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पहाड़ी नालों के पानी से उफनाई घाघरा, खतरे के निशान को छूने को बेताब

Mon, 02 Jul 2018 10:52 PM IST
Updated Mon, 02 Jul 2018 10:52 PM IST
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पहाड़ी नालों के पानी से उफनाई घाघरा, खतरे के निशान को छूने को बेताब
घाघरा ने बदले तेवर, खतरे के निशान को छूने को बेताब
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गोंडा। पहाड़ों पर लगातार हो रही बारिश से पहाड़ी नालों के पानी से घाघरा नदी उफनाने लगी है। सोमवार को घाघरा का जलस्तर अचानक बढ़ने लगा। घाघरा नदी भी बढ़ते जलस्तर से खतरे का निशान छूने को बेताब हो रही है।

घाघरा नदी के बढ़ते जलस्तर ने एक बार फिर करनैलगंज तहसील की तकरीबन 90 ग्राम पंचायतों के 600 मजरों के लोगों को की धड़कनों को बढ़ा दिया है। सोमवार को घाघरा नदी में पहाड़ी नालों का पानी आ जाने से एका-एक नदी का जलस्तर बढ़ने लगा।
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सोमवार की सुबह जल स्तर खतरे का निशान 106.07 के सापेक्ष 102.116 पर चल रहा था। वहीं नदी का जल स्तर सुबह से शाम 4 बजे तक प्रति घंटा 2 सेंटीमीटर के हिसाब से बढ़ता रहा।
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दिन में 2 बजे तक नदी का जलस्तर 103.236 पर आ गया और लगातार बढ़ रहा है। तेजी से बढ़ रहे जल स्तर से घाघरा नदी खतरे के निशान को छूने को बेताब हो रही है। अगर घाघरा नदी तेजी से बढ़ती रही तो इस साल बाढ़ से भारी तबाही भी हो सकती है।

बाढ़ से क्षेत्र के लोगों के बचाव के लिए प्रशासन बांध का पूरा निर्माण भी अभी तक नहीं करा सका है। ग्राम काशीपुर व नकहरा के सामने जहां पिछले साल बांध कटा था, उस हिस्से में प्रशासन अभी तक बांध का निर्माण नहीं करा सका है।

अभी गांव के किनारे चकमार्ग पर मिट्टी पटाई कर ऊंचा करने का काम चल ही रहा है। इधर घाघरा ने आंखें तरेरनी शरू कर दी है। यदि घाघरा नदी के इसी तेजी से बढ़ती रही तो बहुत जल्द ही करनैलगंज तहसील क्षेत्र की अधिकांश आबादी बाढ़ की चपेट में आ सकती है।

97 करोड़ की लागत से बन रहे नए बांध का आधा अधूरा काम भी चल रहा है। मौके पर सिंचाई विभाग के अधिकारी बंधे को बनवाने में जुटे हुए हैं।

यह बंधा 4.775 किलोमीटर का बनना था जिसमें 1.8 किलोमीटर बांध का निर्माण अभी तक नहीं हो पाया है। नकहरा व काशीपुर गांव के ग्रामीणों के विरोध के चलते इस बांध का निर्माण भी अधूरा पड़ा है।

करनैलगंज व तरबगंज में कंट्रोल रूम चालू

करनैलगंज क्षेत्र को बाढ़ से बचाने की कवायद भी तेज हो गई। करनैलगंज तहसील में कंट्रोल रूम की स्थापना कर कर दी गई है। कंट्रोल रूम के फोन नंबर 05261-244381 को भी चालू कर दिया गया।

बाढ़ में सबसे ज्यादा प्रभावित होने वाली दो बाढ़ चौकियों गौरासिंहपुर व पाल्हापुर को भी अलर्ट कर दिया गया है। दूसरी तरफ तरबगंज तहसील में भी कंट्रोल रूम खोला गया है।

कंट्रोल रुम का फोन नंबर 05262-255097 है। एसडीएम तरबगंज सौरभ भट्ट ने बताया कि नायब तहसीलदार ईवेन्द्र कुमार को बाढ़ कंट्रोल रुम का प्रभारी नामित किया गया है। जिनका मोबाइल नंबर 7905524149 है।

-घाघरा नदी का जलस्तर काफी तेजी से बढ़ रहा है, जो अभी 104 के नीचे है। उसके बावजूद तहसील प्रशासन की ओर से कंट्रोल रूम की स्थापना करने के साथ ही बाढ़ चौकियों को अलर्ट करने का काम कर दिया गया है। बाढ़ चौकी प्रभारी व लेखपालों की तैनाती की जा रही है।

-मिश्री सिंह चौहान, तहसीलदार करनैलगंज

-घाघरा नदी का जलस्तर बढ़ने से अभी नदी बांध से काफी दूरी पर है। बांध को मजबूत बनाने व स्पर, ठोकर बनाने का कार्य तेजी से चलाया जा रहा है। लगातार बांध व नदी के बढ़ते जलस्तर की निगरानी की जा रही है।
-अमरेश सिंह, सहायक अभियंता, सिंचाई विभाग
फोटो-21,22
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