को फोन कर मदद की गुहार लगाई, लेकिन किसी ने नहीं सुना। मजदूर के साथ काम करने वाले चश्मदीद युवक नीरज ने बताया कि तीन लोग एक साथ काम कर रहे थे। उनके साथ काम कर रहे दयाशंकर की करंट से मौत हो गई। हम सभी लोगों को मिल अन्य कर्मचारियों द्वारा एक कमरे में बंद कर दिया गया और मोबाइल ले लिया।
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सीओ करनैलगंज मुन्ना उपाध्याय ने बताया कि मैजापुर चीनी मिल में एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। शव का लखनऊ में पोस्टमार्टम हो रहा है, अन्य विधिक कार्यवाही की जा रही है। मिल के गन्ना महाप्रबंधक पीके चतुर्वेदी ने बताया कि रात में नहीं थे, लखनऊ गए थे। घटना की जानकारी हुई है। मृतक प्लांट में ठेकेदार के अंडर में काम कर रहा था। घटना कैसे हुई है पूरी जानकारी की जा रही है।
उन्होंने बताया कि जिस फर्म के तहत वह काम कर रहा था उसकी ओर से दस लाख रुपये की मदद परिजनों को की जाएगी। इसके अलावा उसका इश्योरेंस भी था। किसी प्रकार की घटना नहीं छिपाई गई। घायलावस्था में जिला अस्पताल भेजा गया जहां से उसे लखनऊ रेफर किया गया था, रास्ते में उसकी मौत हो गई। लखनऊ में उसका पोस्टमार्टम हो रहा है। उन्होंने कहा कि वह हमेशा किसानों के साथ खड़े थे ओर मिल प्रबंधन की ओर से जो भी बन पड़ेगा किया जाएगा।
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तिलका निवासी अंशू शुक्ल ने बताया कि मैजापुर चीनी मिल में उनका भाई दयाशंकर (32) मिल में मजदूरी का काम करता था। बुधवार रात को बिजली का तार छूने से वह करंट की चपेट में आ गया। जिससे उसकी मौत हो गई। मिल के लोगों ने सूचना परिजनों को नहीं दी। परिजन गुरुवार सुबह मैजापुर मिल पहुंचे, जहां गेट पर खड़े कर्मियों से अंदर जाने का आग्रह किया लेकिन उन्हें कोई अंदर नहीं जाने दिया। घटना को छिपाने की कोशिश की गई। परिवारीजन व ग्रामीणों ने मिल का घेराव कर प्रदर्शन किया। सूचना फैलने पर जनप्रतिनिधि व पुलिस प्रशासन मौके पर पहुंचा।
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परिजनों ने बताया कि दयाशंकर की घटनास्थल पर ही मौत हो गई, प्रशासन द्वारा मामले को दबाने का प्रयास किया गया। गांव के युवराज तिवारी ने बताया कि रातभर सभी अधिकारियों को फोन कर मदद की गुहार लगाई, लेकिन किसी ने नहीं सुना। मजदूर के साथ काम करने वाले चश्मदीद युवक नीरज ने बताया कि तीन लोग एक साथ काम कर रहे थे। उनके साथ काम कर रहे दयाशंकर की करंट से मौत हो गई। हम सभी लोगों को मिल अन्य कर्मचारियों द्वारा एक कमरे में बंद कर दिया गया और मोबाइल ले लिया।
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सीओ करनैलगंज मुन्ना उपाध्याय ने बताया कि मैजापुर चीनी मिल में एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। शव का लखनऊ में पोस्टमार्टम हो रहा है, अन्य विधिक कार्यवाही की जा रही है। मिल के गन्ना महाप्रबंधक पीके चतुर्वेदी ने बताया कि रात में नहीं थे, लखनऊ गए थे। घटना की जानकारी हुई है। मृतक प्लांट में ठेकेदार के अंडर में काम कर रहा था। घटना कैसे हुई है पूरी जानकारी की जा रही है।
उन्होंने बताया कि जिस फर्म के तहत वह काम कर रहा था उसकी ओर से दस लाख रुपये की मदद परिजनों को की जाएगी। इसके अलावा उसका इश्योरेंस भी था। किसी प्रकार की घटना नहीं छिपाई गई। घायलावस्था में जिला अस्पताल भेजा गया जहां से उसे लखनऊ रेफर किया गया था, रास्ते में उसकी मौत हो गई। लखनऊ में उसका पोस्टमार्टम हो रहा है। उन्होंने कहा कि वह हमेशा किसानों के साथ खड़े थे ओर मिल प्रबंधन की ओर से जो भी बन पड़ेगा किया जाएगा।