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Gonda News: मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में बनेगी छह बेड की आईसीयू

Sun, 10 May 2026 11:31 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा Updated Sun, 10 May 2026 11:31 PM IST
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A six-bed ICU will be built in the emergency ward of the medical college
मेडिकल कॉलेज में वार्ड का निरीक्षण करते चिकित्साधीक्षक। संवाद 
गोंडा। मेडिकल कॉलेज से संबद्ध बाबू ईश्वर शरण चिकित्सालय में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में तेजी से काम शुरू कर दिया गया है। अस्पताल प्रशासन अब गंभीर मरीजों के उपचार की व्यवस्थाओं को मजबूत करने में जुट गया है। इसी क्रम में अस्पताल के पुराने भवन को 30 बेड की इमरजेंसी सेवाओं के लिए विकसित किया जा रहा है, जहां छह बेड की आईसीयू (इंटेंसिव केयर यूनिट) तैयार की जाएगी।
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अस्पताल में अब तक वयस्क मरीजों के लिए आईसीयू की सुविधा उपलब्ध नहीं है। ऐसे में गंभीर मरीजों को लखनऊ अथवा अन्य बड़े मेडिकल संस्थान रेफर करना पड़ता है। आईसीयू की स्थापना से सड़क हादसे, हार्ट अटैक, सांस संबंधी गंभीर बीमारी व अन्य आपातकालीन स्थिति में मरीजों को तत्काल बेहतर इलाज मिल सकेगा।
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इसके साथ ही मेडिसिन विभाग में 20 बेड की हाई डिपेंडेंसी यूनिट (एचडीयू) तैयार करने की योजना बनाई गई है। इसमें दो बेड डायलिसिस के लिए आरक्षित किए जाएंगे। इस यूनिट में वेंटिलेटर, मॉनिटर, ऑक्सीजन सपोर्ट सहित गंभीर मरीजों की निगरानी के लिए आवश्यक आधुनिक उपकरण लगाए जाएंगे। अस्पताल प्रशासन का मानना है कि इन व्यवस्थाओं से ऐसे मरीजों को राहत मिलेगी, जिन्हें सामान्य वार्ड से अधिक निगरानी की आवश्यकता होती है।
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कमेटी गठित, निरीक्षण के बाद तैयार हुआ खाका

चिकित्सा अधीक्षक डॉ. डीएन सिंह ने बताया कि अस्पताल की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए कमेटी गठित की गई है। कमेटी ने अस्पताल परिसर का निरीक्षण कर आवश्यक सुविधाओं और संसाधनों का आकलन किया है। रिपोर्ट के आधार पर चरणबद्ध तरीके से व्यवस्थाओं को लागू करने की योजना तैयार की गई है। उन्होंने बताया कि अस्पताल में मरीजों का लगातार दबाव बढ़ रहा है। ऐसे में गंभीर मरीजों के उपचार के लिए अतिरिक्त संसाधन विकसित करना जरूरी हो गया है। इसी को ध्यान में रखते हुए आईसीयू, एचडीयू और डायलिसिस वार्ड जैसी सुविधाओं को प्राथमिकता दी जा रही है।

आयुक्त के निरीक्षण के बाद व्यवस्थाएं दुरुस्त करने में आई तेजी
हाल ही में आयुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल के निरीक्षण के बाद अस्पताल प्रशासन ने मूलभूत सुविधाओं को दुरुस्त करने का अभियान तेज कर दिया है। मेडिकल कॉलेज की प्रधानाचार्य डॉ. बीना सिंह ने व्यवस्था की निगरानी के लिए माइक्रो बायोलॉजिस्ट डॉ. अनिल वर्मा को जिम्मेदारी सौंपी है। इसके बाद से अब तक मुख्य भवन में चार स्थानों तथा कोविड भवन में एक स्थान पर पेयजल व्यवस्था दुरुस्त कर दी गई है। इसके अलावा अस्पताल परिसर के सभी पंखों को चालू करा दिया गया है। दरवाजों और खिड़कियों की मरम्मत का कार्य तेजी से कराया जा रहा है। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि पहले चरण में मूलभूत सुविधाओं को मजबूत करना प्राथमिकता है।
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