{"_id":"59b2cd124f1c1bf47f8b5267","slug":"51504890130-gonda-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बिन चेहरे आई इस भीड़ के जज्बे को सलाम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बिन चेहरे आई इस भीड़ के जज्बे को सलाम
Updated Fri, 08 Sep 2017 11:08 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
बिन चेहरे आई इस भीड़ के जज्बे को सलाम
जबरदस्त भीड़ ने पूरे दिन नहीं खोया धीरज
प्रशासन की आधी-अधूरी तैयारी पर 5 लाख की भीड़ पड़ी भारी
राजेश तिवारी
गोंडा। भीड़ का कोई चेहरा नहीं होता। यह जानते हुए भी शुक्रवार को जिला प्रशासन ने बिना बुलाए एक ऐसी आफत मोल ले ली। जिसका खामियाजा उसे आने वाले समय में भुगतना पड़ सकता है। हालांकि इन सबके बीच तपती धूप में 6 से 8 घंटे बेतहाशा परेशान के बावजूद अगर लोगों ने अपना धीरज नहीं खोया, तो यह एक बड़ी बात है। क्योंकि भीड़ को लेकर जो मामले सूबे सहित अन्य राज्यों से सामने आए हैं, वह अपने आप में बेहद चौंकाने वाले हैं। ऐसे में सलाम है शुक्रवार को उमड़ी उस भीड़ का, जिसने प्रशासन की गल्तियों को नजरंदाज करते हुए लॉ एंड आर्डर बनाए रखने में उसका सहयोग किया। वरना शहर के एक कोने से दूसरे कोने तक उमड़ी 5 लाख से ऊपर ग्रामीणों की भीड़ प्रशासन के लिए एक बड़ा सिरदर्द बन सकती थी। जिसे व्यवस्थित करने के लिए न तो प्रशासन के पास पर्याप्त संख्या में फोर्स उपलब्ध थी न ही कोई अन्य इंतजाम। पेश है रिपोर्ट-
इनसेट
कहीं एक महीने पहले से तैयारी कहीं कुछ भी नहीं
कजरी तीज में पूरे जिले से उमड़ने वाली पांच लाख भीड़ को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन इसकी तैयारी महीने भर पहले से शुरू कर देता है। लेकिन शुक्रवार को प्रधानमंत्री आवास पाने के लिए शहर में उमड़ी पांच लाख ग्रामीणों की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन के पास कोई व्यवस्था नहीं थी। जिसका नतीजा था कि सुबह के 9 बजते ही पूरा विकास भवन ठंसाठंस भीड़ से पट गया। इसके बाद जो जाम लगना शहर में शुरू हुआ, वह शाम 4 बजे तक नहीं खत्म हो पाया। शहर की कोई गली, चौराहा और नुक्कड़ ऐसा नहीं था। जहां हजारों की संख्या में लोग जाम में न फंसे हों। इतना ही नहीं इन चौराहों पर जाम से निजात के लिए न तो कहीं कोई पुलिस बल था, न ही ट्रैफिक पुलिस।
इनसेट
कोई तीन तो पांच किलोमीटर चलकर आया पैदल
शुक्रवार को विकास भवन में आवास पाने के लिए कोई तीन किलोमीटर दूर से पैदल चलकर विकास भवन पहुंचा तो कोई पांच किलोमीटर। विकास भवन पहुंचने वाले इन लाखों लोगों में हजारों माताएं ऐसी थीं, जो तपती धूप में अपने दुधमुंहे बच्चे को सीने चिपकाए भागी चली जा रही थी। वहीं इस भीड़ में हजारों बुजुर्ग महिलाओं के अलावा 70 साल से ऊपर के ऐसे बुजुर्ग लोग भी थे, जिनके लिए एक-एक इंच भूमि चल पाना काफी मुश्किल हो रहा था।
विज्ञापन
इनसेट
पेट्रोल पंप बंद तो विद्यालय प्रशासन ने संभाला मोर्चा
शुक्रवार को मुख्यालय पर ग्रामीण क्षेत्रों से उमड़ी पांच लाख से ऊपर भीड़ को देखते हुए जिलाधिकारी आवास के ठीक सामने संचालित पेट्रोल पंप के मालिक ने बैरिकेडिंग कर पेट्रोलपंप बंद कर दिया। वहीं दिन में 1 बजे होने वाली स्कूलों की छुट्टी के बाद विद्यालय प्रशासन ने गेट पर पहरा लगा दिया। ताकि विद्यालय से निकलने वाले छोटे-छोटे बच्चे कहीं भीड़ में न गुम हो जाएं। छोटे बच्चों को विद्यालय से लाने-ले जाने के लिए चलने वाले वाहनों का पहिया भी शाम 4 बजे तब तक थमा रहा, जबतक कि भीड़ नियंत्रित नहीं हो गई। वहीं भीड़ में फंसकर दर्जनों अभिभावक अपने बच्चों को ढाई से तीन घंटे बाद लेने पहुंचे।
इनसेट
अब ब्लाकों पर जमा होगा
आधी-अधूरी तैयारी के बीच शुक्रवार को प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए विकास भवन में लगाए गए कैंप पर जब अव्यवस्थाएं चरम पर पहुंच गई तो सदर विधायक प्रतीक भूषण शरण सिंह ने लोगों से कहा कि अब सारे लोग अपने घर चले जाएं। उनके आवासों के लिए रजिस्ट्रेशन और आधार कार्ड जमा करने का सारा काम अब ब्लाकों पर होगा। माइक से कई राउंड इसकी घोषणा शहर के हर चौक-चौराहे से की जाने लगी। वहीं पुलिस को भी शहर के हर उस रास्ते पर एलर्ट कर दिया गया। जहां से लोग विकास भवन की ओर चले आ रहे थे।
