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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gonda News ›   500 acres crop of 150 farmers waste

150 किसानों की 500 बीघा फसल बर्बाद

Thu, 24 Dec 2015 10:51 PM IST
गोंडा/अमर उजाला ब्यूरो
गोंडा/अमर उजाला ब्यूरो Updated Thu, 24 Dec 2015 10:51 PM IST
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बहराइच से आई गोंडा ब्रांच की एक नहर बुधवार की रात मोतीगंज इलाके में 81-82 किलोमीटर के बीच कट जाने से 150 किसानों की करीब 500 बीघा फसल जलमग्न हो गई। नहर कटने से तबाह हुईं फसलों के विरोध में गांव के किसानों ने एकत्र होकर नहर विभाग के खिलाफ प्रदर्शन किया। वहीं, नहर कटने के घंटों बाद भी उसे बांधने के लिए कोई प्रयास नहीं हुए, जिससे नहर का पानी लगातार किसानों के खेतों में भर रहा है।
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    बताया जाता है कि बहराइच से आई सरयू नहर खंड चार की एक ब्रांच मोतीगंज इलाके से होते हुए आगे जाती है। यह नहर काफी दिनों सूखी पड़ी थी। बुधवार की रात इस नहर में बहराइच से पानी छोड़ा गया, लेकिन जगह-जगह से कटी नहर को बांधने के बारे में किसी ने नहीं सोचा।
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जिसका नतीजा यह हुआ कि बुधवार की रात जैसे ही पानी मोतीगंज इलाके में पहुंचा कि प्रेशर तेज होने के कारण जो नहर पहले से कटी थी, उसका दायरा बढ़ गया और नहर का पानी खेतों में भरने लगा। सुबह जब किसान रोजमर्रा का काम निपटाने के लिए खेतों की तरफ गए तो फसलों में पानी भरा देखा। इससे वे सन्न रह गए।
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    आनन-फानन में सांगीपुर गांव के प्रधान प्रतिनिधि रविंद्र ओझा ने इसकी सूचना नहर विभाग के जेई को दी, लेकिन वह सूचना मिलने के काफी देर बाद भी मौके पर नहीं पहुंचे और न ही नहर विभाग का कोई अफसर मौके पर आया। इससे नाराज किसानों ने एकत्र होकर नहर विभाग के खिलाफ नाराजगी करते हुए प्रदर्शन किया।

प्रधान प्रतिनिधि रविंद्र ओझा ने बताया कि नहर कटने से सांगीपुर सहित आसपास के छह गांवों में रहने वाले करीब 150 किसानों की 500 बीघा फसल पानी भरने से बर्बाद हो गई है। जिसमें साढ़े तीन सौ बीघा गेहूं की फसल के अलावा सरसों, मटर और गन्ने की फसलें शामिल हैं, जिसमें घुटनों से ऊपर तक पानी भरा हुआ है।

इन गांवों के किसानों की तबाह हुईं फसलें
मोतीगंज इलाके में नहर कटने से सांगीपुर के प्रधान प्रतिनिधि रविंद्र ओझा के साथ ही गांव निवासी रामखेलावन, रामसमोखन, शेषदत्त, विनोद, शिवा, महेश, संतोष विशुनदत्त, पप्पू, रविंद्र, राजकिशोर, ननकू, राजेंद्र, जयकरन, केतकी, पहलेपार के राजाराम, जगदंबा प्रसाद, रामनरेश, सीताराम, आशिक अली, मंगरहवा के विंदेश्वरीप्रसाद, जगदंबा, राजकिशोर, विद्यानंद, भगवानदीनपुरवा के जोखन पांडेय, डब्बू दुबे, कृपाराम, रामतेज, रामबुगले, पप्पू सहित दुरांव, भवानीपुर, किन्हौना, होलिहारपुर गांव के तमाम किसान शामिल हैं।

पिता का लखनऊ में इलाज चल रहा है, जिन्हें देखने के लिए लखनऊ चला आया हूं। सांगीपुर गांव के प्रधान प्रतिनिधि से इसकी सूचना मिली थी। इसके बाद ठेकेदारों को लगाकर नहर बंधवाने के लिए बोल दिया है।

-दिनेश, अवर अभियंता, सरयू नहर खंड चार

सिंचाई के लिए इलाकाई किसान जहां होता है, वहां नहर को काट दिया करते हैं। काटते समय वह यह भी ध्यान नहीं रखते कि अगर उसके कटान का दायरा ज्यादा होगा तो पानी का प्रेशर पड़ने से वह और भी बढ़ सकता है। इससे पानी नहर के रास्ते आगे जाने के बजाय उनके खेतों में भरने लगेगा। मोतीगंज इलाके में जो नहर कटी है, उसका मुख्य कारण भी यही है। इसके लिए नहर को बंधवाए जाने का काम फौरी तौर पर शुरू करवा दिया गया है। नहर के पानी को कम करने के लिए भी बोल दिया गया है।-एसपी शुक्ल, अधिशाषी अभियंता सरयू नहर खंड चार
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