{"_id":"652ecc733550bc2649026216","slug":"8-lakhs-spent-on-land-but-17-lakhs-shown-on-papers-gonda-news-c-100-1-slko1028-6147-2023-10-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gonda News: जमीन पर आठ लाख तो कागजों में दिखाया 17 लाख का खर्च","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gonda News: जमीन पर आठ लाख तो कागजों में दिखाया 17 लाख का खर्च
Tue, 17 Oct 2023 11:33 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Tue, 17 Oct 2023 11:33 PM IST
विज्ञापन
गोंडा। मनरेगा घोटाले में जांच के बाद ग्राम प्रधान, वीडीओ सहित पांच लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। जमीन पर जहां कुल आठ लाख रुपये खर्च किए गए हैं तो कागजों में कुल 17 लाख रुपये का खर्च दिखाया गया है। सरकारी धन के गबन की पुष्टि होने के बाद यह कार्यवाही की गई है। इनमें ग्राम प्रधान रेखा देवी, ग्राम विकास अधिकारी प्रसून श्रीवास्तव, ग्राम रोजगार सेवक किशोरी लाल, तत्कालीन तकनीकि सहायक प्रदीप कुमार व तत्कालीन अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी शामिल हैं।
विकासखंड झंझरी के कुंदरखी में वर्ष 2022-23 मनरेगा योजना मेें पुलिस चौकी कहोबा से शोभा राम के खेत तक नाले की मिट्टी खुदाई का कार्य कराया गया। कार्य में गड़बड़ी की शिकायत पर डीएम ने जांच का निर्देश दिया था। डीडीओ, अधिशासी अभियंता ग्रामीण अभियंत्रण विभाग व सरयू नहर के अधिशासी अभियंता की समिति ने मामले की जांच की। 13 अक्तूबर को आई जांच आख्या में पता चला कि प्रस्तावित कार्य की कुल धनराशि 17.31 लाख रुपये का व्यय श्रमिकों को किए जाने के लिए मस्टर रोल निर्गत किया गया। जबकि एमआईएस रिपोर्ट के मुताबिक परियोजना पर 16.75 लाख रुपये व्यय मजदूरी के रूप में किया गया। सामग्री मद में भुगतान शून्य है। जांच आख्या के अनुसार परियोजना स्थल पर कुल धनराशि 8,69,441 रुपये का कार्य पाया गया। इस प्रकार कार्य पर कुल 8,06,392 रुपये का भुगतान अधिक पाया गया, जबकि मौके पर कार्य कम पाया गया। जांच में खुलासे के बाद डीएम नेहा शर्मा के आदेश पर जिला ग्राम्य विकास अभिकरण के परियोजना निदेशक चंद्रशेखर ने कोतवाली नगर में एफआईआर दर्ज कराई है।
विज्ञापन
विकासखंड झंझरी के कुंदरखी में वर्ष 2022-23 मनरेगा योजना मेें पुलिस चौकी कहोबा से शोभा राम के खेत तक नाले की मिट्टी खुदाई का कार्य कराया गया। कार्य में गड़बड़ी की शिकायत पर डीएम ने जांच का निर्देश दिया था। डीडीओ, अधिशासी अभियंता ग्रामीण अभियंत्रण विभाग व सरयू नहर के अधिशासी अभियंता की समिति ने मामले की जांच की। 13 अक्तूबर को आई जांच आख्या में पता चला कि प्रस्तावित कार्य की कुल धनराशि 17.31 लाख रुपये का व्यय श्रमिकों को किए जाने के लिए मस्टर रोल निर्गत किया गया। जबकि एमआईएस रिपोर्ट के मुताबिक परियोजना पर 16.75 लाख रुपये व्यय मजदूरी के रूप में किया गया। सामग्री मद में भुगतान शून्य है। जांच आख्या के अनुसार परियोजना स्थल पर कुल धनराशि 8,69,441 रुपये का कार्य पाया गया। इस प्रकार कार्य पर कुल 8,06,392 रुपये का भुगतान अधिक पाया गया, जबकि मौके पर कार्य कम पाया गया। जांच में खुलासे के बाद डीएम नेहा शर्मा के आदेश पर जिला ग्राम्य विकास अभिकरण के परियोजना निदेशक चंद्रशेखर ने कोतवाली नगर में एफआईआर दर्ज कराई है।
विज्ञापन