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मंदिर के सामने शराब की दुकानें खुलसे से लोगों में आक्रोश
Updated Sat, 17 Jun 2017 03:03 AM IST
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मंदिर के सामने शराब की दुकानें खुलने से आक्रोश
अमर उजाला ब्यूरो
करनैलगंज(गोंडा)। करनैलगंज में पूजा स्थलों के बगल खुली शराब की दुकानों का मामला एक बार फिर उठने लगा है। एसडीएम, सीओ, आबकारी अधिकारी की जांच व पुलिस द्वारा दुकानों का स्थानान्तरण अलग कराने के लिए पांच दिन की मोहलत लेने के बाद भी दुकानों के न हटाये जाने से नाराज ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री के जनता दर्शन में मामला पहुंचाने की धमकी दी है। ग्राम करनैलगंज ग्रामीण निवासी महादेव मौर्या सहित अन्य ग्रामीणों ने आयुक्त को भेजे गये प्रार्थना पत्र में शुक्रवार को लिखा है कि परसपुर मार्ग पर जहां अंग्रेजी व देशी शराब की दुकानें हैं उसके आसपास मंदिर व घनी आबादी व विद्यालय हैं। जिसकी कई बार शिकायत एवं धरना प्रदर्शन किया गया। एसडीएम, सीओ, आबकारी अधिकारी ने मामले की जांच की तथा दुकानों को हटवाये जाने की रिपोर्ट डीएम को भेजी मगर दो माह बीतने के बाद भी दुकानें नहीं हटाई गईं। एक माह पूर्व ग्रामीणों का आक्रोश देख मौजूदा कोतवाल ने पांच दिन का समय मांगा था तथा दुकान को हटवाने का आश्वासन दिया था उस पर भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री के जनता दर्शन में मामले को उठाने व अधिकारियों की संलिप्तता को उनके सामने रखने की धमकी दी है। कोतवाल अंगद राय का कहना है कि मामला आबकारी विभाग से जुड़ा है दुकानों को विभाग ने वहां कराया है। उसे अलग शिफ्ट कराने के लिए कहा गया है।
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अमर उजाला ब्यूरो
करनैलगंज(गोंडा)। करनैलगंज में पूजा स्थलों के बगल खुली शराब की दुकानों का मामला एक बार फिर उठने लगा है। एसडीएम, सीओ, आबकारी अधिकारी की जांच व पुलिस द्वारा दुकानों का स्थानान्तरण अलग कराने के लिए पांच दिन की मोहलत लेने के बाद भी दुकानों के न हटाये जाने से नाराज ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री के जनता दर्शन में मामला पहुंचाने की धमकी दी है। ग्राम करनैलगंज ग्रामीण निवासी महादेव मौर्या सहित अन्य ग्रामीणों ने आयुक्त को भेजे गये प्रार्थना पत्र में शुक्रवार को लिखा है कि परसपुर मार्ग पर जहां अंग्रेजी व देशी शराब की दुकानें हैं उसके आसपास मंदिर व घनी आबादी व विद्यालय हैं। जिसकी कई बार शिकायत एवं धरना प्रदर्शन किया गया। एसडीएम, सीओ, आबकारी अधिकारी ने मामले की जांच की तथा दुकानों को हटवाये जाने की रिपोर्ट डीएम को भेजी मगर दो माह बीतने के बाद भी दुकानें नहीं हटाई गईं। एक माह पूर्व ग्रामीणों का आक्रोश देख मौजूदा कोतवाल ने पांच दिन का समय मांगा था तथा दुकान को हटवाने का आश्वासन दिया था उस पर भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री के जनता दर्शन में मामले को उठाने व अधिकारियों की संलिप्तता को उनके सामने रखने की धमकी दी है। कोतवाल अंगद राय का कहना है कि मामला आबकारी विभाग से जुड़ा है दुकानों को विभाग ने वहां कराया है। उसे अलग शिफ्ट कराने के लिए कहा गया है।