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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gonda News ›   49 percent children suffering from malnutrition in the district

जिले में 49 प्रतिशत बच्चे कुपोषण का शिकार

Mon, 22 Feb 2016 11:32 PM IST
बलरामपुर/अमर उजाला ब्यूरो
बलरामपुर/अमर उजाला ब्यूरो Updated Mon, 22 Feb 2016 11:32 PM IST
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जिले में 49 प्रतिशत बच्चे कुपोषण का शिकार हैं। सरकारी सर्वे में जिले के कुपोषित बच्चों का आंकड़ा जुटाया गया है। जिला मेमोरियल अस्पताल में संचालित पोषण पुनर्वास केंद्र में कुपोषित बच्चों का मुफ्त इलाज कराने की अपील की गई है। दवा व भोजन के साथ-साथ पीड़ित परिवारों को आर्थिक मदद भी मुहैया कराई जाएगी।
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जिला मेमोरियल अस्पताल के सीएमएस डॉ. एसएचआई जैदी ने सोमवार को बताया कि कुपोषण से पीड़ित बच्चों का मुफ्त इलाज किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि बच्चों में कुपोषण एक गंभीर समस्या है।
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सर्वे रिपोर्ट के मुताबिक जिले में तीन वर्ष से कम आयु के 42 प्रतिशत बच्चों का वजन काफी कम होने के कारण कुपोषण से पीड़ित हैं। 7 प्रतिशत बच्चे अति गंभीर कुपोषण से ग्रस्त हैं।
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आंकड़ों के आधार पर जिले में 49 प्रतिशत बच्चे कुुपोषण का शिकार हैं। इन बच्चों के मृत्यु की संभावना 9 प्रतिशत अधिक होती है। अति गंभीर कुपोषित बच्चों का मुफ्त इलाज कराने के लिए जिला मेमोरियल अस्पताल में 10 बेड का पोषण पुनर्वास केंद्र संचालित हो रहा है।

 इलाज के लिए केंद्र में भर्ती होने वाले कुपोषित बच्चों को मुफ्त दवा व पोषक आहार उपलब्ध कराने के साथ-साथ बेहतर देखभाल के लिए उपचारिका, न्यूट्रीशियन, भंडारी व केयर टेकर तैनात कर दिया गया है।

पांच वर्ष तक के अति कुपोषित बच्चों का मुफ्त इलाज किया जाएगा। 24 घंटे देेखभाल के साथ-साथ बीमारी की जांच एवं जटिलताओं के अनुसार चिक्तिसकीय उपचार किया जा रहा है।

कुपोषित बच्चों के उपचार के दौरान 15 दिन में दो बार व दो माह में चार बार चेक अप किया जाता है। 15 दिन तक भर्ती रहने पर बच्चे के माता अथवा पिता को 100 रुपये प्रतिदन की दर से आर्थिक मदद भी मुहैया कराई जाएगी।


आर्थिक मदद माता अथवा पिता के बैंक अकाउंट में धनराशि सीधे भेजी जाएगी। कुपोषण से बचाव के लिए सभी सरकारी अस्पतालों में चिकित्सकीय उपचार, बच्चों के परिवारीजनों को उचित खान-पान व साफ-सफाई की सलाह दी जा रही है।
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