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जर्जर होने की वजह से डूबी थी यात्रियों से भरी नाव
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पलटी नहीं डूबी थी यात्रियों से भरी नाव
एसडीआरएफ के गोताखोर को सरयू नदी में पीपा पुल के नीचे फंसी मिली नाव
बुधवार को सूरज निकलने के साथ ही शुरू हो गया रेस्क्यू ऑपरेशन
फोटो-5,6
राजेश सिंह
उमरीबेगमंगज (गोंडा)। ऐली परसौली के टेपरहनपुरवा में पीपा पुल के पास मंगलवार को यात्रियों से भरी नाव के सरयू नदी में अनियंत्रित होकर पलटने की घटना सामने आई थी। इस घटना में एक शिक्षक की मौत हो गई थी और ऐली परसौली गांव के तीन लोगों का अभी तक पता नहीं चल पाया है। मंगलवार देर शाम एसडीआरएफ की टीम रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए मौके पर पहुंच गई थी। बुधवार को एसडीआरएफ टीम ने सूरज निकलने के साथ ही लापता लोगों को खोजने के लिए अभियान शुरू कर दिया। लेकिन बुधवार देर शाम तक कुछ भी हाथ नहीं लगा है। गोताखोरों की खोजबीन में ये सामने आया है कि मंगलवार को नाव पलटी नहीं बल्कि पानी में सीधे डूब गई थी। रेस्क्यू टीम ने बताया कि नाव जर्जर होने के चलते उसका एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया जिससे नाव में पानी भरने से वह डूब गई।
डिप्टी एसपी एसडीआरएफ शोभनाथ यादव, निरीक्षक राकेश राव और प्लाटून कमांडर मो असलम की अगुवाई में एसडीआरएफ की 20 सदस्यीय टीम आपरेशन में लगी हुई है। इस टीम में तीन विशेषज्ञ गोताखोर भी शामिल हैं। बुधवार को सुबह से लगी टीम ने लगभग 5 किमी के दायरे में तीन लापता लोगों की खोजबीन की है। लेकिन लगभग 10 घंटे तक चले लंबे रेस्क्यू ऑपरेशन में टीम को नाव के अलावा कुछ भी नहीं मिला है। नदी एसडीआरएफ के डिप्टी एसपी शोभनाथ यादव ने बताया कि पानी का बहाव काफी तेज होने के चलते ऑपरेशन में दिक्कत हो रही है। पूरे दिन एसडीएम तरबगंज राजेश कुमार और सीओ महावीर सिंह मौजूद रहे।
इनसेट
पीपे के नीचे फंसी मिली नाव
एसडीआरएफ के रेस्क्यू ऑपरेशन में डीपर डायवर (गहराई के गोताखोर) पंकज सिंह को बड़ी सफलता हाथ लगी। उन्होंने गहराई में जाकर देखा तो पीपा पुल के नीचे एक पीपे में नाव फंसी मिली। बताया जा रहा है कि नाव पलटी नहीं थी बल्कि सीधे नीचे फंसी हुई है और रेत भी जमा हो गई है। नाव को निकालने के लिए प्रयास किये जा रहे हैं।
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इनसेट
काफी कमजोर और पुरानी थी नाव
रूदौली के कैथी घाट से ऐली परसौली के लिए मंगलवार को लगभग 30 लोगों को लेकर निकली नाव काफी कमजोर और पुरानी थी। बचाव कार्य में जुटी टीम के गोताखोरों ने कई बार रस्सी बांधकर ट्रैक्टर और जेसीबी से नाव को खींचने का प्रयास किया तो नाव की लकड़ियां टूट जा रही हैं। इससे नाव को निकाल पाने में काफी परेशानी हो रही है। बताया जा रहा है कि नाव का जर्जर होना भी घटना का बड़ा कारण हो सकता है। आशंका है कि पीपे के पुल से नाव के टकराने के बाद नाव का कोई हिस्सा टूट गया जिससे नाव में अचानक पानी भर गया और नाव वहीं पर सीधे नीचे चली गई।
इनसेट
थंडरिंग विधि से हो रही खोजबीन
एसडीआरएफ की टीम में शामिल सदस्यों ने बुधवार को नदी में लगभग किलोमीटर तक थंडरिंग विधि से लापता तीन लोगों का पता लगाने का प्रयास किया। एसडीआरएफ की रेस्क्यू टीम में शामिल लोगों ने बताया कि हम लोगों ने अपनी रबर नाव से एक विशेष विधि से लापता लोगों को खोजने का प्रयास किया। इसमें मशीन के जरिये लगभग 20 फीट नीचे से पानी में उबाल मारा जाता है। जिससे अगर कोई डेड बाडी पानी में नीचे रेत के बीच फंसी हुई हो तो उसे भी बाहर निकाला जा सके।
इनसेट
नाव के नीचे भी फंसे हो सकते लोग
बचाव कार्य में जुटे लोगों की मानें तो नाव काफी नीचे दबी हुई है। यहां पीपे के नीचे नाव फंसी होने के साथ काफी रेत भी जमा हो गई है। नदी में पानी के नीचे फंसी नाव में मोटरसाइकिल, साइकिल व अन्य कई सामान बंधे हुए हैं। आशंका है कि नाव के आसपास भी रेत में कोई फंसा हो सकता है। नाव के बाहर आने के बाद ही इसका पता लगाया जा सका है। रेत और सामान भरे होने के चलते नाव काफी भारी हो गई है जिससे उसे बाहर निकालने में परेशानी हो रही है।
