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किसानों को सोलर पंप पर 75 प्रतिशत अनुदान की सौगात

Sat, 08 Feb 2020 10:45 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sat, 08 Feb 2020 10:45 PM IST
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75% grant subsidy on solar pump to farmers
गोंडा। केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान/कुसुम योजना से किसानों को अब सोलर पंप पर 75 प्रतिशत का अनुदान मिलेगा। किसानों को डीजल पम्प से मुक्ति दिलाने के लिए यह योजना वरदान साबित होगी। इससे जहां एक तरफ सिंचाई लागत शून्य होगी, वहीं डीजल पम्पों से निकलने वाले कार्बन से मुक्ति मिलेगी। जो पर्यावरण को स्वच्छ बनाने में काफी हद तक सहायक सिद्ध होगा। इस योजना के लिए कृषि विभाग को नोडल विभाग नामित किया गया है। किसानों को 75 फीसदी तक अनुदान पर सोलर पंप उपलब्ध कराया जाएगा।
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किसानों को 113503 रुपये के दो हॉर्स पावर सोलर पंप पर 75 फीसदी का अनुदान दिया जाएगा। किसानों को करीब 85 हजार 127 रुपये अनुदान मिलेगा। अनुदान के बाद सिर्फ 28376 रुपये में सोलर पंप मिल जाएगा। इसी तरह 155528 रुपये के 3 हॉर्स पावर पंप की खरीद पर भी किसानों को 75 फीसदी का अनुदान मिलेगा। इसमें एक लाख 16 हजार 46 रुपये की छूट मिलेगी। पंप की लागत घटकर लागत 38882 रुपये हो जाएगी।
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इसी तरह 217550 रुपये के 5 एचपी सोलर पंप की खरीद पर किसानों को 60 फीसदी अनुदान मिलेगा। इससे किसानों को एक लाख 30 हजार 530 रुपये की छूट हासिल होगी। इसमें किसानों को 5 एचपी की खरीद पर 87020 रुपये अंशदान के रूप में देना होगा। यदि किसान 7.5 हॉर्स पावर स्टैंड अलोन सोलर पंप लगवाना चाहता है तो उसे कुल लागत पर 60 प्रतिशत अनुदान मिलेगा। योजना के तहत लघु व सीमांत किसानों को वरीयता दी जाएगी। ऐसे किसान जो स्प्रिंकलर या ड्रिप सिंचाई का उपयोग करके पानी की बचत कर रहे हैं उन्हें भी प्राथमिकता दी जाएगी।
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योजना में वह कृषक पात्र नहीं होंगे जिनके पास विद्युत संचालित पंप हैं। किसानों को इस योजना का लाभ लेने के लिए कृषि विभाग की वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। योजना का लाभ पहले बैंक ड्राफ्ट लाओ पहले सोलर पंप के आधार पर किया जाएगा। इसके लिए संबंधित किसान के पास बोरिंग का होना आवश्यक है। बिना बोरिंग वाले किसानों को इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा।

संयुक्त कृषि निदेशक पीडी गुप्ता ने बताया कि इस योजना में कोई कोई लक्ष्य नहीं है जितने किसान इस योजना का लाभ उठाना चाहते हैं उन सबको इससे लाभान्वित किया जाएगा। किसानों को बेहतर सुविधा देने और उनकी खेती में खर्च कम करने व आय बढ़ाने के लिए योजना शुरू की गई है।
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