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डाक्टरों की लापरवाही से दिव्यांग प्रसूता ने तोड़ा दम
Updated Wed, 18 Jul 2018 11:16 PM IST
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डॉक्टरों की लापरवाही से दिव्यांग प्रसूता ने तोड़ा दम
गोंडा। महिला अस्पताल में दो महिला चिकित्सकों की संवेदनहीनता के चलते मंगलवार रात एक दिव्यांग प्रसूता ने दम तोड़ दिया। परिवारीजनों ने डॉक्टरों पर आपरेशन के नाम पर पांच हजार रुपये वसूलने और पूरे रुपये न देने में असमर्थ होने पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया है।
मामले को लेकर परिवारी जनों ने रात में अस्पताल में जमकर हंगामा किया, लेकिन कोई सुनवाई नही हुई। उन्होंने ृमहिला का शव ले जाने से इनकार कर दिया। महिला के पति ने दो डाक्टरों के खिलाफ कोतवाली में तहरीर ही है। सुबह महिला अस्पताल पहुंचे डीएम ने जानकारी होने पर घटना की मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए हैं।
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नगर कोतवाली क्षेत्र के ग्राम सबलपुर मथुरा चौबे निवासी राकेश कुमार ने अपनी गर्भवती दिव्यांग पत्नी सुमन देवी को प्रसव के लिए मंगलवार दोपहर जिला महिला अस्पताल में भर्ती कराया था। प्रसूता के पति राकेश के मुताबिक महिला चिकित्सक डा. ललिता टिग्गा व डा. ममता श्रीवास्तव ने बताया कि बच्चा पैदा कराने के लिए महिला का आपरेशन करना पड़ेगा।
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इसके लिए पांच हजार रुपये जमा करना पड़ेगा ताकि उसकी अच्छी देखभाल हो सके। इस पर राकेश ने पांच हजार रुपये दे दिये। इसके बाद तीन बजे सुमन का आपरेशन हुआ। बच्ची पैदा हुई। इसके बाद डॉ. ललिता टिग्गा व डॉ. मतता की ओर से सात हजार रुपये की और मांग की जाने लगी।
इस पर राकेश ने कहा कि आप इलाज करें वह पैसे का इंतजाम कर रहा है। राकेश कुमार का कहना था कि वह जब दो-तीन घंटे तक पैसे का इंतजाम नहीं कर सका तो डॉक्टर व स्टाफ नर्स सुमन के इलाज व देखभाल में लापरवाही करने लगे। इससे सुमन की हालत बिगड़ने लगी।
पत्नी की हालत बिगड़ते देख राकेश बार बार दौड़ दौड़ कर डाक्टरों व स्टाफ नर्स के आगे गिड़गिड़ता रहा लेकिन किसी ने उसकी नहीं सुनी। मरीज को कोई देखने भी नहीं आया। अंतत: जिला महिला अस्पताल के डॉक्टरों की लापरवाही के चलते सुमन देवी ने रात करीब 2:30 बजे दम तोड़ दिया।
आरोप है कि महिला की मौत के बाद अस्पताल के डाक्टर व स्टाफ नर्स महिला का शव लेकर जाने के लिए कार्रवाई की धमकी देने लगे। इस पर मृतका के परिवारीजनों में आक्रोश बढ़ गया। परिवारीजनों अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया। उन्होंने शव लेने से इन्कार कर दिया।
इस मामले में राकेश ने नगर कोतवाली में जिला महिला अस्पताल के डॉ. ललिता टिग्गा, डॉ. ममता श्रीवास्तव और स्टाफ नर्स के खिलाफ इलाज में लापरवाही करने, उसे अस्पताल से भगाने व धमकाने के मामले में तहरीर दी है। कोतवाली नगर के इंस्पेक्टर मनोज राय का कहना है कि महिला के मौत की सूचना दी गई है।
इस पर महिला के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। सीएमओ को रिपोर्ट भेजकर कार्रवाई की जाएगी। वहीं दूसरे दिन सुबह बुधवार को बेटी बचाव वृक्ष लगाओ कार्यक्रम में पहुंचे डीएम के सामने परिवारीजनों ने घटना की जानकारी देकर न्याय की गुहार लगाई। इस पर जिलाधिकारी ने जांच कराकर कर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
डीएम ने दिये मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश
महिला अस्पताल में दिव्यांग प्रसूता की डाक्टरों व अस्पताल स्टाफ की ओर से इलाज के अभाव में मौत हो जाने के मामले में जिलाधिकारी कैप्टन प्रभांशु कुमार श्रीवास्तव ने मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए हैं।
प्रसूता का आपरेशन हो गया था। बच्ची पैदा हुई। अस्पताल स्टाफ की ओर से जरूरी इंजेक्शन दवाएं दी गई थीं लेकिन आपरेशन के 12 घंटे बाद मौत हो गई।
महिला के पति की ओर से डाक्टर्स की ओर से पैसा मांगने व इलाज में लापरवाही बरते जाने के आरोपों के शिकायत पर जिलाधिकारी ने जांच कमेटी गठित कर दी है। लापरवाही पाये जाने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।’
- डा. योगेन्द्र सिंह, सीएमएस जिला महिला अस्पताल