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एसडीआरएफ के गोताखोर को सरयू नदी में पीपा पुल के नीचे फंसी मिली नाव
बुधवार को सूरज निकलने के साथ ही शुरू हो गया रेस्क्यू ऑपरेशन
फोटो-5,6
राजेश सिंह
उमरीबेगमंगज (गोंडा)। ऐली परसौली के टेपरहनपुरवा में पीपा पुल के पास मंगलवार को यात्रियों से भरी नाव के सरयू नदी में अनियंत्रित होकर पलटने की घटना सामने आई थी। इस घटना में एक शिक्षक की मौत हो गई थी और ऐली परसौली गांव के तीन लोगों का अभी तक पता नहीं चल पाया है। मंगलवार देर शाम एसडीआरएफ की टीम रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए मौके पर पहुंच गई थी। बुधवार को एसडीआरएफ टीम ने सूरज निकलने के साथ ही लापता लोगों को खोजने के लिए अभियान शुरू कर दिया। लेकिन बुधवार देर शाम तक कुछ भी हाथ नहीं लगा है। गोताखोरों की खोजबीन में ये सामने आया है कि मंगलवार को नाव पलटी नहीं बल्कि पानी में सीधे डूब गई थी। रेस्क्यू टीम ने बताया कि नाव जर्जर होने के चलते उसका एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया जिससे नाव में पानी भरने से वह डूब गई।
डिप्टी एसपी एसडीआरएफ शोभनाथ यादव, निरीक्षक राकेश राव और प्लाटून कमांडर मो असलम की अगुवाई में एसडीआरएफ की 20 सदस्यीय टीम आपरेशन में लगी हुई है। इस टीम में तीन विशेषज्ञ गोताखोर भी शामिल हैं। बुधवार को सुबह से लगी टीम ने लगभग 5 किमी के दायरे में तीन लापता लोगों की खोजबीन की है। लेकिन लगभग 10 घंटे तक चले लंबे रेस्क्यू ऑपरेशन में टीम को नाव के अलावा कुछ भी नहीं मिला है। नदी एसडीआरएफ के डिप्टी एसपी शोभनाथ यादव ने बताया कि पानी का बहाव काफी तेज होने के चलते ऑपरेशन में दिक्कत हो रही है। पूरे दिन एसडीएम तरबगंज राजेश कुमार और सीओ महावीर सिंह मौजूद रहे।
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पीपे के नीचे फंसी मिली नाव
एसडीआरएफ के रेस्क्यू ऑपरेशन में डीपर डायवर (गहराई के गोताखोर) पंकज सिंह को बड़ी सफलता हाथ लगी। उन्होंने गहराई में जाकर देखा तो पीपा पुल के नीचे एक पीपे में नाव फंसी मिली। बताया जा रहा है कि नाव पलटी नहीं थी बल्कि सीधे नीचे फंसी हुई है और रेत भी जमा हो गई है। नाव को निकालने के लिए प्रयास किये जा रहे हैं।
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काफी कमजोर और पुरानी थी नाव
रूदौली के कैथी घाट से ऐली परसौली के लिए मंगलवार को लगभग 30 लोगों को लेकर निकली नाव काफी कमजोर और पुरानी थी। बचाव कार्य में जुटी टीम के गोताखोरों ने कई बार रस्सी बांधकर ट्रैक्टर और जेसीबी से नाव को खींचने का प्रयास किया तो नाव की लकड़ियां टूट जा रही हैं। इससे नाव को निकाल पाने में काफी परेशानी हो रही है। बताया जा रहा है कि नाव का जर्जर होना भी घटना का बड़ा कारण हो सकता है। आशंका है कि पीपे के पुल से नाव के टकराने के बाद नाव का कोई हिस्सा टूट गया जिससे नाव में अचानक पानी भर गया और नाव वहीं पर सीधे नीचे चली गई।
इनसेट
थंडरिंग विधि से हो रही खोजबीन
एसडीआरएफ की टीम में शामिल सदस्यों ने बुधवार को नदी में लगभग किलोमीटर तक थंडरिंग विधि से लापता तीन लोगों का पता लगाने का प्रयास किया। एसडीआरएफ की रेस्क्यू टीम में शामिल लोगों ने बताया कि हम लोगों ने अपनी रबर नाव से एक विशेष विधि से लापता लोगों को खोजने का प्रयास किया। इसमें मशीन के जरिये लगभग 20 फीट नीचे से पानी में उबाल मारा जाता है। जिससे अगर कोई डेड बाडी पानी में नीचे रेत के बीच फंसी हुई हो तो उसे भी बाहर निकाला जा सके।
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नाव के नीचे भी फंसे हो सकते लोग
बचाव कार्य में जुटे लोगों की मानें तो नाव काफी नीचे दबी हुई है। यहां पीपे के नीचे नाव फंसी होने के साथ काफी रेत भी जमा हो गई है। नदी में पानी के नीचे फंसी नाव में मोटरसाइकिल, साइकिल व अन्य कई सामान बंधे हुए हैं। आशंका है कि नाव के आसपास भी रेत में कोई फंसा हो सकता है। नाव के बाहर आने के बाद ही इसका पता लगाया जा सका है। रेत और सामान भरे होने के चलते नाव काफी भारी हो गई है जिससे उसे बाहर निकालने में परेशानी हो रही है।