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409 करोड़ रुपये से होगा जिले का विकास
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11ड्ड- गोंडा के जिला पंचायत सभागार में जिला योजना की बैठक में कैसरगंज सांसद वृजभूषण शरण सिंह।
- फोटो : GONDA
गोंडा। बुधवार को जिला पंचायत सभागार में वित्तीय वर्ष 2019-20 के लिए जिला योजना समिति की बैठक बिना प्रभारी मंत्री के ही हुई। समिति के अध्यक्ष प्रभारी मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह हैं। वे दिल्ली में जाने के कारण बैठक में नहीं आ सके। उन्होंने इसकी सूचना जिला प्रशासन को दे दी थी। समिति के सदस्यों की सहमति से सांसद कैसरगंज बृजभूषण शरण सिंह ने बैठक की अध्यक्षता की। समिति ने 409 करोड़ 12 लाख रुपये की जिला योजना का परिव्यय अनुमोदित किया। अब प्रभारी मंत्री की सहमति के बाद इसे स्वीकृति करके शासन को भेजा जाएगा।
विभागों की समीक्षा में कृषि विभाग की योजनाओं की जानकारी किसानों को पंचायत स्तर पर किसान पाठशालाओं से देने का निर्देश दिया। विधायक सदर प्रतीक भूषण सिंह ने बताया कि गन्ना किसानों को मुख्यालय पर पर्ची दी जाए और संशोधन भी हो। सड़कों के मरम्मत कराने की मांग हुई। लघु सिंचाई विभाग से 8875 बोरिंगों का प्रस्ताव रखा गया है। विधायक कटरा बाजार बावन सिंह ने सड़क किनारे घायल पशुओं के इलाज के लिए मोबाइल वैन की व्यवस्था का सुझाव दिया।
मृत पशुओं को उठाने के लिए ब्लॉक स्तर पर व्यवस्था करने की मांग की। अध्यक्षता कर रहे सांसद ने ऐतिहासिक स्थलों की सूची मांगी। बीएसए ने बताया कि 1600 स्कूलों का कायाकल्प कराया गया है। स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने पर जोर दिया गया। बैठक में विधायक तरबगंज प्रेम नरायन पांडेय, मेहनौन विनय द्विवेदी, गौरा प्रभात वर्मा, एमएलसी रणविजय सिंह, डीएम डॉ. नितिन बंसल, सीडीओ आशीष कुमार, विधायक मनकापुर प्रतिनिधि वेद प्रकाश दूबे, सांसद प्रतिनिधि संजीव सिंह, एमएलसी शिक्षा क्षेत्र के प्रतिनिधि अजीत सिंह आदि मौजूद रहे।
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43 विभागों के प्रस्तावित बजट को मिली हरी झंडी
जिला योजना समिति की बैठक में 43 विभागों के लिए 409.12 करोड़ रुपये के परिव्यय पर चर्चा हुई। जिसमें मनरेगा के लिए 116 करोड़ 13 लाख 74 हजार रुपए, ग्रामीण स्वच्छता के लिए 74.26 करोड़, ग्रामीण आवास के लिए 11 करोड़ 85 लाख 60 हजार रुपए, समाज कल्याण विभाग के लिए 20 करोड़ 90 लाख 40 हजार रुपए, लोक निर्माण विभाग के लिए 43 करोड़ 47 लाख 77 हजार, गन्ना विभाग के लिए 7 करोड़ 58 लाख 23 हजार, वन विभाग के लिए 9 करोड़ 34 हजार, सामान्य जाति छात्रवृत्ति के लिए 7 करोड़ 99 लाख 98 हजार के परिव्यय का अनुमोदन किया।
इसके अलावा महिला कल्याण के लिए एक करोड़ 86 लाख 60 हजार, सिंचाई एवं जल संसाधन हेतु 1.50 करोड़, सहकारिता विभाग के लिए 5 करोड़, औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान के लिए 1.50 करोड़, बेसिक शिक्षा के लिए 2 करोड़ 50 लाख 15 हजार, पर्यटन के लिए 2.70 करोड़, राजकीय लघु सिंचाई के लिए 85 लाख, दुग्ध विकास के लिए एक करोड़ 12 लाख 55 हजार, पशु पालन के लिए एक करोड़ 98 लाख 49 हजार रुपये, लघु एवं सीमान्त कृृषकों की सहायता के लिए 2.80 करोड़ सहित विभिन्न विभागों से प्रस्तावित 409.12 करोड़ रुपये के परिव्यय का अनुमोदन किया गया।
गोंडा सांसद ने बनाई दूरी, करनैलगंज विधायक भी नहीं आए
जिला योजना समिति की बैठक से गोंडा से भाजपा सांसद कीर्तिवर्धन सिंह उर्फ राजा भैय्या नहीं आए। इससे जिले की सियासी संदेश भी निकलते दिखे। बताया जा रहा है कि प्रभारी मंत्री ने पहले जिला योजना समिति की बैठक की अध्यक्षता के लिए गोंडा के सांसद कीर्तिवर्धन सिंह को नामित किया था। बाद में कैसरगंज सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने इस स्थिति पर चिंता जताई थी।
