फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gonda News ›   90 percent polling stations do not have electricity

90 प्रतिशत मतदान केंद्रों पर नहीं है बिजली

Mon, 05 Oct 2015 11:48 PM IST
गोंडा/अमर उजाला ब्यूरो
गोंडा/अमर उजाला ब्यूरो Updated Mon, 05 Oct 2015 11:48 PM IST
विज्ञापन
पंचायत चुनाव के पहले चरण में करनैलगंज तहसील क्षेत्र में 261 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। बनाए गए मतदान केंद्रों तक आने-जाने का ध्यान रखा गया है, लेकिन इन मतदान केंद्रों में करीब 90 फीसदी केंद्रों पर मोमबत्ती या ढिबरी के उजाले में ही कर्मियों को मतदान कराना होगा। अधिकांश केंद्र परिषदीय विद्यालय हैं, जहां विद्युतीकरण में इनका नाम दर्ज है, लेकिन इनमें 90 फीसदी में बिजली कनेक्शन तक नहीं है।
विज्ञापन


पहले चरण का चुनाव नौ अक्टूबर को होगा, जिसमें 13 जिला पंचायत सदस्य एवं चार ब्लॉकों के 319 क्षेत्र पंचायत सदस्य पदों के लिए मतदान होगा। कई विद्यालय ऐसे हैं, जहां शौचालय तक नहीं हैं। यदि हैं भी तो वे निष्प्रयोज्य हैं।
विज्ञापन


सकरौरा ग्रामीण का मतदान केंद्र सकरौरा घाट स्थित धर्मशाला को बनाया गया है। जहां बिजली, शौचालय, पेयजल की सुविध नहीं है। यहां बूथ के अंदर दिन में ही अंधेरा छाया रहता है। काफी दूरी तक कोई मजरा व गांव नहीं है। इससे यहां सन्नाटा पसरा रहता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


प्राथमिक विद्यालय नरायनपुर मांझा में करीब चार बूथ हैं, मगर एक में भी रैंप नहीं है। ऐसे में बुजुर्ग तथा निशक्त मतदाताओं को किसी का सहारा लेना पड़ेगा। यहां बिजली का अभाव है। बिजली का कनेक्शन न होने के कारण कमरों में अंधेरा छाया रहता है। अंधेरे के चलते शिक्षक बच्चों की कक्षाएं  कमरों के बाहर लगाते हैं। एक हैंडपंप है, जो विद्यालय परिसर से बाहर लगा है।

प्राथमिक विद्यालय हरिगंवा भी मतदान केंद्र बनाया गया है, जहां गंदगी पसरी होने के साथ ही शौचालय बंद पड़ा है। यहां बिजली का कनेक्शन नहीं है। बाउंड्रीवाल है तथा दो बूथ में एक पर रैंप बना है। दूसरा रैंप विहीन है। यहां भी कमरों में रोशनी का कोई साधन नहीं है। ऐसे में मोमबत्ती ही सहारा है।

फोटो-16-मतदान केंद्र प्राथमिक विद्यालय हरिगवां

करनैलगंज तहसील क्षेत्र के 261 मतदान केंद्रों में कुछ में बिजली का कनेक्शन नहीं है। जहां विद्युतीकरण हो चुका है। वहां वैकल्पिक कनेक्शन के लिए पावर कॉर्पोरेशन के अधिकारियों को निर्देशित किया गया है। अधिकांश विद्यालयों में रैंप बना है। कई जगह दो से चार बूथ हैं, लेकिन एक रैंप है। वहां रैंप से निशक्त व बुजुर्गों को मतदान में जाने के लिए छूट होगी। -वीके सिंह, एसडीएम करनैलगंज
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed