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करवा चौथ ने मजबूत की पति-पत्नी के रिश्तों की डोर
Updated Sat, 07 Oct 2017 10:31 PM IST
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आधी सदी बीत गई तेरे साथ चलते-चलते
करवा चौथ ने मजबूत की पति-पत्नी के रिश्तों की डोर
अमरउ जाला ब्यूरो
गोंडा। करवा चौथ ऐसा त्यौहार है जिसने पति-पत्नी के बीच रिश्तों के डोर को हमेशा मजबूत किया है। पति-पत्नी के बीच कितना ही मनमुटाव हो लेकिन पत्नी पति के लिए दिन भर निराजली व्रत रख उसके हाथ से ही व्रत का समापन करने का संकल्प लेती है तो कितना ही निठुर पति क्यों न हो, उसका दिल पिघल जाता है। कुछ ऐसे ही अनुभव यहां गोल्डेन जुबली मना रहे बुजुर्ग जोड़ों ने साझा किए।
व्रत ने पूरी की संबंधों में मधुरता की उम्मीदें
खरगूपुर बाजार निवासी राम किशोर रस्तोगी (84)की पत्नी विमला रस्तोगी (80)का कहना था कि वह 54 साल से करवा चौथ का व्रत रख रही हैं लेकिन इस व्रत में ऐसी शक्ति है कि जैसे ही यह नजदीक आने लगता है, रिश्तों में कितनी भी खटास क्यों न हो लेकिन धीरे-धीरे मधुरता आने लगती है। वह कहती है कि कई ऐसे मौके आए जब उन्हें लगा कि इस बार व्रत संबंधों में सुधार नहीं ला पाएगा लेकिन हर बार उम्मीदें पूरी हुईं। भगवान की कृपा से उनका भरा पूरा परिवार है
8-गोंडा में खरगूपुर बाजार निवासी राम किशोर रस्तोगी(84) एवं विमला रस्तोगी (80)जो मना रहे गोल्डेन जुबली
पत्नी का समर्पण देख पिघल जाता है पति का दिल
बनगाई निवासी जितेंद्र नाथ मिश्र(68) की पत्नी राधा दवी (65) का कहना है कि हिंदू सनातन पद्धति में करवा चौथ सुहागिनों का त्यौहार है। इस पर्व में जब महिलाएं हाथों में चूड़ी पहन मेहंदी रचाते हुए सोलह श्रृंगार करके अपने पति की पूजा करती हैं तो पति के मन में कितनी नफरत क्यों न हो,अपने आप खत्म हो जाती है। कार्तिक कृष्ण की चंद्रोदय व्यापिनी चतुर्थी को होने वाले इस व्रत को लेकर अलग अलग क्षेत्रों में वहां की प्रचलित मान्यताएं हैं लेकिन इन सभी का उद्देश्य पति की दीर्घांयु ही होता है। जब पति के लिए दिन भर सुहागिन बिना अन्न व जल ग्रहण किए भूखी रहती है तो पति का दिल अपने आप पिघल जाता है।
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9-गोंडा में जितेंद्र नाथ मिश्र(68) व राधा दवी (66)
करवा चौथ ने मजबूत की पति-पत्नी के रिश्तों की डोर
अमरउ जाला ब्यूरो
गोंडा। करवा चौथ ऐसा त्यौहार है जिसने पति-पत्नी के बीच रिश्तों के डोर को हमेशा मजबूत किया है। पति-पत्नी के बीच कितना ही मनमुटाव हो लेकिन पत्नी पति के लिए दिन भर निराजली व्रत रख उसके हाथ से ही व्रत का समापन करने का संकल्प लेती है तो कितना ही निठुर पति क्यों न हो, उसका दिल पिघल जाता है। कुछ ऐसे ही अनुभव यहां गोल्डेन जुबली मना रहे बुजुर्ग जोड़ों ने साझा किए।
व्रत ने पूरी की संबंधों में मधुरता की उम्मीदें
खरगूपुर बाजार निवासी राम किशोर रस्तोगी (84)की पत्नी विमला रस्तोगी (80)का कहना था कि वह 54 साल से करवा चौथ का व्रत रख रही हैं लेकिन इस व्रत में ऐसी शक्ति है कि जैसे ही यह नजदीक आने लगता है, रिश्तों में कितनी भी खटास क्यों न हो लेकिन धीरे-धीरे मधुरता आने लगती है। वह कहती है कि कई ऐसे मौके आए जब उन्हें लगा कि इस बार व्रत संबंधों में सुधार नहीं ला पाएगा लेकिन हर बार उम्मीदें पूरी हुईं। भगवान की कृपा से उनका भरा पूरा परिवार है
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8-गोंडा में खरगूपुर बाजार निवासी राम किशोर रस्तोगी(84) एवं विमला रस्तोगी (80)जो मना रहे गोल्डेन जुबली
पत्नी का समर्पण देख पिघल जाता है पति का दिल
बनगाई निवासी जितेंद्र नाथ मिश्र(68) की पत्नी राधा दवी (65) का कहना है कि हिंदू सनातन पद्धति में करवा चौथ सुहागिनों का त्यौहार है। इस पर्व में जब महिलाएं हाथों में चूड़ी पहन मेहंदी रचाते हुए सोलह श्रृंगार करके अपने पति की पूजा करती हैं तो पति के मन में कितनी नफरत क्यों न हो,अपने आप खत्म हो जाती है। कार्तिक कृष्ण की चंद्रोदय व्यापिनी चतुर्थी को होने वाले इस व्रत को लेकर अलग अलग क्षेत्रों में वहां की प्रचलित मान्यताएं हैं लेकिन इन सभी का उद्देश्य पति की दीर्घांयु ही होता है। जब पति के लिए दिन भर सुहागिन बिना अन्न व जल ग्रहण किए भूखी रहती है तो पति का दिल अपने आप पिघल जाता है।
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9-गोंडा में जितेंद्र नाथ मिश्र(68) व राधा दवी (66)