जबरदस्त भीड़ ने पूरे दिन नहीं खोया धीरज
प्रशासन की आधी-अधूरी तैयारी पर 5 लाख की भीड़ पड़ी भारी
राजेश तिवारी
गोंडा। भीड़ का कोई चेहरा नहीं होता। यह जानते हुए भी शुक्रवार को जिला प्रशासन ने बिना बुलाए एक ऐसी आफत मोल ले ली। जिसका खामियाजा उसे आने वाले समय में भुगतना पड़ सकता है। हालांकि इन सबके बीच तपती धूप में 6 से 8 घंटे बेतहाशा परेशान के बावजूद अगर लोगों ने अपना धीरज नहीं खोया, तो यह एक बड़ी बात है। क्योंकि भीड़ को लेकर जो मामले सूबे सहित अन्य राज्यों से सामने आए हैं, वह अपने आप में बेहद चौंकाने वाले हैं। ऐसे में सलाम है शुक्रवार को उमड़ी उस भीड़ का, जिसने प्रशासन की गल्तियों को नजरंदाज करते हुए लॉ एंड आर्डर बनाए रखने में उसका सहयोग किया। वरना शहर के एक कोने से दूसरे कोने तक उमड़ी 5 लाख से ऊपर ग्रामीणों की भीड़ प्रशासन के लिए एक बड़ा सिरदर्द बन सकती थी। जिसे व्यवस्थित करने के लिए न तो प्रशासन के पास पर्याप्त संख्या में फोर्स उपलब्ध थी न ही कोई अन्य इंतजाम। पेश है रिपोर्ट-
इनसेट
कहीं एक महीने पहले से तैयारी कहीं कुछ भी नहीं
कजरी तीज में पूरे जिले से उमड़ने वाली पांच लाख भीड़ को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन इसकी तैयारी महीने भर पहले से शुरू कर देता है। लेकिन शुक्रवार को प्रधानमंत्री आवास पाने के लिए शहर में उमड़ी पांच लाख ग्रामीणों की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन के पास कोई व्यवस्था नहीं थी। जिसका नतीजा था कि सुबह के 9 बजते ही पूरा विकास भवन ठंसाठंस भीड़ से पट गया। इसके बाद जो जाम लगना शहर में शुरू हुआ, वह शाम 4 बजे तक नहीं खत्म हो पाया। शहर की कोई गली, चौराहा और नुक्कड़ ऐसा नहीं था। जहां हजारों की संख्या में लोग जाम में न फंसे हों। इतना ही नहीं इन चौराहों पर जाम से निजात के लिए न तो कहीं कोई पुलिस बल था, न ही ट्रैफिक पुलिस।
विज्ञापन
इनसेट
कोई तीन तो पांच किलोमीटर चलकर आया पैदल
शुक्रवार को विकास भवन में आवास पाने के लिए कोई तीन किलोमीटर दूर से पैदल चलकर विकास भवन पहुंचा तो कोई पांच किलोमीटर। विकास भवन पहुंचने वाले इन लाखों लोगों में हजारों माताएं ऐसी थीं, जो तपती धूप में अपने दुधमुंहे बच्चे को सीने चिपकाए भागी चली जा रही थी। वहीं इस भीड़ में हजारों बुजुर्ग महिलाओं के अलावा 70 साल से ऊपर के ऐसे बुजुर्ग लोग भी थे, जिनके लिए एक-एक इंच भूमि चल पाना काफी मुश्किल हो रहा था।
विज्ञापन
इनसेट
पेट्रोल पंप बंद तो विद्यालय प्रशासन ने संभाला मोर्चा
शुक्रवार को मुख्यालय पर ग्रामीण क्षेत्रों से उमड़ी पांच लाख से ऊपर भीड़ को देखते हुए जिलाधिकारी आवास के ठीक सामने संचालित पेट्रोल पंप के मालिक ने बैरिकेडिंग कर पेट्रोलपंप बंद कर दिया। वहीं दिन में 1 बजे होने वाली स्कूलों की छुट्टी के बाद विद्यालय प्रशासन ने गेट पर पहरा लगा दिया। ताकि विद्यालय से निकलने वाले छोटे-छोटे बच्चे कहीं भीड़ में न गुम हो जाएं। छोटे बच्चों को विद्यालय से लाने-ले जाने के लिए चलने वाले वाहनों का पहिया भी शाम 4 बजे तब तक थमा रहा, जबतक कि भीड़ नियंत्रित नहीं हो गई। वहीं भीड़ में फंसकर दर्जनों अभिभावक अपने बच्चों को ढाई से तीन घंटे बाद लेने पहुंचे।
इनसेट
अब ब्लाकों पर जमा होगा
आधी-अधूरी तैयारी के बीच शुक्रवार को प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए विकास भवन में लगाए गए कैंप पर जब अव्यवस्थाएं चरम पर पहुंच गई तो सदर विधायक प्रतीक भूषण शरण सिंह ने लोगों से कहा कि अब सारे लोग अपने घर चले जाएं। उनके आवासों के लिए रजिस्ट्रेशन और आधार कार्ड जमा करने का सारा काम अब ब्लाकों पर होगा। माइक से कई राउंड इसकी घोषणा शहर के हर चौक-चौराहे से की जाने लगी। वहीं पुलिस को भी शहर के हर उस रास्ते पर एलर्ट कर दिया गया। जहां से लोग विकास भवन की ओर चले आ रहे थे।