फिर प्रभारी मंत्री ने खुद ही अध्यक्षता करने का कार्यक्रम जारी किया जो ऐन वक्त पर रद्द हो गया। इसके बाद कैसरगंज सांसद ने समिति के सदस्यों की सहमति से अध्यक्षता की। इसी के चलते सांसद गोंडा न तो खुद ही आए न ही उनके प्रतिनिधि ही शामिल हुए। इसके साथ ही करनैलगंज के विधायक अजय प्रताप सिंह उर्फ लल्ला भैय्या भी नहीं आए।
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विभागों की समीक्षा में कृषि विभाग की योजनाओं की जानकारी किसानों को पंचायत स्तर पर किसान पाठशालाओं से देने का निर्देश दिया। विधायक सदर प्रतीक भूषण सिंह ने बताया कि गन्ना किसानों को मुख्यालय पर पर्ची दी जाए और संशोधन भी हो। सड़कों के मरम्मत कराने की मांग हुई। लघु सिंचाई विभाग से 8875 बोरिंगों का प्रस्ताव रखा गया है। विधायक कटरा बाजार बावन सिंह ने सड़क किनारे घायल पशुओं के इलाज के लिए मोबाइल वैन की व्यवस्था का सुझाव दिया।
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मृत पशुओं को उठाने के लिए ब्लॉक स्तर पर व्यवस्था करने की मांग की। अध्यक्षता कर रहे सांसद ने ऐतिहासिक स्थलों की सूची मांगी। बीएसए ने बताया कि 1600 स्कूलों का कायाकल्प कराया गया है। स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने पर जोर दिया गया। बैठक में विधायक तरबगंज प्रेम नरायन पांडेय, मेहनौन विनय द्विवेदी, गौरा प्रभात वर्मा, एमएलसी रणविजय सिंह, डीएम डॉ. नितिन बंसल, सीडीओ आशीष कुमार, विधायक मनकापुर प्रतिनिधि वेद प्रकाश दूबे, सांसद प्रतिनिधि संजीव सिंह, एमएलसी शिक्षा क्षेत्र के प्रतिनिधि अजीत सिंह आदि मौजूद रहे।
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43 विभागों के प्रस्तावित बजट को मिली हरी झंडी
जिला योजना समिति की बैठक में 43 विभागों के लिए 409.12 करोड़ रुपये के परिव्यय पर चर्चा हुई। जिसमें मनरेगा के लिए 116 करोड़ 13 लाख 74 हजार रुपए, ग्रामीण स्वच्छता के लिए 74.26 करोड़, ग्रामीण आवास के लिए 11 करोड़ 85 लाख 60 हजार रुपए, समाज कल्याण विभाग के लिए 20 करोड़ 90 लाख 40 हजार रुपए, लोक निर्माण विभाग के लिए 43 करोड़ 47 लाख 77 हजार, गन्ना विभाग के लिए 7 करोड़ 58 लाख 23 हजार, वन विभाग के लिए 9 करोड़ 34 हजार, सामान्य जाति छात्रवृत्ति के लिए 7 करोड़ 99 लाख 98 हजार के परिव्यय का अनुमोदन किया।
इसके अलावा महिला कल्याण के लिए एक करोड़ 86 लाख 60 हजार, सिंचाई एवं जल संसाधन हेतु 1.50 करोड़, सहकारिता विभाग के लिए 5 करोड़, औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान के लिए 1.50 करोड़, बेसिक शिक्षा के लिए 2 करोड़ 50 लाख 15 हजार, पर्यटन के लिए 2.70 करोड़, राजकीय लघु सिंचाई के लिए 85 लाख, दुग्ध विकास के लिए एक करोड़ 12 लाख 55 हजार, पशु पालन के लिए एक करोड़ 98 लाख 49 हजार रुपये, लघु एवं सीमान्त कृृषकों की सहायता के लिए 2.80 करोड़ सहित विभिन्न विभागों से प्रस्तावित 409.12 करोड़ रुपये के परिव्यय का अनुमोदन किया गया।
गोंडा सांसद ने बनाई दूरी, करनैलगंज विधायक भी नहीं आए
जिला योजना समिति की बैठक से गोंडा से भाजपा सांसद कीर्तिवर्धन सिंह उर्फ राजा भैय्या नहीं आए। इससे जिले की सियासी संदेश भी निकलते दिखे। बताया जा रहा है कि प्रभारी मंत्री ने पहले जिला योजना समिति की बैठक की अध्यक्षता के लिए गोंडा के सांसद कीर्तिवर्धन सिंह को नामित किया था। बाद में कैसरगंज सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने इस स्थिति पर चिंता जताई थी।
फिर प्रभारी मंत्री ने खुद ही अध्यक्षता करने का कार्यक्रम जारी किया जो ऐन वक्त पर रद्द हो गया। इसके बाद कैसरगंज सांसद ने समिति के सदस्यों की सहमति से अध्यक्षता की। इसी के चलते सांसद गोंडा न तो खुद ही आए न ही उनके प्रतिनिधि ही शामिल हुए। इसके साथ ही करनैलगंज के विधायक अजय प्रताप सिंह उर्फ लल्ला भैय्या भी नहीं आए।