{"_id":"5b7eec6142c79246516547d2","slug":"71535044705-gonda-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"स्थिर घाघरा फिर उफान पर, बढ़ने लगा जलसतर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
स्थिर घाघरा फिर उफान पर, बढ़ने लगा जलसतर
Updated Fri, 24 Aug 2018 12:17 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
करनैलगंज (गोंडा)। लगातार खतरे के निशान से ऊपर बह रही घाघरा में बाढ़ के पानी का एक बड़ा सैलाब आने के संकेत मिलने लगे हैं। पहाड़ों पर हो रही लगातार बरसात के चलते बैराजों से घाघरा में पानी छोड़े जाने के संकेत मिले हैं। गुुुरुवार को घाघरा का डिस्चार्ज भी बढ़ने लगा है, जिससे करनैलगंज के बाढ़ प्रभावित इलाकों में तबाही के संकेत साफ दिखाई देने लगे हैं।
गुरुवार की सुबह से घाघरा फिर तेजी से बढ़ने लगी है। काफी दिनों से खतरे के निशान से काफी ऊपर बह रही घाघरा के जलस्तर में हुई कमी से लोग इसे राहत की बात मान रहे थे। गुरुवार को एक बार फिर बैराजों में पानी का डिस्चार्ज बढ़ने से आने वाले दिनों में फिर से घाघरा के जलस्तर में उफान आने के संकेत साफ हो चुके हैं।
पहले से अस्थाई बांध के कटान वाले हिस्सों से जा रहा घाघरा का पानी करनैलगंज के इलाकों में तबाही का सबब बना हुआ है। अब तक इससे करनैलगंज और सीमावर्ती क्षेत्र के करीब 160 मजरे प्रभावित बताए जा रहे हैं। पूरे इलाके में इस समय बाढ़ का कहर है। प्रशासन ने करीब 97 नावें लगा रखी हैं। तो वहीं अब तक करीब 11 सौ से अधिक बाढ़ पीड़ितों को राहत किट प्रदान की जा चुकी है।
विज्ञापन
जानकारों की मानें तो बौराजों में बढ़े पानी के डिस्चार्ज का असर शुक्रवार की रात से दिखना शुरू हो जाएगा। गुरुवार दोपहर बादजलस्तर बढ़ कर 47 सेंटीमीटर हो गया। अब एक बार फिर घाघरा का जलस्तर बढ़ने की खबर से लोगों में दहशत फैल गई है। दू
सरी ओर करनैलगंज तहसील क्षेत्र के गांव को बाढ़ से बचाने के लिए प्रशासनिक कवायदें बिल्कुल फेल नजर आ रही हैं। कोई भी अधिकारी बाढ़ को लेकर गंभीर नहीं है। बुधवार की शाम बाढ़ राहत केन्द्र गौरासिंहपुर में पशुपालन विभाग नदारद मिला।
एल्गिन चरसड़ी बांध पर मौजूद सहायक अभियंता एमके सिंह ने बताया कि घाघरा का जलस्तर शुक्रवार की शाम से बढ़ने के संकेत मिल रहे है। सिंचाई विभाग के अधिकारी व उनकी टीम बांध पर मौजूद हैं। अभी तक किसी भी प्रकार का कोई खतरा नहीं है।
लगातार पानी बढ़ने से आगे दिक्कतें आ सकती हैं। एसडीएम गुलाम सरवर ने बताया कि अब तक क्षेत्र में 97 नाव नाविकों समेत लगाई गई हैं जो क्षेत्र में काम कर रही हैं और लगातार बाढ़ के हालात पर निगरानी कराई जा रही है।
विज्ञापन
गुरुवार की सुबह से घाघरा फिर तेजी से बढ़ने लगी है। काफी दिनों से खतरे के निशान से काफी ऊपर बह रही घाघरा के जलस्तर में हुई कमी से लोग इसे राहत की बात मान रहे थे। गुरुवार को एक बार फिर बैराजों में पानी का डिस्चार्ज बढ़ने से आने वाले दिनों में फिर से घाघरा के जलस्तर में उफान आने के संकेत साफ हो चुके हैं।
विज्ञापन
पहले से अस्थाई बांध के कटान वाले हिस्सों से जा रहा घाघरा का पानी करनैलगंज के इलाकों में तबाही का सबब बना हुआ है। अब तक इससे करनैलगंज और सीमावर्ती क्षेत्र के करीब 160 मजरे प्रभावित बताए जा रहे हैं। पूरे इलाके में इस समय बाढ़ का कहर है। प्रशासन ने करीब 97 नावें लगा रखी हैं। तो वहीं अब तक करीब 11 सौ से अधिक बाढ़ पीड़ितों को राहत किट प्रदान की जा चुकी है।
विज्ञापन
जानकारों की मानें तो बौराजों में बढ़े पानी के डिस्चार्ज का असर शुक्रवार की रात से दिखना शुरू हो जाएगा। गुरुवार दोपहर बादजलस्तर बढ़ कर 47 सेंटीमीटर हो गया। अब एक बार फिर घाघरा का जलस्तर बढ़ने की खबर से लोगों में दहशत फैल गई है। दू
सरी ओर करनैलगंज तहसील क्षेत्र के गांव को बाढ़ से बचाने के लिए प्रशासनिक कवायदें बिल्कुल फेल नजर आ रही हैं। कोई भी अधिकारी बाढ़ को लेकर गंभीर नहीं है। बुधवार की शाम बाढ़ राहत केन्द्र गौरासिंहपुर में पशुपालन विभाग नदारद मिला।
एल्गिन चरसड़ी बांध पर मौजूद सहायक अभियंता एमके सिंह ने बताया कि घाघरा का जलस्तर शुक्रवार की शाम से बढ़ने के संकेत मिल रहे है। सिंचाई विभाग के अधिकारी व उनकी टीम बांध पर मौजूद हैं। अभी तक किसी भी प्रकार का कोई खतरा नहीं है।
लगातार पानी बढ़ने से आगे दिक्कतें आ सकती हैं। एसडीएम गुलाम सरवर ने बताया कि अब तक क्षेत्र में 97 नाव नाविकों समेत लगाई गई हैं जो क्षेत्र में काम कर रही हैं और लगातार बाढ़ के हालात पर निगरानी कराई जा रही है।